श्रेयस की कप्तानी में लगातार छह हार के बाद भारत की पहली जीत
सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : बल्लेबाजी की नई सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने भारत के लिए जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे स्पोटर्स क्लब मैदान में तीन टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों की क्रिकेट सीरीज के पहले मैच में बृहस्पतिवार को मात्र 18 गेंद खेल कर चार छक्कों और चार चौकों की मदद से अपने चिर परिचित तूफानी अंदाज में आगाज कर अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर का पहला अर्द्धशतक जड़ा। वैभव के चार मैचों में यह पहले टी 20 अंतर्राष्ट्रीय अर्द्धशतक और रफ्तार के सौदागर मैन ऑफ द’ मैच मयंक यादव के मात्र 18 रन दे पारी के शुरू में चटकाए दो विकेट की बदौलत भारत ने मेजबान जिम्बाब्वे को पहले टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैच में सात विकेट से हरा कर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली। श्रेयस अय्यर की पहले आयरलैंड और फिर इंग्लैंड में उससे घर में शुरू के लगातार छह टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैच हारने के बाद भारत के कप्तान के रूप में यह पहली जीत है। जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा इस तीन टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों इस सीरीज के शुरू होने से पहले भारत को जीत का प्रबल दावेदार मानने से इनकार करते हुए मुकाबला बराबरी का होने की बात की थी। वैभव इंग्लैंड के खिलाफ उसकी धरती पर तीन टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में खेल कर 14, 13, 15 रन बनाए थे और वहां उन्हें उनके राजस्थान रॉयल्स के साथी रफ्तार के सौदागर जोफ्रा आर्चर ने रफ्तार के साथ शॉर्ट पिच गेंदों की बौछार कर दो बार आउट किया था। बावजूद इसके वैभव सूर्यवंशी जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज के इस पहले टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैच में मेजबान टीम के तेज गेंदबाज रिचर्ड नगरवा और ब्लेसिंग मुजरबानी की रफ्तार से बेपरवाह हो खुद कर खुल कर बल्लेबाजी की।
दो बरस बाद टीम इंडिया में वापसी करने वाले रफ्तार के सौदागर मयंक यादव (2/18) और उनके दिल्ली के अपने साथी तेज गेंदबाज प्रिंस यादव (2/19) नई गेंद से 6 ओवर के पहले पॉवरप्ले में ब्रायन बैनेट (0 रन, 1 गेंद), बेन करेन (10 रन, 8 गेंद,2 चौके), डियोन मायर्स (6 रन, 14 गेंद, एक चौका) जिम्बाब्वे के तीन विकेट मात्र 26 रन पर उसकी हालत खस्ता दी और आठवें ओवर कप्तान सिकंदर रजा (4 रन, 7 गेंद, एक चौका) के शिवम दुबे की गेंद को पुल करने की कोशिश में बदलू खिलाड़ी श्रेयांस शेडगे को कैच थमाने के साथ जिम्बाब्वे के चार विकेट मात्र 32 रन पर खो दिए। वेसली मेडवेयरे (39 रन, 34 गेंद, एक छक्का, तीन चौके) की खुद रनआउट होने से पहले रेयन बर्ल (25रन, एक छक्का, एक चौका) के साथ पांचवें विकेट की 32 और विकेटकीपर तदीवनाशी (अविजित 27 रन, 20 गेंद, एक छक्का, दो चौके) के साथ छठे विकेट की 58 रन की भागीदारी से जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी की दावत पाकर निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट पर 125 रन बनाए। भारत के लिए शिवम दुबे(1/32) और लेग स्पिनर रवि बिश्नोई (1/24) ने एक एक विकेट चटकाया। रवि बिश्नोई ने बर्ल को तिलक वर्मा के हाथो बाउंड्री पर कैच कराया
जवाब में वैभव सूर्यवंशी (50) के अर्द्धशतक और उनकी इशान किशन( 35 रन,24गेंद, दो छक्के और तीन चौके) के साथ दूसरे विकेट की 67 रन की और फिर इशान व कप्तान श्रेयस अय्यर की तीसरे विकेट की तीसरे विकेट की 46 रन की भागीदारी की बदौलत भारत ने मात्र 13.2 ओवर में तीन विकेट पर 126 रन बनाकर मैच जीत लिया। कप्तान श्रेयस अय्यर 24 गेंद खेल कर तीन चौकों की मदद से 28 और उपकप्तान तिलक वर्मा पांच गेंद खेल कर एक चौके की मदद से छह बना कर अविजित। अभिषेक शर्मा (1 रन, 8 गेंद) ने जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी की कोण बना बाहर निकलती गेंद को ऑफ साइड पर उड़ाने की कोशिश में इवांस को कैच थमा दिया। अभिषेक के रूप में भारत ने पहला विकेट पारी के तीसरे ओवर मे मात्र 23 रन पर खोया। वैभव अपना अर्द्बशतक पूरा करने के बाद रिचर्ड नगरवा की धीमी और वाइड गेंद कट करने में बेन करेन को पारी के सातवें ओवर में कैच थमा बैठे और भारत ने दूसरा विकेट 68 रन पर खोया। इशान किशन ने ब्लेसिंग मुजरबानी की तेजी से उठती गेंद पर अतिरिक्त उछाल से मात खाकर मायर्स को कैच थमा बैठे और भारत ने तीसरा विकेट 12 वें ओवर की तीसरी गेंद पर 114 रन पर खोया। तिलक वर्मा ने रिचर्ड नगरवा के तीसरे ओवर की दूसरी गेंद पर भारत को 40 गेंदों के बाकी रहते सात विकेट से मैच जिता दिया।
पिच से मिले उछाल और सीम मूवमेंट से मदद मिली : मयंक
मैन आफ द’ मैच भारत के तेज गेंदबाज मयंक यादव ने कहा, ‘टीम की जीत में योगदान करना हमेशा अच्छा लगता है। मेरे लिए यह खास क्षण था। पिच बहुत बढ़िया थी। भारत में खेलने के बाद हरारे में गेंदबाजी करने का मैंने लुत्फ उठाया। मेरा जिम्बाब्वे का यह पहला दौरा है। हरारे की पिच से मिले उछाल और सीम मूवमेंट से बहुत मदद मिली। गेंदबाजी में हमाराआगाज बढ़िया रहा और पहली ही गेंद पर मुझे विकेट मिल गया। दूसरे छोर से प्रिंस यादव अशोक शर्मा का कसी गेंदबाजी का शिकंजा कसना बढ़िया रहा।
हमारा खेल स्तर के मुताबिक नहीं रहा: सिकंदर रजा
जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने कहा, ‘हमारा खेल स्तर के मुताबिक नहीं रहा। सुबह पिच में कुछ नमी से भारतीय गेंदबाजों को मदद मिली लेकिन इसकी भूमिका बहुत ज्यादा नहीं रही। आखिर के आठ ओवरों और जब भारत बल्लेबाजी के लिए उतरा तो पिच बल्लेबाजी के लिए बढ़िया और सपाट हो गई थी। हमने अपने कई बल्लेबाजों को नई भूमिका दी और इसमें वे बढ़िया खेले। हां, मैच से हमारे लिए कुछ सकारात्मक रहा।’





