राजस्थान के लोकनृत्य कलाकार अकरम खान बहरूपिया और लोक संगीत कलाकार मंजूर खां मांगणियार को मिला उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ युवा पुरस्कार

Rajasthan's folk dance artist Akram Khan Bahrupiya and folk music artist Manzoor Khan Manganiyar received Ustad Bismillah Khan Youth Award.

नीति गोपेन्द्र भट्ट

नई दिल्ली : राजस्थान के लोकनृत्य कलाकार अकरम खान बहरूपिया को लोकनृत्य के क्षेत्र और मांगणियार कलाकार मंजूर खां को लोक संगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है । अकरम खान बहरूपिया को वर्ष 2025 और मंजूर खां मांगणियार को वर्ष 2024 के लिए राष्ट्रीय संगीत नाटक अकादमी की ओर से यह सम्मान दिया गया है।

केन्द्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सोमवार को नई दिल्ली के फिरोजशाह रोड स्थित रवींद्र भवन परिसर के मेघदूत थिएटर में आयोजित समारोह में यह सम्मान प्रदान किए गए।

समारोह का आयोजन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय और राष्ट्रीय संगीत नाटक अकादमी के तत्वावधान में किया गया। समारोह में अकरम खान बहरूपिया और मंजूर खां मांगणियार सहित अन्य कई कलाकारों को प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ युवा पुरस्कार प्रदान किए।

कार्यक्रम में संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। समारोह की अध्यक्षता संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉ. संध्या पुरेचा ने की ।

राजस्थान के दो कलाकारों अकरम खान बेरूपिया (लोकनृत्य क्षेत्र में) और मंजूर खां मांगणियार को (लोक संगीत क्षेत्र में) मिला यह सम्मान प्रदेश की समृद्ध लोककला परंपरा के लिए गौरव का विषय है। राजस्थान की लोकनृत्य शैलियां प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता, लोकजीवन और परंपराओं की जीवंत अभिव्यक्ति हैं।

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय और राष्ट्रीय संगीत नाटक अकादमी के तत्वावधान में वर्ष 2024 एवं 2025 के उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ युवा पुरस्कारों का यह सम्मान समारोह भारतीय लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन में योगदान देने वाले युवा कलाकारों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है।

उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ युवा पुरस्कार संगीत नाटक अकादमी द्वारा विभिन्न प्रदर्शनकारी कला क्षेत्रों में प्रतिभाशाली युवा कलाकारों को दिया जाता है। यह पुरस्कार महान शहनाई वादक भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ के नाम पर स्थापित है। ऐसे राष्ट्रीय सम्मान लोक कलाकारों की साधना को पहचान देने के साथ युवा पीढ़ी को पारंपरिक कलाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं।