‘जंग से बचेंगे पुल, रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर! स्टेनलेस स्टील उद्योग ने रखा बड़ा रोडमैप

Bridges, railways, and infrastructure to be shielded from corrosion! Stainless steel industry unveils major roadmap

रविवार दिल्ली नेटवर्क

मुंबई: देश में जंग (करॉजन) से हर साल होने वाले करीब ₹12 लाख करोड़ के आर्थिक नुकसान को रोकने के लिए स्टेनलेस स्टील उद्योग ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय स्टेनलेस स्टील नीति और राष्ट्रीय एंटी-करॉजन मिशन लागू करने की मांग की है। यह मांग इंडियन स्टेनलेस स्टील डेवलपमेंट एसोसिएशन (ISSDA) और ग्लोबल स्टेनलेस स्टील एक्सपो (GSSE) की रणनीतिक साझेदारी के अवसर पर उठाई गई।

आईएसएसडीए के अध्यक्ष राजामणि कृष्णमूर्ति ने कहा, “भारत के पास वैश्विक स्टेनलेस स्टील हब बनने की क्षमता है, लेकिन इसके लिए अलग राष्ट्रीय नीति और ठोस नीतिगत समर्थन जरूरी है।” उन्होंने बताया कि देश में प्रति व्यक्ति स्टेनलेस स्टील की खपत केवल 3.5 किलोग्राम है, जबकि वैश्विक औसत 6-7 किलोग्राम है। उनके अनुसार, “करॉजन के कारण जीडीपी का करीब 4 प्रतिशत नुकसान होता है, जिसे सही नीति और जंग-रोधी सामग्री के उपयोग से काफी हद तक रोका जा सकता है।”

वहीं, जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड के ग्रुप हेड राजीव गर्ग ने कहा, “बढ़ते आयात और कच्चे माल की चुनौतियों के बीच उद्योग की सामूहिक आवाज को मजबूत करने का समय आ गया है।” उन्होंने कहा कि स्टेनलेस स्टील टिकाऊ, पर्यावरण-अनुकूल और दीर्घकालिक लागत बचाने वाली सामग्री है, इसलिए इसे अलग नीतिगत पहचान मिलनी चाहिए।

उद्योग का मानना है कि नई नीति और एंटी-करॉजन मिशन से घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा, आयात पर निर्भरता घटेगी और भारत उन्नत स्टेनलेस स्टील उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ सकेगा।