भारत को ऑस्ट्रेलिया पर जीत दर्ज करनी होगी, चाहेगा नीदरलैंड से हारे चीन
सत्येन्द्र पाल सिंह
एम्सतलवीन (नीदरलैंड) : भारत मौजूदा एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप सबसे बढ़िया खेल दिखाने के बावजूद दूसरे चरण में पूल ई में कड़े संघर्ष के बाद मौजूदा चैंपियन और ओलंपिक चैंपियन नीदरलैंड से शुक्रवार को 0-2 से हार गया। यिबी यानसन और फ्रेडरिक माल्टा पेनल्टी कॉर्नर दागे एक एक गोल की बदौलत अपने तीनों मैच जीत कर तीन अंको के दूसरे चरण में पहुंची दुनिया की नंबर एक टीम नीदरलैंड की टीम छह अंकों के साथ सबसे पहले सेमीफाइनल में पहुंच गई। चीन को पूल डी में बराबरी पर रोक एक अंक के साथ दूसरे चरण में पहुंची अब अगर मगर में फंसी भारत की महिला टीम की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद अभी बरकरार है। ऑस्ट्रेलिया भी भारत की तरह अपने पूल में दूसरे स्थान पर रही पर बिना किसी अंक के दूसरे चरण में पहुंची। ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे चरण में पहले मैच में पिछड़ने के बाद चीन को एक एक गोल की बराबरी पर रोका। भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए ऑस्ट्रेलिया पर रविवार को दूसरे चरण के आखिरी मैच में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी और यह भी उम्मीद करनी होगी कि नीदरलैंड की टीम चीन को हरा दे। ऑस्ट्रेलिया की महिला हॉकी टीम ने पूल ए में इकलौता मैच जापान से जीता जबकि चिली जैसी कमजोर टीम ने उसे चार चार की बराबरी पर रोका और चीन से भी उसने ड्रॉ खेला। ऐसे में भारतीय महिला हॉकी टीम की ऑस्ट्रेलिया पर जीत की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता है। भारत की महिला टीम ऑस्ट्रेलिया से जीतती है तो फिर चार अंक के साथ सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी।
भारत की महिला हॉकी टीम इंग्लैंड से अपना मैच ड्रॉ खेलने के मात्र 24 घंटे बाद ही मजबूत नीदरलैंड के खिलाफ खेलने उतरी। इस बाबत भारत के चीफ कोच शुएर्ड मराइन ने भारत की नीदरलैंड के खिलाफ हार के बाद इस विश्व कप के इस तरह कार्यक्रम को दोषी ठहराते हुए कहा कि हमारी लड़कियां इसीलिए कुछ थकी हुई थी। वहीं मराइन के दोस्त और उनके बिजनेस पार्टनर नीदरलैंड के चीफ कोच राउल अर्न ने कहा कि उन्हें इसके कार्यक्रम से कोई शिकायत नहीं है और उनकी टीम एफआईएच प्रो हॉकी लीग ।में पांच दिन में चार दिन में तीन मैच खेल चुकी हैं।
भारत को उसी की तरह आक्रामक हॉकी खेलने वाली ऑस्ट्रेलिया की महिला हॉकी टीम के खिलाफ जीत हासिल करनी है तो उसकी कप्तान सेंटर हाफ सलीमा टेटे, मध्यपंक्ति नेहा, सुनीलिता टोपो ने जिस तरह नीदरलैंड के खिलाफ आगे अग्रिम पंक्ति नवनीत कौर, ललरेमसियामी और दीपिका सहरावत, ऋतुजा डडासो पिसल के लिए गेंद बढ़ाई उसी तरह आगे गेंद बढ़ानी होगी। साथ ही भारत की फॉरवर्ड को पीछे अपनी मध्यपंक्ति और रक्षापंक्ति में सुशीला चानू, साक्षी राणा , इशिका चौधरी की पीछे आकर मदद करनी