लघुकथा शोध केन्द्र तथा रचनाकार ने आयोजित की लघुकथा प्रतियोगिता

The Flash Fiction Research Centre and Rachnakar organized a flash fiction competition

रविवार दिल्ली नेटवर्क

कोलकाता : ‘लघुकथा शोध केन्द्र, भोपाल की कोलकाता इकाई’ जिसे अन्तर्राष्ट्रीय संस्था रचनाकार संचालित करती है द्वारा स्योना एक्सपीरियंस कैफे में एक लघुकथा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें कोलकाता के अनेक स्थापित एवं नवांकुर लघुकथाकारों ने भाग लिया।

‘लघुकथा शोध केन्द्र कोलकाता इकाई’ के अध्यक्ष श्री रावेल पुष्प ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि बंगाल में जहां लघुकथाकार महज उंगलियों पर गिनने लायक थे, वहीं अब लघुकथाओं पर हुए राष्ट्रीय कार्यक्रमों के पश्चात इस तरह की प्रतियोगितायें नये लिखने वालों के लिए प्रोत्साहन और प्रेरणा का स्त्रोत बनेंगी और जिसके परिणाम मिलने शुरू भी हो गये हैं। लघुकथा जहां पहले हाशिये पर होती थी आज एक स्वतंत्र विधा के रूप में प्रतिष्ठित हो चुकी है।

निर्णायक सह मुख्य अतिथि वक्ता के तौर पर भागलपुर (बिहार) से पधारे ‘लघुकथा मंच भागलपुर’ के संस्थापक अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार तथा लघुकथाकार श्री पारस कुंज थे जबकि विशिष्ट अतिथि पटना बिहार से पधारीं सम्मानित लघुकथाकार श्रीमती पूनम आनंद थीं। इसके अलावा कोलकाता की वरिष्ठ लघुकथाकार श्रीमती विद्या भंडारी भी निर्णायक मंडल में शामिल थीं।

शोध केन्द्र की उपाध्यक्ष शुभ्रा उपाध्याय ने भी लघुकथा पर अपने विचार व्यक्त किए।

रचनाकार कोलकाता की अध्यक्ष लघुकथाकार तथा कवयित्री श्रीमती रचना सरन और उपाध्यक्ष भारती मिश्रा के सफल संचालन में यह कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।‌

प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागी थे- डॉ. शिप्रा मिश्रा, श्वेता गुप्ता, डॉ उषा पाण्डेय शुभांगी,अंजु मनोत, नुपुर श्रीवास्तव,निधि कुमारी सिंह,सुरेन्द्र सिंह,विश्वजीत ठाकुर,सबिता भुवानिया,राधा गुप्ता,सुधा मिश्रा, अजय पोद्दार अनमोल,

स्वीटी कुमारी,विजय कुमार जायसवाल,रमाकांत जायसवाल तथा रमाकांत सिन्हा।

प्रतियोगिता में रमाकांत सिन्हा ने प्रथम , सबिता भुवानिया और विश्वजीत ठाकुर ने संयुक्त रूप से द्वितीय तथा नुपुर श्रीवास्तव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

निर्णायकों ने संस्था की ओर से सभी विजेताओं को सम्मान पत्र प्रदान किए। इसके साथ ही विशेष रूप से उपस्थित कस्टम और सेन्ट्रल एक्साईज के पूर्व सहायक निदेशक (राजभाषा)तथा गौड़ीय मिशन की कई पुस्तकों के अनुवादक डॉ नगेन्द्र कुमार को सम्मानित भी किया गया।