जिम्बाब्वे से दूसरा टी 20 अंतर्राष्ट्रीय भी जीतकर भारत सीरीज जीतने उतरेगा

Having won the second T20 International against Zimbabwe as well, India will step out aiming to clinch the series

भारत को वैभव से एक और बड़ी पारी व मयंक से धारदार गेंदबाजी की आस

सत्येन्द्र पाल सिंह

नई दिल्ली :बल्लेबाजी की नई सनसनी भारत के वैभव सूर्यवंशी 23 जुलाई, 2026 को 15 बरस 188 दिन की उम्र में जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में सीरीज के पहले टी 20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच में अपने करियर का पहला अर्द्धशतक जड़ दुनिया में सबसे कम उम्र में क्रिकेट के किसी भी फॉर्मेट यह कारनामा करने बल्लेबाज बन गए। वैभव सूर्यवंशी के मात्र 18 गेंदों में चार छक्कों और चार चौकों की मदद से अर्द्धशतक से भारत ने जिम्बाब्वे से पहला टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैच सात विकेट से जीत कर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली। वैभव का भारत के लिए अपने चौथे टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैच में यह पहला अर्द्धशतक था। वैभव ने इंग्लैंड में उसके खिलाफ उसकी धरती पर तीन टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में खेल कर 14, 13, 15 रन बनाए थे । वैभव ने इस तूफानी अर्द्बशतक के साथ यह बता दिया कि वह भविष्य में अपने इसी अलग आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते दिखेंगे।

वैभव के अर्द्धशतक और चोट के चलते दो बरस बाद बाहर रहने के बाद पहली ही गेंद पर विकेट सहित दो विकेट चटका वापसी करने वाले रफ्तार के सौदागर मयंक यादव की धारदार गेंदबाज की बदौलत टी 20 विश्व कप के बाद नए कप्तान श्रेयस अय्यर के मार्गदर्शन में लगातार छह हार के बाद जिम्बाब्वे को बृहस्पतिवार को हरारे में पहले टी 20 अंतर्राष्ट्रीय में हरा भारत जीत की राह पर लौट चुका है। वैभव के साथ उनके सलामी जोड़ीदार अभिषेक शर्मा, खुद कप्तान श्रेयस अय्यर, इशान किशन और उपकप्तान तिलक वर्मा की बड़ी पारियों और मयंक,प्रिंस यादव और अशोक शर्मा जैसे तेज गेंदबाजों की त्रिमूर्ति धारदार गेंदबाजी की बदौलत भारत शनिवार को जिम्बाब्वे से दूसरा टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैच भी जीत सीरीज जीतने के मकसद से उतरेगा। भारत मेजबान जिम्बाब्वे से सीरीज का पहला मैच 40 गेंदों के बाकी रहते सात जीतने के बावजूद उसे हल्के में कतई नहीं लेगा। जिम्बाब्वे ने चेन्नै में इस साल हुए आईसीसी टी 20 विश्व कप में पहले मजबूत ऑस्ट्रेलिया को कोलंबो में ग्रुप बी में ब्रायन बैनेट केअर्द्बशतक और तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी (4/17) और ब्रैड इवांस (3/27) के गेंद से कहर की बदौलत 23 रन से हरा उलटफेर करने के बाद भारत के हाथों चेन्नै सुपर 8 में 72 रन से हारने के बावजूद उसे कड़ी टक्कर दी थी। तब भारत के खिलाफ जिम्बाब्वे के सलामी बल्लेबाज ब्रायन बैनेट 98 रन बना नॉटआउट रहे थे। भारत के लिए जिम्बाब्वे का यह दौरा इसलिए भी अहम है क्योंकि उसे अगले बरस दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामिबिया की संयुक्त मेजबानी में होने वाले आईसीसी वन डे क्रिकेट विश्व कप 2027 में शिरकत करनी है। ऐसे में हरारे में खेलने से उसे दक्षिण अफ्रीका की जीवंत पिचों के मिजाज को भांपने और उसके मुताबिक खेलने के लिए खुद को ढालने के लिए यह टी 20 सीरीज खासी अहम हो सकती है।

वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड के खिलाफ पांच टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों की सीरीज के जिन तीन मैचों में मौका मिला वहां उन्हें उनके राजस्थान रॉयल्स के साथी रफ्तार के सौदागर जोफ्रा आर्चर ने रफ्तार के साथ शॉर्ट पिच गेंदों की बौछार कर दो बार आउट किया था। जिम्बाब्वे के भी साढ़े छह फुट लंबे बाएं हाथ के तेज गेंदबाज रिचर्ड नगरवा और ब्लेसिंग मुजरबानी ने रफ्तार से वैभव सूर्यवंशी का बृहस्पतिवार को जो इम्तिहान लेने की कोशिश की उसमें खरे उतर कर उन्होंने भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर और इस दौरे पर कोच वीवीएस लक्ष्मण के भरोसे को सही साबित किया। वैभव सूर्यवंशी जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज के इस पहले टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैच में मेजबान टीम के तेज गेंदबाज रिचर्ड नगरवा और ब्लेसिंग मुजरबानी की गेंद पर जमकर प्रहार किया।

भारत के लिए यह अच्छी बात है कि वैभव सूर्यवंशी के साथ मयंक यादव, प्रिंस यादव और अशोक शर्मा जैसे रफ्तार के सौदागरों ने हरारे की तेज गेंदबाजों के लिए मददगार पिच का पूरा लाभ उठा उसे पहले टी 20 में मेजबान जिम्बाब्वे को महज 125 पर रोक दिया। बावजूद इसके भारत के गेंदबाजों को पलटवार को बेताब जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों खासतौर पर ब्रायन बैनेट, कप्तान सिकंदर रजा और विकेटकीपर तदीविनाशी मरुमानी से चौकस रहना होगा।

दरअसल सपाट पिचों पर आईपीएल में अपने घर में भारत के ज्यादातर बल्लेबाजो के आईपीएल में रनों का अंबार लगाने के बाद को पहले आयरलैंड और फिर इंग्लैंड में वहां के नम मौसम में उसकी तेज पिचों पर खुद को ढालने के लिए वक्त ही नहीं मिला।क्रिकेट कुछ जानकार वैभव सूर्यवंशी के जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में पहला टी 20 अंतर्राष्ट्रीय अर्द्बशतक जड़ने के बावजूद यह बताने की कोशिश कर रहे हैं सचिन तेंडुलकर ने अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय शतक पाकिस्तान के वसीम अकरम, वकार यूनुस और आकिब जावेद जैसे बेहतर रफ्तार के सौदागरों के खिलाफ सियालकोट में टेस्ट में जड़ा था। बेशक सचिन महान हैं लेकिन क्रिकेट के इन जानकारों को यह भी समझना होगा कि वैभव ने सचिन से करीब एक बरस से कम उम्र में अपने करियर के चौथे टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैच में अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय अर्द्धशतक जड़ा है। वैभव की सचिन से फिलहाल तुलना बेमानी है।वैभव को अभी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में बहुत लंबा रास्ता तय करना है। बावजूद इसके वैभव सूर्यवंशी के क्रिकेट के शिखर पर पहुंचने की पूरी संभावनाए हैं। भारत मयंक, प्रिंस और अशोक शर्मा जैसे तेज गेंदबाजी की त्रिमूर्ति से दूसरे टी 20 में सीरीज के पहले मैच की सी धारदार गेंदबाजी की आस करेगा। साथ ही यह चाहेगा कि लेग स्पिनर रवि बिश्नोई भी अपनी खोई रंगत और विश्वास बाकी बचे दो मैचों में बेहतर प्रदर्शन कर वापस पा लें।