होगी। भारत नवजोत कौर के डी के भीतर दो शॉट को एनी वीननडल ने नहीं रोका होता तो बेशक भारत यह मैच ड्रॉ करा सकता था। भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीतना है तो उसकी अग्रिम पंक्ति में नवनीत कौर, ललरेमसियामी, दीपिका सहरावत और इशिका को मैदानी गोल करने के हर हमले को भुनाने के साथ बराबर पेनल्टी कॉर्नर भी बनाने होंगे। साथ ही भारत नंबर एक गोलरक्षक सविता और बिच्छू देवी खरीबम को नीदरलैंड के खिलाफ मैच की सी चौकसी दिखाने के साथ ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हर क्वॉर्टर मे शुरू से आखिर तक किले की मजबूत चौकसी करनी होगी। भारत को ऑस्ट्रेलिया की ड्रैग फ्लिकर उसके लिए सबसे ज्यादा चार मैचों में तीन गोल करने वाली क्लेरी कॉलविल एबीगेल विल्सन से चौकस रहने की जरूरत होगी। भारत की रशर के रूप में खुद कप्तान सलीमा टेटे और इशिका चौधरी को पूरी मुस्तैदी दिखानी होगी। नीदरलैंड से भारत के खिलाफ कुल मिले आठ पेनल्टी कॉर्नर में से मात्र दो को ही गोल ही बदला जबकि वह पूरे मैच में एक भी मैदानी गोल नहीं कर पाई। भारत के लिए अब तक सबसे ज्यादा दो दो गोल करने वाली उसकी दोनों ऑलराउंडर नवनीत कौर और दीपिका सहरावत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उम्मीदों की कसौटी पर खरा उतरना होगा।
ऑस्ट्रेलिया को पेनल्टी कॉर्नर न देने की कोशिश : मराइन
भारत के चीफ कोच शुएर्ड मराइन ने कहा,‘ विश्व कप और ओलंपिक चैंपियन नीदरलैंड के खिलाफ अपनी टीम की कड़े संघर्ष के बावजूद हार उससे प्रदर्शन से खुश हूं। हमारी टीम ने मजबूत नीदरलैंड का डटकर मुकाबला किया। हमने नीदरलैंड के खिलाफ अपने किले की मजबूत चौकसी करने के साथ आप बीच बीच में जवाबी हमले बोल सकते हैं, क्योंकि वह बहुत तेज रफ्तार हॉकी खेलती है। आपको नीदरलैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ गोल करने के यदि तीन मौके मिलते तो आपको को इसमें से कम से कम एक या दो को भुना कर गोल करना होता है। नीदरलैंड के खिलाफ यिबी येनसन की रूप में दुनिया की बेहतरीन ड्रैग फ्लिकर थी और हमने उसे कुछ ज्यादा पेनल्टी कॉर्नर दिए। हमारी कोशिश यही होगी कि ऑस्ट्रेलिया को अगले मैच में कम से कम पेनल्टी कॉर्नर दें। यह कहते हुए बात भी नहीं भुलाई जा सकती है कि हमने पहले इंग्लैंड और फिर दुनिया की नंबर एक टीम नीदरलैंड से दो दिन की भीतर लगातार खेले। इन मैचों में एक दिन का अंतर होना चाहिए। मैं यह कतई नही कह रहा कि मैचों में एक दिन का अंतराल होता भारत जीत ही जाता लेकिन थकान के चलते हमारी लड़कियों ने बहुत तकनीकी गलतियां की। हमारी लड़कियों बहुत फिट हैं। आप विश्व कप फुटबॉल में ऐसे किसी टीम को लगातार दो दिन में दो मैच खेलते देखेंगे। हमारी टीम ने दृढ़ इच्छा शक्ति दिखाई। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हमारी टीम को गेंद को अपने कब्जे में रखना होगा।
रविवार का मैच: भारत वि ऑस्ट्रेलिया महिला (दूसरा चरण, भारतीय समयानुसार रात साढ़े दस बजे से)।





