अभिषेक व हरमनप्रीत के एक-एक गोल से भारत ने कड़े संघर्ष में जापान को दी शिकस्त
सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : तेज तर्रार स्ट्राइकर अभिषेक नैन के मौके को भुनाने की कला दिखा दागे मैदानी गोल और कप्तान हरमनप्रीत सिंह के तीसरे क्वॉर्टर के शुरू में पेनल्टी कॉर्नर पर दागे एक एक गोल की बदौ़लत भारत की पुरुष हॉकी टीम ने काकामिगहारा (जापान) में मेजबान जापान को कड़े संघर्ष के बाद एशियाई खेलो में पूल ए में 2-0 से हरा लगातार चौथी जीत और कुल 12 अंकों के साथ शीर्ष पर रहकर सेमीफाइनल में स्थान बना लिया। गीफू में शनिवार को पूरे दिन बारिश होती रही। भारत के फुलबैक संजय का यह 100 वां अंतर्राष्ट्रीय मैच था। मैन टू मैन मार्किंग कर अपने किले की मजबूत चौकसी करने वाली जापान की टीम के खिलाफ भारत को जीत के हड़बड़ी की बजाय जो धैर्य दिखाने की जरूरत थी वह उसने दिखाया। भारत को मैन में 11 पेनल्टी कॉर्नर मिले और इनमें करीब आधा दर्जन पर जापान के गोलरक्षक ताकाशी योशीकावा और चौथे व आखिरी क्वॅार्टर में मैदान पर उतरने वाले ताकुमी गीताकावा ने दिलप्रीत सिंह, सुखजीत सिंह व राज कुमार पाल के मैदानी गोल करने की कोशिश को नाकाम करने के साथ पेनल्टी कॉर्नर पर मुस्तैदी दिखा उन्हें नाकाम कर भारत को अपनी बढ़त बढ़ाने से रोक दिया। जापान को मैच में कुल चार पेनल्टी कॉर्नर लेकिन भारत के रशर अमित रोहिदास और गोलरक्षक मोहित शशिकुमार ने इन्हें रोक कर बेकार किया।
भारत ने पूल ए में चार मैचों में 39 गोल किए और मात्र चार गोल खाए और उसके चार जीत के साथ 12 अंक हैं। जापान की दक्षिण कोरिया की तरह चार मैचों में यह पहली हार थी और इन दोनों के तीन जीत और भारत के खिलाफ इकलौती हार के साथ साथ तीन तीन जीत के साथ नौ अंक हैं। जापान (+23) की टीम दक्षिण कोरिया ( +9) से बेहतर गोल अंतर के चलते पूल में फिलहाल दूसरे स्थान पर है। भारतीय पुरुष हॉकी टीम को अपना आखिरी पूल मैच बांग्लादेश के खिलाफ सोमवार को खेलना है जो कि अपने चार में से दो मैच जीता और दो हारा है और उसके कुल छह अंक हैं।
भारत को अभिषेक, राजिंदर सिंह और सुखजीत सिंह ने मैच के शुरू के आठ मिनट में तीन पेनल्टी कॉर्नर दिलाए लेकिन इनमें कप्तान ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह के तेज ड्रैग फ्लिक में दो को शुरू में जापान के गोलरक्षक तकाशी योशीकावा ने रोका और तीसर पर हीरो साइतो ने गोलरेखा पर गेंद को रोक कर भारत को गोल करने से रोका मैच के और मैच के 11 वें मिनट में जापान के काजूमासा मात्सोमोता ने कोसाई कवाबे के पास सूरज करकेरा को छका जब गेंद को गोल में डाली तो लगा गोल हो गया लेकर इससे पहले काजूमासा का फाउल हो गया था और यह गोल अमान्य करार दिया। सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह और अभिषेक नैन ने राजिंदर सिंह और हार्दिक सिंह द्वारा आगे बढ़ाई गेंद पर जापान के गोल पर दबाव बनाया। अभिषेक नैन ने पहला क्वॉर्टर खत्म होने से ठीक पहले सुखजीत सिंह के पास बहुत धैर्य दिखाते हुए गेंद को गोल में फ्लिक कर गोल कर भारत का खाता खोला। भारत की टीम पहला क्वॉर्टर खत्म होने तक 1-0 से आगे थी।
जापान ने बराबरी पाने की कोशिश मे दूसरे क्वॉर्टर में आक्रामक अंदाज में आगाज किया और काजूमासा मात्सोमोतो ने दाएं से भारत के गोल पर दबाव बना तेज हमले लेकिन भारत के गोलरक्षक मोहित शशिकुमार ने उनके गोल के प्रयासों को नाकाम किया। जापान को दूसरे क्वॉर्टर के पहले ही मिनट में मिले मैच के दूसरे पेनल्टी कॉर्नर पर कोसाई कवाबे के फ्लिक को भारत के रशर अमित रोहिदास ने आगे बढ़ कर रोक उसे बराबरी पाने से रोका। अभिषेक को गलत ढंग से रोकने पर भारत को मैच के 21 वें मिनट में चौथा पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन इस बार जुगराज सिंह के फ़्लिक को जापान के गोलरक्षक तकाशी योशीकावा ने रोक कर बेकार कर दिया। भारतीय टीम हाफ टाइम तक 1-0से आगे थी।
मैन टू मैन मार्किंग कर अपने किले की मजबूत चौकसी करने वाली जापान की टीम के खिलाफ गोल करने के लिए भारतीय अग्रिम पंक्ति को जिस तरह के धैर्य की जरूरत थी वह उसने तीसरे क्वॉर्टर के शुरू में दिखाया। भारत की मध्यपंक्ति में विवेक सागर प्रसाद , हार्दिक सिंह और सुमित ने बेवजह जापान के गोल पर शॉट लेने के बजाय गेंद को अपने कब्जे में रख सही वक्त पर हमला बोलने की नीति अपनाई।
जापान को 36 मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला और इस शोता यामादा के फ्लिक पर गेंद गोल के बाहर गई इस पर रिव्यू पर उसे एक और पेनल्टी कॉर्नर लेकिन भारत के गोलरक्षक सूरज करकेरा ने अच्छा बचाव किया। मंदीप सिंह को डी के भीतर जापान के खिलाड़ी ने गिराया और इस पर मैच के 40 वे मिनट में मिले छठे पेनल्टी कॉर्नर भारत के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने तेज ड्रैग फ्लिक से गोलरक्षक के दाएं से गेंद को फ्लिक कर गोल में डाल कर भारत को मैच के 40 वें मिनट में 2-0 से आगे कर दिया। भारत को इसके बाद लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन जापान के गाशलरक्षक ताकाशी योशीकावा ने अच्छा पूर्वानुमान लगा कर सभी को रोककर बेकार कर भारत को अपनी बढ़त बढ़ाने से रोक दिया। भारत को चौथे और आखिरी क्वॉर्टर में लगातार 54 वें मिनट लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन तब भारत के कप्तान व ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह मैदान पर नहीं थे और राजिंदर सिंह के ड्रैग फ्लिक को जापान के दूसरे गोलरक्षक तकुमी कितागावा ने अच्छे पूर्वानुमान लगा कर रोक कर बेकार कर दिया। जापान के मनाबू यामाशिता ने डी के भीतर मैच के 58वें मिलट मे तेज शॉट जमा लेकिन गेंद गोल के करीब से बाहर निकल गई।





