अब जिद्दी बीपी पर लगेगी लगाम

Now stubborn BP will be controlled

दिल और किडनी की सुरक्षा की नई पहल

मुंबई (अनिल बेदाग) : मुंबई के परेल स्थित ग्लेनेईगल्स अस्पताल ने मेडट्रॉनिक इंडिया के साथ मिलकर रीनल डिनर्वेशन थेरेपी सेंटर की शुरुआत की है। यह केंद्र खास तौर पर उन मरीजों के लिए समर्पित है, जिनका ब्लड प्रेशर कई दवाइयों के बावजूद नियंत्रित नहीं हो पाता, जिसे रेज़िस्टेंट हाइपरटेंशन कहा जाता है।

नई और आधुनिक तकनीक से लैस इस सेंटर में हर मरीज की विस्तृत जांच की जाएगी। विशेषज्ञ डॉक्टर दवाइयों की समीक्षा कर जरूरत के अनुसार बदलाव करेंगे और यदि आवश्यक हुआ तो रीनल डिनर्वेशन थेरेपी का विकल्प अपनाया जाएगा। लक्ष्य सिर्फ बीपी को कम करना नहीं, बल्कि हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी फेल होने जैसे गंभीर जोखिमों को घटाना है।

डायरेक्टर व कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राहुल गुप्ता कहते हैं, “रेज़िस्टेंट हाइपरटेंशन अक्सर बिना लक्षण के होता है, लेकिन इसके परिणाम बेहद खतरनाक हो सकते हैं। रीनल डिनर्वेशन थेरेपी ऐसे मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण है।” वहीं नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. भारत शाह का कहना है, “अनियंत्रित बीपी लंबे समय में किडनी को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है। सही समय पर हस्तक्षेप बेहद जरूरी है।”

सीईओ डॉ. बिपिन चेवाले के अनुसार, “मरीज-केंद्रित देखभाल और नियमित फॉलो-अप ही लंबे समय तक बीपी नियंत्रण की कुंजी है।” मेडट्रॉनिक इंडिया के एमडी मंदीप सिंह कुमार जोड़ते हैं, “जागरूकता और आधुनिक उपचार पद्धति से ही रेज़िस्टेंट हाइपरटेंशन पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।”

तनाव, गलत खानपान और निष्क्रिय जीवनशैली के इस दौर में यह पहल मुंबईवासियों के लिए दिल और किडनी की सेहत को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।