भारत और पाक की पुरुष हॉकी टीमें एशियाई खेलों में अलग- अलग पूल में

Indian and Pakistani men's hockey teams in separate pools at the Asian Games

भारत की पुरुष हॉकी टीम पूल ए में और महिला हॉकी टीम पूल बी में

सत्येन्द्र पाल सिंह

नई दिल्ली : भारत की पुरुष हॉकी टीम को आईची नगोया (जापान) में होने वाले 2026 के एशियाई खेलों में पूल ए में और भारतीय महिला हॉकी टीम पूल में रखा गया है। चिर प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान की पुरुष टीमें एशियाई खेलों में अलग अलग पूल में हैं। एशियाई खेलों के लिए पुरुष और महिला हॉकी स्पर्द्धा का ड्रॉ शुक्रवार को निकाला गया है। एशियाई खेलों में हॉकी में पुरुष और महिला, दोनों वर्गों में कुल 12-12 टीमें शिरकत करेंगी। हॉकी में एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक विजेता सीधे 2028 में लॉस एंजेल्स में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए क्वॉलिफाई करेगा। एशियाई खेलों की मौजूदा चैंपियन भारत की पुरुष हॉकी टीम इस बार भी अपना खिताब बरकरार रख सीधे 2028 के लॉस एंजेल्स ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई करने की मजबूत दावेदार है। भारत की पुरुष हॉकी टीम 2023 एशियाई खेलों की तरह 2026 में जापान में होने वाले एशियाई खेलों में इस बार अपना स्वर्ण पदक बरकरार रख 2028 के लॉस एंजेल्स ओलंपिक के लिए सीधे क्वॉलिफाई करने की दावेदार है। दोनों पूल से शीर्ष दो दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेगी जबकि बाकी टीमें स्थान निर्धारण मैच खेलेंगी।

जापान में होने वाले एशियाई खेलों में हॉकी मुकाबले 18 सितंबर से 3 अक्टूबर तक काकामिगहारा स्टेडियम, गिफू मे होंगे। पुरुष हॉकी का स्वर्ण पदक के लिए फाइनल 3 अक्टूबर को महिला हॉकी का फाइनल 2 अक्टूबर को खेला जाएगा। भारत की पुरुष हॉकी टी आईची नगोया(जापान), 2026 एशियाई खेलों में अपना खिताब बरकरार रखने उतरेगी। हरमनप्रीत सिंह की अगुआई में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 2023हांगजू (चीन) के एशियाई खेलों के फाइनल में जापान को 5-1से हरा स्वर्ण पदक जीत कर सीधे 2024 के पेरिस ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई करने के बाद वहा अपना कांसा बरकरार रखा था। भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीमे 15 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड में होने एफआईएच हॉकी विश्व कप के तीन हफ्ते के बाद एशियाई खेलों में शिरकत करेंगी और ऐसे में इन दोनों ही अहम टूर्नामेंटों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना उसके लिए खासी मुश्किल चुनौती होगा।

भारत की पुरुष हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में अब तक चार बार-1966, 1998, 2014 और 2023 में स्वर्ण पदक और नौ बार रजत और तीन बार कांसा जीता है। पुरुष हॉकी 1958 में टोक्यो में हुए एशियाई खेलों से इसका हिस्सा है। महिला हॉकी को पहले पहल 1982 में नई दिल्ली में एशियाई खेलों में पहली बार शामिल किया गया है। पाकिस्तान की पुरुष हॉकी टीम ने एशियाई खेलों मे सबसे ज्यादा आठ बार स्वर्ण पदक जीता है। दक्षिण कोरिया की पुरुष हॉकी टीम ने चार बार जबकि जापान ने 2018 में पहली और मात्र एक बार एशियाई खेलो में स्वर्ण पदक जीता।
भारत की पुरुष हॉकी टीम को एशियाई खेलों में मेजबान पिछली उपविजेता जापान, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और इंडोनेशिया के साथ पूल ए में रखा गया है। पाकिस्तान की पुरुष हॉकी टीम को मलयेशिया, चीन, ओमान, उज्बेकिस्तान और थाईलैंड के साथ बेहद आसान पूल बी में रखा गया।

एशियाई खेलों के महिला हॉकी के ड्रॉ के मुताबिक भारत को मेजबान जापान, थाईलैंड, सिंगापुर, इंडोनेशिया और उज्बेकिस्तान के साथ पूल बी में रखा गया जबकि पूल ए में चीन, दक्षिण कोरिया, मलयेशिया, कजाकिस्तान, चीनी ताइपे और बांग्लादेश की टीमें हैं। अलग अलग पूल में हैं।
एशियाई खेलों में 1982 में पहली बार महिला हॉकी को शामिल किए जाने के बाद से भारत को इसमें अपने स्वर्ण पदक का इंतजार है। भारत की महिला हॉकी टीम एशियाई खेलों में अब तक मात्र दो बार स्वर्ण और चार कांसे ही जीत पाई। अब तक दक्षिण कोरिया की महिला हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में सबसे ज्यादा पांच बार और चीन ने उसके बाद चार बार खिताब जीता है। चीन की महिला हॉकी टीम 2026 के एशियाई खेलों में खिताब की सबसे प्रबल दावेदार हैं।

2026 के एशियाई खेलों के लिए 20 सदस्यीय भारतीय महिला हॉकी टीम :
गोलरक्षक : सविता, बिच्छू देवी खरीबम।
रक्षापंक्ति : इशिका चौधरी, सुशीला चानू पुखरंबम, ललथांतलुआंगी, ज्योति , शिल्पी डबास।
मध्यपंक्ति : निकी प्रधान, साक्षी राणा, सुनीलिता टोपो, सलीमा टेटे (कप्तान), नेहा, दीपिका सोरेंग।
अग्रिम पंक्ति : ललरेमसियामी, ऋतुजा डडासो पिसल, नवनीत कौर, दीपिका सहरावत, इशिका, बलजीत कौर ब्युटी डुंगडुंग।