7623 करोड़ का बैंक फ्रॉड: अनिल अंबानी के 2 पूर्व सीईओ गिरफ्तार

₹7,623 crore bank fraud: Two former CEOs of Anil Ambani arrested

इंद्र वशिष्ठ

सीबीआई ने अनिल अंबानी की रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड के पूर्व निदेशक एवं सीईओ देवांग मोदी तथा रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड के पूर्व कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ रवींद्र सुधालकर को गिरफ्तार किया है।

इन दोनों अधिकारियों पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ 7,623 करोड़ की ऋण धोखाधड़ी और हेराफेरी करने का आरोप है। आरसीएफएल मामले में 13 बैंकों को 4,097 करोड़ रुपये का नुकसान और आरएचएफएल मामले में 10 बैंकों को 3,526 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया है।

जांच में सामने आया है कि देवांग मोदी ने ऐसे मध्यस्थ (इंटरमीडियरी) और माध्यम (कंड्यूट) कंपनियों को ऋण मंजूर किए, जबकि उन्हें पता था कि यह ऋण वितरण भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से लिए गए ऋणों की शर्तों के विपरीत था।

इसी प्रकार, रवींद्र सुधालकर ने भी ऐसी मध्यस्थ और माध्यम कंपनियों को ऋण स्वीकृत किए जो कंपनी की ऋण नीति, राष्ट्रीय आवास बैंक और आरबीआई के दिशा-निर्देशों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से लिए गए ऋणों की शर्तों के विपरीत थे।
सीबीआई के अनुसार, आरोपियों ने आरसीएफएल और आरएचएफएल द्वारा बैकों से उधार लिए गए धन को रिलायंस एडीए ग्रुप की कंपनियों रिलायंस कैपिटल लिमिटेड, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस पावर लिमिटेड को दे दिया। इससे ऋणदाता बैंकों को कुल 7,623 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जबकि संबंधित कंपनियों और अन्य पक्षों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।

उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम की शिकायतों के आधार पर रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड , रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड , रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड के खिलाफ सात एफआईआर दर्ज की हैं। इन मामलों की जांच जारी है और इसकी निगरानी सर्वोच्च न्यायालय कर रहा है।

सीबीआई अब तक रिलायंस एडीए ग्रुप मामलों में कुल पांच लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।