वैभव सूर्यवंशी ने बेहद समझदारी से बहुत परिपक्व पारी खेली : लक्ष्मण

Vaibhav Suryavanshi played a very mature innings with great composure: Laxman

  • वैभव खुद क्रिकेट में हर लिहाज से बेहतर करने को बेताब
  • वैभव में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बल्लेबाजी में सभी रिकॉर्ड तोड़ने की क्षमता

सत्येन्द्र पाल सिंह

नई दिल्ली : बल्लेबाजी की नई सनसनी 15 बरस के वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ उसके घर में तीन टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों की सीरीज 14,13 और 15 रन बनाने के बाद नाकामी से सबक लेते हुए मेजबान जिम्बाब्वे के खिलाफ दो अर्द्धशतक जड़ कर भारत को तीन टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों की सीरीज 3-0 से जिताने में अहम भूमिका निभाई। वैभव ने हरारे में तीसरे और आखिरी टी 20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच में 81 रन की तूफानी पारी खेल कर भारत को जिम्बाब्वे पर 35 रन से जिताया। किशोर बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने चतुराई से की बल्लेबाजी कर जिम्बाब्वे दौरे पर भारत के हेड कोच रहे वीवीएस लक्ष्मण को भी अपना मुरीद बना लिया है। वैभव तीन टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों की सीरीज में कुल सबसे ज्यादा 151 रन बनाकर मैन ऑफ द’ सीरीज रहे।

वैभव की शानदार बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए वीवीएस लक्ष्मण ने कहा, ‘ वैभव सूर्यवंशी ने बेहद समझदारी से बहुत परिपक्व पारी खेली। वैभव हर अनुभव और हर मैच के साथ चीजों को समझ कर उनका आकलन कर बतौर बल्लेबाज बेहतर होते जाते हैं। वह महज मैचों ही नहीं बल्कि हर अभ्यास सत्र की समीक्षा कर बेहतर होते जा रहे हैं। वैभव ने तीसरे और आखिरी टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैच में बेहद परिपक्व पारी खेली क्योंकि मैदान बड़ा और पिच धीमी थी और इस पर गेंद रुक कर आ रही थी। जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की रविवार को वैभव के खिलाफ योजना बनाई थी और उसका उन्होंने बल्ले से बेहतरीन प्रदर्शन कर बढ़िया जवाब दिया। वैभव की 81 रन की पारी बहुत परिपक्व थी। वैभव बतौर बल्लेबाज अपने खेल को जानते हैं। किसी भी अन्य खिलाड़ी की तरह उन्हें भी अपने बल्लेबाजी कौशल में मामूली सुधार करने की जरूरत है। वैभव की जो बात सबसे ज्यादा प्रभावित करती है वह है बतौर व्यक्ति विकास। बीते छह महीनों में वैभव की सूझबूझ और जागरूकता बहुत बढ़ी है। वैभव इसी कारण मुश्किल से निकल खुद को संभाल पाए हैं । वैभव इसी के चलते अच्छे गेंदबाजों के ख़िलाफ़ दबाव में भी दमदार प्रदर्शन कर पाए हैं।हम वैभव को बहुत बढ़िया ढंग से जानते हैं। करीब ढाई बरस पहले और 2024 के आईसीसी अंडर19 क्रिकेट विश्व कप से ठीक पहले हमने वैभव को विजयवाड़ा में चतुष्कोणीय सीरीज में पहचाना था , जहां उन्होंने भारत बी के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए। वैभव सीओई में विभिन्न शिविरों का हिस्सा रहे और फिर अंडर 19 क्रिकेट विश्व कप के भी टॉप स्कोर रहे।’

उन्होंने कहा,‘ हम वैभव को बढ़िया ढंग से जानते हैं। यहां बात सिर्फ खिलाड़ी की नही बल्कि इनसान की है। आप जब किसी इनसान को ठीक से जानते तो फिर आप यह भी समझते हैं कि उसके लिए क्या मुनासिब है और उन्हें कैसे तैयार किया जाए, जिससे कि मैच से पहले वह जेहनी तौर पर पूरी तरह तैयार रहे। वैभव के सामने उनका लंबा क्रिकेट करियर है और और उनमें हर दिन बेहतर करने की सोच और लगन है। मुझे पूरा भरोसा है कि वह अंतर्राष्ट्रीय स्तर में क्रिकेट में सभी रिकॉर्ड तोड़ देंगे। हम चाहते हैं कि वह अपनी फिटनेस और बेहतर करे। वैभव अभी बहुत ही जवान हैं। वैभव खुद क्रिकेट में हर लिहाज से बेहतर करने को बेताब हैं। वैभव जब दौड़ते हुए कैच लेने की कोशिश में चोट खाकर मैदान से हटे वह तब भी भी मैदान पर डटे रहना चाहते थे। वह तो हमारे फिजियो ने उन्हें मैदान से बाहर बुलाया। यह दर्शाता है कि वह टीम इंडिया के लिए हर लिहाज से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते हैं। इंग्लैंड में शुरू के तीन टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में ढीले प्रदर्शन के बाद उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन टी 20 मैचों की अंतर्राष्ट्रीय सीरीज में जितनी बढ़िया बल्लेबाजी की उससे मैं कतई हैरान नहीं हूं। बेशक तीसरे मैच में वैभव शतक से चूकने से निराश थे पर हमने उनसे कहा था कि शतक पूरा करने के लिए यह उनके लिए न तो पहला और न ही आखिरी मौका था। उनके सामने लंबा करियर है और उनकी सोच हर रोज बेहतर करने की है। वैभव में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बल्लेबाजी में सभी रिकॉर्ड तोड़ने की क्षमता है।’