गोल्ड, सिल्वर और डायमंड के बाद अब शेयर बाजार में ललिता ज्वेलरी की एंट्री

After gold, silver, and diamonds, Lalitha Jewellery now enters the stock market

मुंबई (अनिल बेदाग) : दक्षिण भारत के ज्वेलरी बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना चुकी ललिता ज्वेलरी मार्ट लिमिटेड अब पूंजी बाजार में दस्तक देने जा रही है। कंपनी का इनिशियल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) 17 अगस्त 2026 को खुलेगा और 19 अगस्त 2026 को बंद होगा। कंपनी ने ₹5 के फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर के लिए ₹190 से ₹201 का प्राइस बैंड तय किया है।

निवेशक न्यूनतम 74 शेयरों के लिए बोली लगा सकेंगे और इसके बाद 74 शेयरों के मल्टीपल में आवेदन किया जा सकेगा। कंपनी के IPO में ₹1,200 करोड़ का फ्रेश इश्यू और प्रमोटर एम. किरण कुमार जैन की ओर से ₹500 करोड़ तक का ऑफर फॉर सेल शामिल है। इस तरह इश्यू का कुल आकार लगभग ₹1,700 करोड़ तक है।

ललिता ज्वेलरी ‘ललिता’ ब्रांड नाम के तहत कारोबार करती है और दक्षिण भारतीय ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए गोल्ड, सिल्वर और डायमंड ज्वेलरी की विस्तृत रेंज पेश करती है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी के तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और पुडुचेरी में 61 स्टोर्स थे। ये स्टोर्स 51 शहरों में कुल 6,50,881 वर्ग फीट क्षेत्र में फैले हुए हैं।

कंपनी की खासियत उसकी इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग क्षमता भी है, जिसके जरिए वह प्रतिस्पर्धी कीमतों पर ज्वेलरी उपलब्ध कराने पर जोर देती है। सभी स्टोर्स में BIS-हॉलमार्क वाली ज्वेलरी की पेशकश कंपनी की ब्रांड पोजिशनिंग का अहम हिस्सा है।

क्रिसिल रिपोर्ट के अनुसार, भारत के प्रमुख ऑर्गेनाइज्ड ज्वेलरी ब्रांड्स में ललिता ज्वेलरी का प्रति स्टोर ऑपरेटिंग रेवेन्यू उल्लेखनीय रहा है। वित्त वर्ष 2026 में यह ₹410.23 करोड़, वित्त वर्ष 2025 में ₹281.62 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 में ₹316.76 करोड़ रहा।
कंपनी ने स्टोर की लोकेशन, आकार और कस्टमर एक्सपीरियंस को लेकर एक तय टेम्पलेट विकसित किया है। कंपनी के मुताबिक इससे उसे मौजूदा बाजारों में विस्तार करने के साथ-साथ नए बाजारों में तेजी से प्रवेश करने में मदद मिलती है।