भारत ने जिम्बाब्वे को तीसरे व आखिरी टी 20 अंतर्राष्ट्रीय में दी 35 रन से शिकस्त
सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : 15 बरस के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज मैन ऑफ द‘ सीरीज वैभव सूर्यवंशी के लगातार दूसरे आतिशी अर्द्ध शतक और रफ्तार के सौदागर मयंक यादव के चटकाए तीन विकेट की बदौलत भारत ने मेजबान जिम्बाब्वे को हरारे क्रिकेट मैच पर तीसरे और आखिरी टी 20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच में रविवार को 35 रन से हरा लगातार तीसरी जीत के साथ उसका सूपड़ा साफ कर सीरीज 3-0 से जीत ली। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पहले पहले मेजबान आयरलैंड(0-2) और फिर इंग्लैंड (0-4) के हाथों लगातार दो सीरीज और लगातार छह टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैच हारने के बाद भारत ने मेजबान जिम्बाब्वे से तीनों टी 20 अंतर्राष्ट्रीय जीत इस दौरे का समापन किया। जिम्बाब्चे की टीम ने सीरीज के तीसरे और आखिरी मैच में ही जरूर भारत के खिलाफ कुछ संघर्ष का दम दिखाया।
मैन ऑफ द’ सीरीज और लगातार दूसरे अर्द्बशतक के साथ मैन ऑफ द’ मैच रहे सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी(81 रन, 49 गेंद, चार छक्के व आठ चौके) की इशान किशन(29 रन, 26 गेंद, चार चौके) के साथ दूसरे विकेट की 70 और कप्तान श्रेयस अय्यर (27 रन, 18 गेंद, दो चौके) के साथ तीसरे विकेट की 50 रन भागीदारियों की बदौलत भारत ने पहले बल्लेबाजी की दावत पाकर निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट पर 192 रन कर मजबूत स्कोर बनाया। वैभव ने अपना अर्द्ध शतक वेसले मडेवरे की गेंद पर एक रन दौड़ पारी के दसवें ओवर मे 31 गेंद खेल कर दो छक्कों और छह चौकों की मदद से पूरा किया जो कि उनके लिहाज अपेक्षाकृत धीमा था। तेज गेंदबाज ब्रैड इवांस (2/41) जिम्बाब्वे के सबसे कामयाब गेंदबाज रहे। इवांस ने पारी के अंत में भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर और रिंकू सिंह (25) को वेसले मडेवरे के हाथों कैच कराया। वैभव सूर्यवंशी ने बेशक जिम्बाब्वे के सभी गेंदबाजों को निशाना बनाया लेकिन रविवार को उन्होंने अच्छी गेंदों को सम्मान भी दिया। सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी(81 रन, 49 गेंद, चार छक्के व आठ चौके) की इशान किशन(29 रन, 26 गेंद, चार चौके) के साथ दूसरे विकेट की 70 और कप्तान श्रेयस अय्यर (27 रन, 18 गेंद, दो चौके) के साथ तीसरे विकेट की 50 रन भागीदारियों की बदौलत भारत को मजबूत स्कोर खड़ा करने में मदद की। वैभव ने अपना अर्द्ध शतक वेसले मडेवरे की गेंद पर एक रन दौड़ पारी के दसवें ओवर मे 31 गेंद खेल कर दो छक्कों और छह चौकों की मदद से पूरा किया जो कि उनके लिहाज अपेक्षाकृत धीमा था। तेज गेंदबाज ब्रैड इवांस (2/41) जिम्बाब्वे के सबसे कामयाब गेंदबाज रहे। इवांस ने पारी के अंत में भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर और रिंकू सिंह (25) को वेसले मडेवरे के हाथों कैच कराया।
जवाब में रफ्तार के सौदागर मयंक यादव(3/29), यश ठाकुर (2/45) और अशोक शर्मा (1/20) जैसे तेज गेंदबाजों की त्रिमूर्ति ने आपस में छह विकेट बांटकर रेयन बर्ल (अविजित 54 रन, 43 गेंद, पांच चौके)के अविजित अर्द्बशतक और वेसले मडेवरे (28 रन, 25 गेंद, दो छक्के, एक चौका) के साथ उनकी पांचवें विकेट के लिए 60 की भागीदारी के बावजूद जिम्बाब्वे को 20 ओवर में सात विकेट पर 157 रन पर रोक भारत को आखिरी टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैच और सीरीज जिता दी। नवोदित तेज गेंदबाज यश ठाकुर के अपने दूसरे ओवर में पहले डियोन मायर्स (19 रन, 15 गेंद, एक छक्का, एक चौका) को कप्तान श्रशयस अय्यर के हाथों मिडऑफ पर और कप्तान सिकंदर रजा (0 रन, 1 गेंद) अगली ही मिडल व लेग स्टंप पर गेंद को ऑन साइड पर खेलने खुद बढ़िया कैच लपक कर जिम्बाब्वे का स्कोर तीन विकेट पर 34 कर दिया। भारत के रफ्तार के सौदागर मयंक यादव ने जिम्बाब्वे की पारी की पहली गेंद पर ब्रायन बैनेट (0 रन, 1 गेंद) को पहली स्लिप में वैभव सूर्यवंशी ने लपका। लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने बेन करेन (20 रन, 19 गेंद, दो चौके) को शॉर्ट थर्डमैन पर मयंक यादव के हाथों पारी के आठवें ओवर में कैच करा कर स्कोर चार विकेट पर 65 कर दिया। रेयन बर्ल ने वेसले मडेवरे (28 रन, 25 गेंद, दो छक्के, एक चौका) के साथ पांचवें विकेट के लिए 60 रन जोड़े थे कि तभी मेडेवरे को मयंक यादव ने पारी के 16 वे और अपने तीसरे ओवर की पांचवीं गेंद पर तिलक वर्मा के हाथों कैच कर जिम्बाब्वे का स्कोर पांच विकेट पर 125 कर भारत को राहत दिलाई। नवोदित तेज गेंदबाज अशोक शर्मा ने चौथे व आखिरी व पारी के 18 वें ओवर की पहली ही गेंद पर विकेटकीपर तदिवनाश मरूमानी(1 रन, 3 गेंद) का ऑफ स्टंप उखाड़ बोल्ड कर अपने टी 20 अंतर्राष्ट्रीय करियर का पहला विकेट लेकर जिम्बाब्वे का स्कोर छह विकेट पर 135 कर दिया, यश की गेंद पर तिलक वर्मा ने वेसले मडेवरे (17) का पारी के 15 वें ओवर की पहली ही गेंद पर टपकाया और जिम्बाब्वे का स्कोर चार विकेट पर 107 रन इसका लाभ उठाकर उन्होंने एक छक्का और एक चौका जड़ा और जिम्बाब्वे ने इस ओवर में 15 रन बनाए। मयंक यादव ने अपने चौथे व मैच के आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद पर ब्रैड इवांस (14 रन, 13 गेंद, एक छक्का) को कवर में रिंकू सिंह के हाथों कैच कराया और जिम्बाब्वे ने सातवां विकेट 156 रन पर खोया।
इससे पहले भारत के सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के साथ पारी का आगाज करने वाले उनके सलामी जोड़ीदार अभिषेक शर्मा (2 रन, 4 गेंद) पारी के दूसरे और जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी के पहले ओवर की पांचवी गेंद को क्रीज छोड़ उड़ाने के फेर में कवर में मरुमानी के हाथों लपके गए और भारत ने अपना पहला विकेट मात्र 20 रन खो दिया। अभिषेक इस टी 20 सीरीज में लगातार तीसरी बार बार सस्ते में आउट हुए। वैभव ने अनुभवी इशान किशन के साथ मिलकर तेजी से भारत की पारी को आगे बढ़ाने की कोशिश और स्कोर को 10.1 ओवर में मिलकर 95 रन पर पहुंचाया था तभी इशान भी क्रीज छोड़ कर जिम्बाब्वे के कप्तान ऑफ स्पिनर सिकंदर रजा की गेंद को क्रीज छोड़ कर सउड़ाने की कोशिश में चूके और बोल्ड हो गए। वैभव सूर्यवंशी पारी के 15 वें ओवर में ऑफ स्पिनर वेसले मडेवरे की गेंद वाइड गेंद को बाउंड्री के उपर से उड़ाने गए और ब्रैड इवांस ने लॉन्ग ऑन से दौड़ते हुए गजब का कैच लपक कर उनकी शानदार पारी का अंत किया और भारत ने तीसरा विकेट 145 पर खो दिया। कप्तान श्रेयस अय्यर ने तेज गेंदबाज ब्रैड इवांस की आफ स्टंप के बार धीमी गेंद को उड़ाने की कोशिश में मडेवरे को डीप मिडविकेट पर कैच थमाया और भारत ने चौथा विकेट 164 रन खोया। फिनिशर रिंकू सिंह (25 रन, 14 गेंद, एक छक्का, दो चौके) ने ब्रैड इवांस की गेद को उड़ाने की कोशिश में मडेवरे को डीप कवर में कैच थमाया।
मुझे हरारे में खेलना रास आता है: वैभव सूर्यवंशी
तीन टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों की सीरीज में कुल 151 रन बना बना मैन ऑफ द’ सीरीज रहे भारत के 15 बरस के नौजवान बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने कहा,‘ मैन ऑफ द’ सीरीज चना जाने पर बहुत बढ़िया लग रहा है। हमारी हरारे में तैयारियां बढ़िया रही। मैं हररे में आईसीसी अंडर 19 क्रिकेट विश्व कप के फाइनल में खेला था। मुझे हरारे में खेलना रास आता है। हमारी भारतीय टीम कप्तान और कोच सहित हर किसी ने मेरा साथ दिया। मैंने टी 20 क्रिकेट के मिजाज के मुताबिक अपना नैसर्गिक खेल खेलने की कोशिश की। मैंने टीम को बढ़िया शुरुआत देने और बड़ी पारी खेलने की कोशिश की।’
सीओई में मेहनत का नतीजा हरारे में दिखा: रवि बिश्नोई
भारत के लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने कहा,‘ मैंने सेंटर ऑफ एक्सिलेंस(सीओई) में जो मेहनत की उसका नतीजा हरारे में दिखा क्योंकि इससे पहले मैं कुछ गलतियां कर रहा था। इंग्लैंड के खिलाफ मेरे लिए ढीली रही टी 20 सीरीज के बाद मुझे भारत के क्रिकेट उस्तादों और सपोर्ट स्टाफ का बहुत सहयोग मिला। जिम्बाब्वे में गेंद बहुत घूमती नहीं है लेकिन बार बहुत तेज और नीची रहती है, जिससे मेरी गेंदबाजी को मदद मिली। बेशक हमें बतौर स्पिनर लंबे मैदानी की जरूरत होती है।





