भारत और कोरिया गणराज्य सशक्त एवं प्रगतिशील लोकतंत्र हैं – श्री हरिवंश
प्रमोद शर्मा
नई दिल्ली : कोरिया गणराज्य की नेशनल असेंबली के माननीय उपाध्यक्ष, श्री ली हैक-यंग के नेतृत्व में एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने आज संसद भवन में राज्यसभा के माननीय उपसभापति श्री हरिवंश से भेंट की।
बैठक के दौरान, श्री हरिवंश ने कहा कि भारत और कोरिया गणराज्य सशक्त एवं प्रगतिशील लोकतंत्र हैं तथा दोनों देशों के बीच संसदीय आदान-प्रदान की एक सुदृढ़ परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की संसदों के बीच नियमित संवाद और आपसी बातचीत ने भारत-कोरिया विशेष कार्यनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
द्विपक्षीय सहयोग की बहुआयामी प्रकृति को रेखांकित करते हुए, श्री हरिवंश ने कहा कि भारत और कोरिया गणराज्य के बीच व्यापार एवं निवेश, रक्षा, संस्कृति तथा लोक संपर्क जैसे क्षेत्रों में घनिष्ठ साझेदारी है, जो लोकतंत्र, विधि सम्मत शासन, वैश्विक शांति और समृद्धि के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है।
दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए, श्री हरिवंश ने कहा कि अयोध्या की राजकुमारी सुरीरत्ना और गिम्हे के राजा किम सू-रो के विवाह संबंध के माध्यम से भारत और कोरिया गणराज्य जुड़े हुए हैं, जो दोनों राष्ट्रों के बीच गहन सभ्यतागत संबंधों को दर्शाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह गर्व का विषय है कि वर्ष 2011 में, कोरिया गणराज्य सरकार ने गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की 150वीं जयंती के अवसर पर सियोल में नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा स्थापित की। श्री हरिवंश ने स्मरण कराया कि गुरुदेव टैगोर ने वर्ष 1929 में ‘लैम्प ऑफ द ईस्ट’ नामक कविता लिखी थी, जिसमें कोरिया के गौरवशाली अतीत और उज्ज्वल भविष्य को श्रद्धांजलि दी गई थी, जिसे आज भी कोरियाई जनता स्नेहपूर्वक याद करती है।
श्री हरिवंश ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश में निरंतर वृद्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 27 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया है। भारत में कोरियाई कंपनियों की उपस्थिति का उल्लेख करते हुए, उन्होंने कहा कि हंडई, सैमसंग और एलजी भारत में लोकप्रिय नाम बन चुके हैं।
साझा दृष्टिकोण को ठोस कार्यरूप देने में सांसदों की भूमिका को रेखांकित करते हुए, श्री हरिवंश ने संसदीय सहयोग को और सुदृढ़ बनाने के लिए आगंतुक प्रतिनिधिमंडल को अपना पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सतत संवाद और आदान-प्रदान से भारत और कोरिया गणराज्य के बीच संबंधों की पूर्ण संभावनाओं को साकार करने में सहायता मिलेगी तथा प्रतिनिधिमंडल को भारत में सुखद और सार्थक प्रवास की शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर, राज्य सभा की माननीय सदस्य श्रीमती रेखा शर्मा, श्री मुजिबुल्ला खान, डा. परमार जशवंतसिंह सालमसिंह, राज्य सभा के महासचिव श्री पी. सी. मोदी, राज्य सभा सचिवालय तथा विदेश मंत्रालय (एमईए) के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।





