आपी ने भारत के मधुमेह पीड़ित बच्चों की बेहतरी के लिए भारत सरकार के साथ मिल कर काम करने की इच्छा जाहिर की

  • अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजीशियन ऑफ इंडिया (आपी) द्वारा भारत के टाइप वन डायबिटीज (मधुमेह) पीड़ित बच्चों की बेहतरी के लिए भारत सरकार के साथ मिल कर कार्य करने की मंशा 
  • प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन इन्दौर में आपी चेयरपर्सन डॉ. संपत शिवांगी से गुजरात के डॉ वासुदेव चेरिटेबल ट्रस्ट की ट्रस्टी डॉ स्मिता जोशी और डॉ शुक्ला रावल ने की मुलाक़ात

गोपेंद्र नाथ भट्ट

नई दिल्ली।अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजीशियन ऑफ इंडिया (आपी) ने भारत के टाइप वन डायबिटीज (मधुमेह) पीड़ित बच्चों की बेहतरी के लिए भारत सरकार के साथ मिल कर काम करने की इच्छा जाहिर की है।

इन्दौर में आयोजित तीन दिवसीय प्रवासी भारतीय शिखर सम्मेलन में भाग लेने आए अमरीका में आपी के अध्यक्ष डॉ.रवि कोली और सम्मेलन के स्वास्थ्य सत्र के लिए नामित यूएसए आपी चेयरपर्सन डॉ. संपत शिवांगी ने गुजरात के डॉ वासुदेव चेरिटेबल ट्रस्ट की ट्रस्टी डॉ स्मिता जोशी और डॉ शुक्ला रावल के साथ इन्दौर में हुई मुलाक़ात में पीड़ित बच्चों के स्वास्थ्य बेहतरी के काम में सक्रिय मदद का भरोसा जताया । साथ ही पीड़ित बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल के कार्य को उनके डिफ़ॉल्ट डायबिटीज चिल्ड्रन प्रोजेक्ट परियोजनाओं में भी शामिल करने के लिए अपनी सहमति व्यक्त की।

डॉ स्मिता जोशी और डॉ शुक्ला रावल भारत में टाइप वन डायबिटीज (मधुमेह) पीड़ित बच्चों के लिए जागरूकता फैलाने और इसके लिए राष्ट्रीय नीति बनाए जाने के काम में रात दिन जुटी हुई है और इसके लिए उन्होंने भारत में कश्मीर से कन्या कुमारी तथा अमरीका में सेन फ़्रांसिस्को से अटलांटा तक अपने खर्चे पर सेल्फ ड्राइविंग अभियान चला 7500
किमी लम्बी यात्रा पूरी की थी। आपी ने किसी भारतीय संस्था द्वारा बिना किसी फण्ड राइज़िंग उद्देश्य बिना किए गए इस अभियान के लिए उनकी प्रशंसा की।

डॉ स्मिता जोशी ने मुलाक़ात में आपी यू एस का भारत के टाइप 1 मधुमेह बच्चों की बेहतरी के लिए सहयोग प्रदान करने और आगामी अमरीका में होने वाले आपी ग्लोबल सम्मेलन में भी इस विषय को शामिल करने की सहमति प्रदान करने के लिए आभार जताया।

डॉ जोशी ने प्रवासी भारतीय दिवस में केन्द्रीय स्वास्थ्य मन्त्री डॉ मनसुख मांडविया की उपस्थिति में आयोजित स्वास्थ्य विषय सत्र में भी भाग लिया। इस सत्र में सम्मेलन के यूएसए आपी चेयरपर्सन डॉ. संपत शिवांगी ने भी एक शोधपत्र प्रस्तुतीकरण किया था।