मुंबई (अनिल बेदाग) : मुंबई अब सिर्फ देश की आर्थिक राजधानी नहीं, बल्कि उन्नत हृदय उपचारों का भी प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। शहर में ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व रिप्लेसमेंट (TAVR) और अन्य मिनिमली इनवेसिव कार्डियक प्रक्रियाओं में पिछले एक वर्ष के दौरान 25 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीक, बेहतर डायग्नोसिस और बढ़ती जागरूकता ने हृदय रोगियों के लिए उपचार के नए रास्ते खोले हैं।
एओर्टिक स्टेनोसिस, जो मुख्य रूप से 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को प्रभावित करती है, एक गंभीर हृदय रोग है। इसमें हृदय की एओर्टिक वाल्व संकरी हो जाती है, जिससे शरीर में रक्त का प्रवाह प्रभावित होता है। सांस फूलना, सीने में दर्द, अत्यधिक थकान और चक्कर आना इसके प्रमुख लक्षण हैं, लेकिन अक्सर इन्हें उम्र बढ़ने की सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। यही लापरवाही कई बार गंभीर जटिलताओं का कारण बन जाती है।
एस. एल. रहेजा अस्पताल के इंटरवेंशनल एवं स्ट्रक्चरल कार्डियोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. हरेश मेहता कहते हैं, “पिछले कुछ वर्षों में मुंबई में मिनिमली इनवेसिव कार्डियक थेरेपी का उपयोग तेजी से बढ़ा है। TAVR ने मरीजों को कम जोखिम वाला विकल्प दिया है, जिससे रिकवरी तेज होती है और जीवन की गुणवत्ता बेहतर होती है।”
पहले जहां TAVR केवल उच्च जोखिम वाले मरीजों तक सीमित था, वहीं अब इसका उपयोग मध्यम और कम जोखिम वाले मरीजों में भी बढ़ रहा है। अत्याधुनिक इमेजिंग तकनीक, हाइब्रिड कैथ लैब और विशेषज्ञों की मल्टीडिसिप्लिनरी टीम्स जटिल हृदय रोगों के इलाज को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बना रही हैं। हाल ही में प्रकाशित एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में भी TAVR के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। लगभग 1,000 मरीजों पर किए गए सात वर्षीय अध्ययन में पाया गया कि TAVR और पारंपरिक ओपन हार्ट सर्जरी के परिणाम लगभग समान हैं। खास बात यह है कि TAVR कराने वाले अधिकांश मरीज दो से तीन दिनों के भीतर अस्पताल से छुट्टी लेकर सामान्य जीवन में लौट सकते हैं।
डॉ. मेहता का कहना है, “आज हमारा लक्ष्य केवल सफल प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों को दीर्घकालिक और बेहतर जीवन गुणवत्ता प्रदान करना भी है।” विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक तकनीकों और विशेषज्ञता के बल पर मुंबई आने वाले वर्षों में भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी कार्डियक केयर का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।





