- भारत की जीत में दिलप्रीत सहित सात अलग अलग खिलाड़ियों ने गोल किए
- भारत पहले सेमीफाइनल में द.कोरिया से भिड़ेगा, दूसरे में जापान का सामना मलयेशिया से
सत्येन्द्र पाल सिंह
जालंधर : टखना मुड़ने से लगातार दूसरे मैच से बाहर स्ट्राइकर अभिषेक नैन की गैर मौजूदगी में भारत की अग्रिम पंक्ति में उनके जोड़ीदार सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह व शिलानंद लाकरा ने मध्यपंक्ति मे विवेक सागर प्रसाद व विष्णुकांत सिंह द्वारा और कप्तान हरमनप्रीत सिंह के लंबे एरियल पास पर आगे बढ़ाई गेंद पर मैदानी गोल करने के साथ बराबर पेनल्टी कॉर्नर भी दिला कर बराबर दक्षिण कोरिया की रक्षापंक्ति को बेबस कर दिया। तेज तर्रार स्ट्राइकर दिलप्रीत सिंह के दो व स्कीमर स्ट्राइकर सुखजीत सिंह, शिलानंद लाकरा, कप्तान ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह, जुगराज सिंह, संजय व अंगदबीर के एक एक गोल से पांच बार के चैंपियन भारत ने गोल की बारिश कर दक्षिण कोरिया को पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी 2026 मं ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम के सोमवार को 8-0 से करारी शिकस्त जीत का ‘पंजा’ जड़ राउंड रॉबिन लीग में अजेय रह 15 अंकों के साथ शीर्ष पर शीर्ष पर रह कर अपना अभियान समाप्त किया। भारत ने पहले क्वॉर्टर में तीन व तीसरे क्वॉर्टर में चार गोल कर दक्षिण कोरिया को पस्त कर दिया। भारत की जीत में दिलप्रीत सहित सात अलग अलग खिलाड़ियों ने गोल किए। भारत के चीफ कोच क्रेग फुल्टन और कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने टीम की इस बड़ी जीत का श्रेय खासतौर पर टीम के सभी सीनियर खिलाड़ियों के एक इकाई के रूप में खेलने को दिया।दक्षिण कोरिया की टीम पांच मैचों में महज दो जीत और तीन हार के साथ चौथे स्थान पर रही।
भारत अब पहले सेमीफाइनल में बुधवार को मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह स्टेडियम में फिर दक्षिण कोरिया से भिड़ेगा जबकि दूसरे स्थान पर रही जापान तीसरे स्थान पर रहने वाली मलयेशिया से दूसरे सेमीफाइनल में भिड़ेगी। भारत के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही कि उसने टखना मुड़ने के चलते अभिषेक नैन के बाहर रहने और अनुभवी सेंटर हाफ हार्दिक सिंह को आराम देने के बावजूद यह बड़ी जीत दर्ज। भारत के लिए अभिषेक नैन का अभी भी पूरी तरह फिट न होना सेमीफाइनल से पहले जरूर चिंता का सबब है।
कप्तान हरमनप्रीत सिंह के दाएं से लंबे स्लैप शॉट पर सुखजीत सिंह ने डी के भीतर पहले ही मिनट तेज वॉली जमाई लेकिन दक्षिण कोरिया के गोलरक्षक जईहयुन किम ने दस्ताने से इसे रोक कर भारत को गोल करने से रोका। जुगराज से जर्मनप्रीत सिंह को गेंद मिली और उनसे डी के भीतर दिलप्रीत सिंह ने संभाल तेज वॉली जमा गोल कर भारत को मैच के आठवें मिनट में 1-0 से आगे कर दिया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह के पहले पेनल्टी कॉर्नर को रशर ने रोका। दूसरे पेनल्टी कॉर्नर पर गेंद नहीं रूकी लेकिन डी के बाहर विवेक सागर ने संभाली डी के भीतर गेंद को विष्णुकांत सिंह ने संभाल तेजी से आगे बढ़े कप्तान हरमनप्रीत सिंह के शॉट को गोलरक्षक जाईहयुन किम ने रोका लेकिन लौटती गेंद जुगराज सिंह ने लपक कर गोल में डाल भारत को 11 वें मिनट में 2-0 से आगे कर दिया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने तीसरे पेनल्टी कॉर्नर तेज जमीनी ड्रैग फ्लिक से गोल कर भारत को पहला क्वॉर्टर खत्म होने से ठीक पहले गोल