होड़ से बाहर मुंबई हिसाब चुका बिगाड़ सकती है पंजाब का गणित
सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : श्रेयस अय्यर की अगुआई में अपने लगातार पिछले चार मैच हार राह भटकी पंजाब किंग्स को आईपीएल 2026 में प्ले ऑफ में पहुंचने उम्मीदें जिंदा रखने के लिए मुंबई इंडियंस को रिटर्न मैच में भी अपने दूसरे घरेलू मैदान धर्मशाला पर बृहस्पतिवार को हर हाल में हराना होगा। सच तो यह है कि पंजाब किंग्स के लिए मुंबई इंडियंस सहित अब अपने बाकी तीनों लीग मैच जीतना जरूरी है अन्यथा वह अगर-मगर में फंस सकतीहै। दिल्ली कैपिटल्स ने पंजाब किंग्स को मौजूदा सीजन के धर्मशाला में बड़े स्कोर वाले मैच में तीन विकेट से हरा उससे दिल्ली में मिली छह विकेट से हार का हिसाब चुका दिया था। मुंबई इंडियंस मौजूदा सीजन के 11 वें मैच में अंतिम गेंद आरसीबी से पर दो विकेट से हार से महज तीन जीत और आठ हार के साथ कुल छह अंकों के साथ प्ले ऑफ की होड़ से बाहर हो चुकी है। मुंबई इंडियंस के पास खोने को कुछ नहीं है और वह इसमें पूरी तरह खुल कर उससे मुंबई में पंजाब किंग्स के हाथों इस सीजन में पहले मैच में मिली सात विकेट से करारी हार का हिसाब चुका उसका गणित बिगाड़ सकती है।
पंजाब किंग्स की ताकत प्रभसिमरन सिंह और प्रियांश आर्य की सलामी जोड़ी के साथ कप्तान श्रेयस अय्यर और कूपर कोनोली के रूप में उसका मजबूत शीर्ष क्रम है। पंजाब किंग्स के हक में यह बात है कि उसने इस सीजन के पहले मैच सहित उसने मुंबई इंडियंस से अपने पिछले पांच में पिछले लगातार तीन मैच जीते और मात्र दो हारे हैं। पंजाब किंग्स की कोशिश मुंबई इंडियंस पर धर्मशाला में जीत का ‘चौका’ उसके खिलाफ अपना दबदबा बनाए रखने की होगी। पंजाब किंग्स को यदि मुंबई इंडियंस पर इस सीजन के पहले मैच में मिली सात विकेट की जीत को दोहराना है तो प्रभसिमरन सिंह और कप्तान श्रेयस अय्यर को बल्ले और फिलहाल विकेट लेने के लिए जूझ रहे बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को वानखेड़े के स्टेडियम के दमदार प्रदर्शन को दोहराने की दरकार होगी। मुंबई इंडियंस को पंजाब किंग्स से इस सीजन के पहले मैच की हार का हिसाब चुकता करना तो फिर धर्मशाला में तेज गेंदबाजों की मुफीद पिच पर जसप्रीत बुमराह, कार्बिन बॉश के साथ अश्विन कुमार जैसे तेज गेंदबाजों की त्रिमूर्ति को रफ्तार के साथ गेंद से भी धार दिखाई होगी।
पंजाब किंग्स के लिए शुरू के 11 मैचों में कूपर कोनोली (415 रन) इकलौते शतक और दो अर्द्ध शतक के साथ रन बनाने में सबसे आगे हैं जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर (392 रन) ने सबसे ज्यादा पांच, सलामी बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह (383 रन) ने चार और प्रियांश आर्य(342 रन) ने तीन और मरकस स्टोइनस (179 रन) व सूर्यांश शेगड़े ( चार मैच, 106 रन) ने एक -एक अर्द्ध शतक जड़ा है। वहीं शशांक सिंह (9 मैच, 74 रन), नेहाल वढेरा(8 मैच, 65 रन), मार्को येनसन (11 मैच, 49 रन) का रनों के लिए जूझना पंजाब किंग्स के लिए जरूर चिंता का सबब है। मुंबई इंडियंस के लिए उसके अफगानी स्पिनर अल्लाह मोहम्मद गजनफर(9 मैच, 13 विकेट) ने सबसे ज्यादा विकेट चटकाए हैं जबकितेज गेंदबाज कार्बिन बॉश ( 3 मैच, 7 विकेट), अश्विनी कुमार (3 मैच, 6 विकेट) शार्दूल ठाकुर (7 मैच, 6 विकेट) को सही मौकों पर विकेट नहीं दिला पाए हैं। मुंबई इंडियंस के मौजूदा आईपीएल में प्ले ऑफ की होड़ से बाहर होने का सबसेबड़ा कारण खासतौर पर उसके तुरुप के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह (11 मैच, 3 विकेट), नियमित कप्तान हार्दिक पांडया (8 मैच, 4 विकेट), दीपक चाहर (5मैच, 3 विकेट), ट्रेंट बोल्ट (5 मैच, 3 विकेट) का बुरी तरह नाकाम रहना है।पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस, सलामी बल्लेबाज प्रभसिमरन, प्रियांश, कूपरकोनोली की कोशिश मुंबई इंडियंस के जूझते तेज गेंदबाजों को निशाना बना बड़ा स्कोर खड़ा करने की रहेगी।
