गोपेन्द्र नाथ भट्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 28 फरवरी को प्रस्तावित अजमेर यात्रा को राजस्थान की राजनीति और विकास परिदृश्य में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह दौरा केवल एक औपचारिक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य के लिए नई विकास संभावनाओं, निवेश और रोजगार के अवसरों का संकेत भी है। अजमेर, जो धार्मिक, ऐतिहासिक और शैक्षिक दृष्टि से विशिष्ट पहचान रखता है, इस यात्रा के माध्यम से राष्ट्रीय फोकस में आ गया है।
अजमेर एक ऐतिहासिक नगर और राजस्थान का केन्द्र बिन्दु है, जहाँ देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु हर वर्ष आते हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री की यात्रा सांस्कृतिक और सामाजिक सद्भाव का संदेश भी देती है। प्रधानमंत्री की इस यात्रा के दौरान राज्य में हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन किया जायेगा। इन परियोजनाओं में सड़क, रेल, ऊर्जा, जल संसाधन और शहरी विकास से जुड़ी योजनाएँ शामिल हो सकती हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को अजमेर स्थित कायड़ विश्राम स्थली में यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रस्तावित जनसभा हेतु आयोजन स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।कार्यक्रम की भव्यता, सुरक्षा प्रबंधन एवं आमजन की सुविधाओं से जुड़ी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक व्यवस्था समयबद्ध, सुचारु, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से सुनिश्चित करने के दिशा-निर्देश दिए।इस गौरवशाली अवसर पर प्रदेश को विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात प्राप्त होगी। साथ ही प्रदेश के युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे।राजस्थान प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए पूर्ण उत्साह और तत्परता के साथ तैयार है।
राजस्थान जैसे भौगोलिक रूप से विशाल राज्य में आधारभूत संरचना का विस्तार आर्थिक प्रगति की कुंजी है। राज्य के लोग विशेष रूप से बेहतर सड़क संपर्क, रेलवे नेटवर्क के विस्तार और औद्योगिक कॉरिडोर की घोषणा की अपेक्षा कर रहे हैं। यदि इन क्षेत्रों में ठोस निवेश होता है तो इससे व्यापार, पर्यटन और स्थानीय उद्योगों को नई गति मिलेगी।
राजस्थान का युवा वर्ग प्रधानमंत्री की इस यात्रा को रोजगार के अवसरों से जोड़कर देख रहा है। सरकारी नियुक्ति-पत्र वितरण, कौशल विकास कार्यक्रमों और स्टार्टअप प्रोत्साहन योजनाओं की संभावित घोषणाएँ युवाओं में उत्साह पैदा कर रही हैं। राज्य में लंबे समय से बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा रहा है। ऐसे में यदि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उद्योग निवेश, आईटी पार्क, और विनिर्माण इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देते हैं, तो यह युवाओं के लिए राहतकारी कदम साबित हो सकता है।
अजमेर, पुष्कर और आसपास का क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री की यात्रा से इस क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अतिरिक्त प्रचार मिलने की संभावना है। पर्यटन अवसंरचना, होटल उद्योग, स्थानीय हस्तशिल्प और छोटे व्यापारियों को इससे लाभ मिल सकता है।
राजस्थान सरकार की अपेक्षा है कि केंद्र से पर्यटन सर्किट, हेरिटेज संरक्षण और स्मार्ट सिटी जैसी परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त सहयोग प्राप्त हो। इससे राज्य की सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
राजस्थान में जल संकट और सिंचाई की समस्या लंबे समय से चुनौती रही है। प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान यदि जल परियोजनाओं या सिंचाई विस्तार योजनाओं की घोषणा होती है, तो यह किसानों के लिए महत्वपूर्ण राहत होगी। कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में निवेश ग्रामीण आय बढ़ाने में सहायक हो सकता है। भजन लाल सरकार ने पूर्वी राजस्थान की जीवन रेखा मानी जाने वाली राम सेतु परियोजना और हरियाणा से राजस्थान के शेखावाटी अंचल में यमुना का पानी पहुंचाने वाली महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के काम को आगे बढ़ाया है।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह यात्रा अहम है और प्रदेश की भजन लाल शर्मा सरकार की छवि को उभारने के वाली यात्रा है। केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय का संदेश देने के साथ-साथ यह दौरा विकास एजेंडा को प्रमुखता देता है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों में बड़ी जनसभाएँ और सरकारी परियोजनाओं का उद्घाटन राजनीतिक संदेश भी देते हैं कि केंद्र सरकार राजस्थान के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। अजमेर जैसे बहुसांस्कृतिक शहर में प्रधानमंत्री की उपस्थिति सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक मानी जाती है। धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के प्रति सम्मान का संदेश व्यापक सामाजिक संवाद को भी मजबूत करता है।
अजमेर राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का भी गृहनगर है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अजमेर यात्रा से उनके छवि पर भी अनुकूल प्रभाव पड़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अजमेर यात्रा से राजस्थान की जनता को विकास, रोजगार, निवेश और सामाजिक समरसता की नई उम्मीदें हैं। अजमेर यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राज्य के बालोतरा जिला में पचपदरा तेल रिफाइनरी और पेट्रो कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण करने के लिए एक बार पुनः राजस्थान की यात्रा पर आ सकते है।
भौगोलिक रूप से देश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान को आधारभूत ढांचे के विस्तार, उद्योग निवेश और पर्यटन प्रोत्साहन में केंद्र से विशेष सहयोग की अपेक्षा है। हालांकि, इन उम्मीदों की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि घोषित परियोजनाएँ कितनी शीघ्र और प्रभावी रूप से धरातल पर उतरती हैं। यदि योजनाएँ समयबद्ध तरीके से लागू होती हैं, तो यह यात्रा राजस्थान के विकास इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।