कर भारत को 3-0 से आगे कर दिया जो कि इस टूर्नामेंट में उनका नौवां गोल था। दक्षिण कोरिया ने दूसरे क्वॉर्टर में लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन जियानवु पार्क के फ्लिक को भारत के रशर अमित रोहिदास अैर गोलरक्षक कृष्ण बहादुर पाठक ने रोका। भारत को चौथा पेनल्टी कॉर्नर मिला इस पर जुगराज सिंह के फ्लिक को गोलरक्षक ने रोकना चाहा लौटती गेंद पर भारत के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने वॉली लगाई लेकिन इस पर बैकस्टिक का फाउल के कारण दक्षिण कोरिया के रिव्यू पर यह गोल अमान्य कर दिया गया। भारत की टीम हाफ टाइम तक 3-0से आगे थी।
भारत ने तीसरे क्वॉर्टर का आक्रामक अंदाज में आगाज किया। भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला और उनके शॉट को गोलरक्षक जाईहयुन ने रोका लेकिन लौटती गेंद को डी के भीतर शिलानंद लाकरा ने संभाल तेज शॉट जमा गोल कर 33 वें गोल कर भारत को 4-0 से आगे कर दिया। हरमनप्रीत सिंह के पास पर सुखजीत सिंह ने अगले मिनट गेंद संभाल तेज शॉट गोल कर भारत की बढ़त 5-0 कर दी। संजय के पास पर गेंद दिलप्रीत सिंह ने संभाली और उनसे वापस मिली गेंद को संजय ने तेज शॉट जमा गोल कर भारत को 6-0 कर दिया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह के लंबे एरियल पास पर डी के संजय ने डी के शॉट जमाया और इस पर दिलप्रीत ने बस अपनी हॉकी लगा 40 वें मिनट में मैच का अपना दूसरा गोल कर भारत को 7-0से से आगे कर दिया। अंगदबीर सिंह ने आखिरी मिनट में डी के उपर मिली गेंद को संभाल कर गोल कर भारत को 8-0 से बड़ी और प्रभावी जीत दिलाई।
जापान दूसरे स्थान पर: केंतरो फुकुदा के दो खूबसूरत मैदानी गोल की बदौलत जापान ने पिछड़ने के बाद मलयेशिया को 2-1 से हराने के बाद लीग की समाप्ति पर पांच मैचों से तीन जीत और एक ड्रॉ और एक हार के साथ 10 अंकों के साथ दूसरा स्थान पाया।मलयेशिया की टीम तीन जीत व दो हार के साथ तीसरे स्थान पर रही। दोनों ही टीम इस मैच से पहले ही सेमीफाइनल में स्थान बना चुकी थी। अबु कमल अजराई ने एडम जोहरी के पास पर आगे बढ़ आए जापान के गोलरक्षक किशो कुरोडा को छका मैच के दसवें मिनट में गोल कर मलयेशिया का खाता खोला। केंतरो फुकुदा ने अंतत: मैच के 24वें मिनट में दाएं से डी में घुस कर गोल कर जापान को एक एक की बराबरी दिला दी। हाफ टाइम तक दोनों टीमें एक एक गोल से बराबर थीं। फुकुदा ने खेल खत्म होने से छह मिनट पहले काजूमासा मात्सूमोतो के पास अपना व मलयेशिया के लिए दूसरा व विजयाई गोल दागा। मलयेशिया अब दूसरे सेमीफाइनल में मोहाली में जापान से भिड़ेगी।
बांग्लादेश से ड्रॉ खेल चीन पांचवें स्थान पर: कप्तान अशरफुल इस्लाम के तीसरे क्वॉर्टर के आठवें मिनट मिले पेनल्टी स्ट्रोक पर दागे गोल की बदौलत बांग्लादेश की चीन को अपने आखिरी राउंड रॉबिन लीग मैच में एक एक की बराबरी पर रोक कर अंक बांटने के बावजूद छठे और आखिरी स्थान पर रही। बेनहई चेन के पहले मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर दागे गोल से चीन ने खाता खाता खोला। बांग्लादेश के गोलरक्षक बिलपब कुजूर ने बाकी सभी छह पेनल्टी कॉर्नर को गजब की मुस्तैदी दिखाकर रोक कर चीन की हसरत पर पानी फेर दिया।
चीन ने अपने आखिरी दो लीग मैच गोलरहित कर पांच मैचों में तीन हार और दो ड्रॉ के साथ दो अंक पाए जबकि बांग्लादेश की टीम चार हार व एक ड्रॉ के साथ लीग में मात्र एक अंक के साथ छठे व आखिरी स्थान पर रही। अब चीन और बांग्लादेश की टीमें पांचवें और छठे स्थान के लिए भिड़ेगी।





