मुंबई (अनिल बेदाग ): देवभूमि हरिद्वार की पावन फिज़ाओं से निकली एक सुमधुर आवाज अब मायानगरी मुंबई के संगीत स्टूडियो में गूंज रही है। लोकसंस्कृति और सुरों की विरासत को अपने दिल में संजोए युवा गायक आशु सहगल ने अपने नए गीत “अरे झुमका बाली रे” के साथ संगीत जगत में मजबूत दस्तक दी है। इस गीत को बॉलीवुड के जाने-माने संगीतकार एस पी सेन ने न केवल संगीतबद्ध किया है, बल्कि इसके बोल भी स्वयं लिखे हैं।
मुंबई के प्रिया सारेगा स्टूडियो में रिकॉर्ड हुआ यह मधुर गीत जल्द ही मून मूवीज़ के यूट्यूब चैनल पर रिलीज़ होगा। गीत के निर्माता सोमपाल सहगल हैं, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट को खास अंदाज़ में साकार किया है।
हरिद्वार के गांव भारापूर भौंरी के रहने वाले आशु सहगल ने संगीत की प्रारंभिक शिक्षा मीनू पंडित से ली। वर्तमान में वे सुश्री करुणा चौहान से गायकी की बारीकियां सीख रहे हैं। बीए सेकंड ईयर की पढ़ाई के साथ-साथ वे अपने संगीत के जुनून को पूरी निष्ठा से आगे बढ़ा रहे हैं। आशु अपने प्रेरणास्रोत के रूप में मोहम्मद रफी, किशोर कुमार, कुमार शानू, उदित नारायण और अरिजीत सिंह को मानते हैं। इन दिग्गजों की गायकी से प्रेरणा लेकर वे अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में अग्रसर हैं।
इससे पहले आशु फिल्म मन से मन तक का टाइटल गीत गा चुके हैं और एक एल्बम में भी अपनी आवाज़ दे चुके हैं। अब वे एक और फिल्म के लिए गीत रिकॉर्ड करने जा रहे हैं, जो उनके करियर का अगला अहम पड़ाव साबित हो सकता है।
आशु की इस संगीत यात्रा में उनके पिता का विशेष योगदान है। रिकॉर्डिंग के दौरान भी उनके पिता स्टूडियो में मौजूद रहे। गांव के लोग भी आशु को एक प्रतिभाशाली गायक मानते हैं और उनकी सफलता के लिए शुभकामनाएं देते हैं। संगीतकार एस पी सेन ने आशु की तारीफ करते हुए कहा, “आशु सहगल की आवाज़ में एक अलग अंदाज़ और सच्चाई है। उन्होंने इस गीत को बड़ी शिद्दत से गाया है। भविष्य में मैं उन्हें एक फिल्म के लिए भी गवाने जा रहा हूं।”
वहीं आशु सहगल ने इस अवसर के लिए एस पी सेन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह गीत उनके सपनों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। देवभूमि की घाटियों से निकली यह नई आवाज अब बड़े मंच की ओर बढ़ रही है। “अरे झुमका बाली रे” केवल एक गीत नहीं, बल्कि एक युवा कलाकार के सपनों की मधुर शुरुआत है।