मुंबई इंडियंस के लिए रेयन रिकल्टन ( 9 मैच,382 रन ) ने शतक और दो अर्द्धशतक सहित सबसे ज्यादा रन बनाए हैं , तिलक वर्मा ( 11 मैच,261 रन) ने एक शतक और एक अर्द्धशतक,नमन धीर (11 मैच,303 रन) और रोहित शर्मा ( 6 मैच, 243 रन) ने दो दो अर्द्धशतक, कार्यवाहक कप्तान सूर्य कुमार यादव (11 मैच, 195 रन)और शेरफन रदरफर्ड (7मैच,103 रन) ने एक एक अर्द्धशतक जड़ा है। मुंबई इंडियंस के कप्तानहार्दिक पाडया(8 मैच, 146 रन), विल जैक (4 मैच 67 रन) इस सीजन में अपनी रंगत ही नहीं पा सके हैं।
पंजाब किंग्स के लिए शुरू के 11 मैचों में उसके बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह (13 विकेट) ने सबसे ज्यादा विकेट चटकाए हैं जबकि मार्को येनसन(6 विकेट) व मरकस स्टोइनस (2 विकेट), लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल (8 विकट) सही वक्त पर विकेट चटकाने के लिए अब तक बराबर जूझते ही नजर आए हैं। वहीं पंजाब के लिए तेज गेंदबाज वैशाख विजय कुमार (9 मैच, 9 विकेट),शाशांक सिंह (9 मैच, 3 विकेट) तेज गेंदबाज जेवियर बार्टलेट (8 मैच, 5 विकेट) का गेंदबाजी इकाई के रूप में नाकाम रहना ही उसकी कई करीबी मैचों में हार का कारण बना है।
हम योजना बनाने से चूक गए
पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा,‘दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ बड़े स्कोर वाले रिटर्न मैच में अपनी टीम की हार की बाबत बस यही कहूंगा कि ढीली फील्डिंग और गेंदबाजी हमें ले डूबी। जहां तक पहले बल्लेबाजी करते हुए हमारे 210 रन के स्कोर की बात है तो मेरी राय मे यह पर्याप्त स्कोर था। पिच पर गेंद स्विंग हो रही थी और असमतल उछाल थी। इस पर गेंद को स्विंग होते देख कर लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल से गेंदबाजी न कराने का फैसला था। हमने यदि सही दिशा के साथ गेंदबाजी की होती तो हम विकेट चटका सकते थे। अफसोस हम ऐसा नहीं कर पाए। मैंने बराबर यही कहा कि हार्ड लेंग्थ अथवा शॉर्ट ऑफ हार्ड लेंग्थ ही सर्वश्रेष्ठ गेंद है। किसी भी बल्लेबाज के क्रीज पर उतरते ही गेंद को उड़ाना आसान नही था।
सच तो यह है किहम योजना बनाने से चूक गए।’
हम अगले सीज़न में और मज़बूत वापसी कर सकते हैं: सूर्य कुमार यादच
मुंबई इंडियंस के कार्यवाहक कप्तान सूर्य कुमार यादव ने आरसीबी के हाथों अंतिम गेंद पिछले मैच में हार के साथ प्ले ऑफ की होड़ से बाहर होने पर कहा, ‘ जहां तक राज अंगद बावा से आखिरी ओवर फिंकवाने की बात है तो मैं यह कहूंगा कि वह शिद्दत से अभ्यास कर रहे थे और पिछले सीजन से इस सीजन में अलग ऑलराउंडर दिखाई पड़े। बावा ने हमें आरसीबी के खिलाफ पिछला मैच लगभग जिता ही दिया था। जहां तक हमारे स्कोर की बात है तो मैं यह कहूंगा कि हमने 10-15 रन कम बनाए। नमन धीर और तिलक वर्मा ने बेहतरीन बल्लेबाजी की और इन दोनों को बल्लेबाजी करते देख लगा कि वे किसी अलग ही पिच पर खेल रहे हैं। तिलक वर्मा ने बेहद अहम कैच लपका। बेशक यह मानना मुश्किल है, लेकिन बेशक हम अगले सीज़न में और मज़बूत वापसी कर सकते हैं। कार्बिन बॉश की गेंदबाजी पर मुझे फख्र है।’
बृहस्पतिवार : पंजाब किंग्स वि मुंबई इंडियंस (धर्मशाला, शाम साढ़े सात बजे से)।





