अनुभवी नवनीत,ललरेमसियामी व सुशीला महिला हॉकी विश्व कप में नौजवान खिलाड़ियों के मार्गदर्शन को तैयार

Experienced players Navneet, Lalremsiami, and Sushila are ready to mentor young players at the Women's Hockey World Cup

सत्येन्द्र पाल सिंह

नई दिल्ली : अनुभवी मिडफील्डर सलीमा टेटे की अगुआई में भारतीय महिला हॉकी टीम बेल्जियम और नीदरलैंड में 15 अगस्त से शुरू हो रहे हॉकी विश्व कप में नया इतिहास लिखने की हसरत लिए खेलने उतरेगी। भारत की महिला हॉकी टीम ने अब तक 1974 में चौथा स्थान पा कर विश्व कप में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। भारत की महिला हॉकी टीम विश्व कप कप में पूल डी में चीन, दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के साथ हैं। भारत की महिला हॉकी टीम अपने अभियान का आगाज 16अगस्त को चीन के खिलाफ मैच से करेगी। विश्व कप से पहले नौजवान खिलाड़ियों का जोश और अनुभवी खिलाड़ियों के मार्गदर्शन का यह संग भारत की बड़ी ताकत बन गया है। विश्व कप में अपने अभियान की तैयारियों में शिविर में हमारा फोकस साफ था, प्रोसेस पर भरोसा कर एक दूसरे के साथ कदम से कदम मिला भरोसा कर मौके का लुत्फ उठाना। भारत की डिफेंडर ललथातलुआंगी, शिल्पी डबास व इशिका चौधरी, मिडफील्डर साक्षी राणा, सुनीलिता टोपो और दीपिका सोरेंग और फॉरवर्ड दीपिका सहरावत, ऋतुजा डडासो पिसल, इशिका ,बलजीत कौर और ब्यूटी जैसी करीब दर्जन भर नौजवान खिलाड़ियों का यह पहला हॉकी विश्व कप होगा और इसमें अनुभवी मिडफील्डर ललरेमसियामी, स्ट्राइकर नवनीत कौर और अनुभवी डिफेंडर सुशीला चानू जैसी अनुभवी खिलाड़ियों उनका मार्गदर्शन कर बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करने को पूरी तरह तैयार दिखाई देती हैं। बेशक नौजवान महिला हॉकी खिलाड़ियों के लिए हॉकी विश्व कप में खेलना बड़े गर्व की बात है लेकिन इस तरह के बड़े टूर्नामेंट में खेलने उतरने से एक बेचैनी भी महसूस होती है। भारत की अनुभवी खिलाड़ियों ने पहली महिला हॉकी विश्व कप में शिरकत रही खिलाड़ियों को इसके माहौल में आत्मविश्वास के साथ ढालने का जिम्मा उठाया है।

अपनी नौजवान खिलाड़ियों से बात साझा करने को कहते हैं : नवनीत कौर
भारत की अनुभवी स्ट्राइकर नवनीत कौर कहती हैं,‘ हमारी टीम में कई ऐसी खिलाड़ी हैं जो कि पहली बार महिला हॉकी विश्व कप में भारत के लिए खेलेंगी। चूंकि यह बहुत बड़ा टूर्नामेंट है और इसमें खेलने का लेकर बेशक हमारी इन नौजवान साथी खिलाड़ियों पर दबाव तो होगा वे कुछ बेचैनी भी महसूस कर रही होंगी। हम अपनी इन नौजवान खिलाड़ियों से उन्हें अपनी भावनाएं छिपाने की बजाय साझा करने को कहते हैं क्योंकि इससे वे दबाव संभलने में दिक्कत महसूस कर सकती है और इसका भारतीय टीम के प्रदर्शन भी असर पड़ सकता है। यहां तक शिविर में अभ्यास के दौरान इन नौजवान खिलाड़ियों के लिए कोई दिन मुश्किल भरा रहा तो हमने उनसे बैठ कर यह पूछा कि वे क्या दिक्कत महसूस कर रही है। कई बार इन नौजवान खिलाड़ियों ने अपनी बात हमसे साझा करते हुए कहा वे हॉकी विश्व कप में खेलने जाने को लेकर बहुत ज्यादा सोच कर कि वे दबाव महसूस कर रही हैं अगर ऐसा होगा तो क्या होगा और वैसा होगा तो क्या होगा। हमारा काम अपनी टीम की इन नौजवान खिलाड़ियों के साथ संपर्क बनाए रखना है जससे कि वे मैदान और उसके बाहर, हमसे सहज हो अपनी बात साझा करे जिससे कि हम उन्हें भावनाओं पर काबू रखने में मदद कर सकें।

हमारी नौजवान खिलाड़ी बहुत कुशल हैं: ललरेमसियामी
नवनीत कौर की राय से इत्तफाक जताते हुए मिडफील्डर ललरेमसियामी ने अपने पहले विश्व कप की तैयारी कर रही खिलाड़ियों की उत्कृष्टता और परिपक्वता की तारीफ की। ललरेमसियामी ने कहा,‘ पहली बार भारत की महिला विश्व कप में शिरकत करने जा रही हमारी नौजवान खिलाड़ी बहुत कुशल हैं। मैदान पर और उससे बाहर बेहद अनुशासित हैं। बेशक हमारी से नौजवान खिलाड़ी उत्साहित होने के साथ बैचेन भी हैं और बराबर हमसे यही पूछती हैं कि विश्व कप में खेलना कैसा होता है। मेरा अपनी इन साथी नौजवान खिलाड़ियों को यही जवाब होता है आपने जो कुछ अभ्यास में सीखा है उसे पूरा मैदान पर दिखाएं।’

नौजवान खिलाड़ियों के साथ आपसी समझ बढ़िया: सुशीला चानू
भारत की सबसे अनुभवी डिफेंडर व पूर्व कप्तान सुशीला चानू के लिए नौजवान खिलाड़ियों को टीम में शामिल करना एक धीरे धीरे होने वाली प्रक्रिया है। सुशीला चानू कहती हैं,‘ हमारी सीनियर भारतीय टीम में कई जूनियर खिलाड़ियों को शामिल किया और इनमें कुछ महिला हॉकी विश्व कप में खेलने जा रही हैं। इन नौजवान खिलाड़ियों को अपना सर्वश्रेष्ठ देना है और हम टीम की सीनियर खिलाड़ी पूरी तरह उनका साथ देते हैं। इनमे कुछ खिलाड़ी हैदराबाद में विश्व कप कवॉलिफाययर और न्यूजीलैंड में हुए नेशंस कप में जीतने वाली हमारी टीम का हिस्सा रही हैं। हमारी नौजवान खिलाड़ियों के साथ आपसी समझ बढ़िया है। राष्ट्रीय शिविर में साथ साथ अभ्यास करने से हमारा आपस में तालमेल और बेहतर हुआ है।’