टीम इंडिया में वापसी कर पहले जैसा प्रदर्शन करना चाहता था: मयंक
मयंक यादव ने 2024 में 22 बरस की उम्र में भारत के पहला टी 20 अंतर्राष्ट्रीय खेला था। इसके बाद बराबर चोटों के चलते मयंक भारतीय टीम से करीब दो बरस बाहर रहे। सीरीज के पहले मैच में दो विकेट चटका मैन आफ द’ मैच भारत के 22 बरस के तेज गेंदबाज मयंक यादव ने कहा, ‘मुझे लगा कि कम उम्र में ही मुझे बहुत कुछ झेलना पड़ गया। देश के लिए खेलने का जज़्बा हमेशा बना रहा। इसलिए मैं टीम इंडिया में वापसी कर पहले जैसा ही प्रदर्शन करना चाहता था। जहां तक अन्य नौजवान साथी गेंदबाजों की बात है तो कहूंगा कि हम रफ्तार की बाबत आपस में बहुत बात नहीं करते लेकिन हमारी आपस में बहुत बढ़िया जुगलबंदी है। मैंने बृहस्पतिवार को पहले टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैच में जिम्बाब्वे के खिलाफ पहला ओवर फेंकने के बाद पिच के मिजाज और इससे मिल रही मदद की बाबत प्रिंस और अशोक शर्मा से जानकारी साझा कर कहा इस पर बतौर गेंदबाज आक्रमण करना बेहतर विकल्प है। शुरू के छह ओवर के बाद हमारी भारतीय टीम बढ़िया स्थिति में थी। बाद में हमारी आपस में बस यही बात हुई कि हम जिम्बाब्वे कैसे अपना शिकंजा और कस सकते हैं। हम कैसी गेंदबाजी कर सकते हैं। मैंने मैच से पहले कप्तान श्रेयस अय्यर से बहुत बात नहीं की थी लेकिन मैच के दौरान उन्होंने अपने हम सभी भारतीय गेंदबाजों पर बहुत भरोसा दिखाया। मुझे यह देखकर अच्छा अहसास हुआ कि मैं जिस तरह गेंदबाजी करना चाहता था, मुझे उसकी इजाजत दी। जब श्रेयस ने मुझे कुछ सलाह दी तो मुझमें उसे अमली जामा पहना उसी के मुताबिक गेंदबाजी करने का विश्वास पैदा हुआ। श्रेयस की कप्तानी में पहली बार खेलते हुए खुद को खासा सहज महसूस किया। मैंने इससे पहले उन्हें केवल टीवी और अन्य टीमों के खिलाफ कप्तानी करते देखा। वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी की अविश्वनीय है। मैंने जब वैभव के गेंदबाजी तो उन्होंने ऐसे शॉट खेले,जिनकी उम्मीद इतने कम अनुभवी और नौजवान बल्लेबाज से नहीं की जा सकती। वैभव को बल्लेबाज करते देखना हमेशा बहुत बढ़िया लगाता है। इस उम्र में वैभव की प्रतिभा लाजवाब है। मैंने भी यह सोचा नहीं था कि कोई 15 बरस का ऐसा लड़का आएगा और सबको पीछे छोड़ देगा। वैभव का अपनी भारतीय टीम में होना शानदार अहसास है क्योंकि जब आईपीएल में हम दोनों एक दूसरे के खिलाफ खेले थे तो उन्होंने हमारी टीम के गेंदबाजों की जमकर धुनाई कर दी थी। टीम की जीत में योगदान करना हमेशा अच्छा लगता है। मेरे लिए यह खास क्षण था। पिच बहुत बढ़िया थी। भारत में खेलने के बाद हरारे में गेंदबाजी करने का मैंने लुत्फ उठाया। मेरा जिम्बाब्वे का यह पहला दौरा है। हरारे की पिच से मिले उछाल और सीम मूवमेंट से बहुत मदद मिली। गेंदबाजी में हमाराआगाज बढ़िया रहा और पहली ही गेंद पर मुझे विकेट मिल गया। दूसरे छोर से प्रिंस यादव अशोक शर्मा का कसी गेंदबाजी का शिकंजा कसना बढ़िया रहा।‘

हमारा खेल स्तर के मुताबिक नहीं रहा: सिकंदर रजा
जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने कहा, ‘हमारा खेल स्तर के मुताबिक नहीं रहा। सुबह पिच में कुछ नमी से भारतीय गेंदबाजों को मदद मिली लेकिन इसकी भूमिका बहुत ज्यादा नहीं रही। आखिर के आठ ओवरों और जब भारत बल्लेबाजी के लिए उतरा तो पिच बल्लेबाजी के लिए बढ़िया और सपाट हो गई थी। हमने अपने कई बल्लेबाजों को नई भूमिका दी और इसमें वे बढ़िया खेले। हां, मैच से हमारे लिए कुछ सकारात्मक रहा।’