सट्टेबाज से रिश्वत लेते दो हवलदार गिरफ्तार, एसएचओ लाइन हाज़िर

Two constables arrested for accepting bribe from a bookie, SHO on line duty

इंद्र वशिष्ठ

सट्टेबाजी का धंधा पुलिस की मिलीभगत से ही चलता है ये तो सब जानते ही है, लेकिन पुलिस को पैसा दिए बिना सट्टेबाज धंधा बंद भी नहीं कर सकता, ये शायद कोई सोच भी नहीं सकता। लेकिन ऐसा अनोखा मामला सामने आया है। जिससेे एक बार फिर यह साबित हो गया कि पुलिस में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है।

सीबीआई ने दिल्ली पुलिस के सुल्तान पुरी थाने में तैनात हवलदार राजेश और हवलदार अजय को सट्टेबाज से 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। दोनों हवलदारों को सस्पेंड कर दिया गया है। सुल्तान पुरी थाने के एसएचओ रवींद्र कुमार को लाइन हाज़िर किया गया है।

सट्टेबाज मूलचंद ने 12 मार्च को सीबीआई को बीट में तैनात पुलिसकर्मियों विजय मलिक, हवलदार राजेश और हवलदार अजय के ख़िलाफ़ रिश्वत मांगने की शिकायत दी।

मूलचंद का आरोप है कि वह अब सट्टेबाजी का धंधा बंद करना चाहता है लेकिन तीनों पुलिसकर्मियों ने उससे कहा कि बीस हज़ार रुपये दिए बिना वह धंधा बंद नहीं कर सकता। रिश्वत दिए बिना सट्टेबाजी बंद की तो उसे फर्जी मामले में फंसा देंगे।
सीबीआई ने 13 मार्च को मामला दर्ज किया। 13 मार्च को ही दोनों हवलदारों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। तीसरे पुलिसकर्मी विजय मलिक की भूमिका की जांच की जा रही है।

भ्रष्टाचार चरम पर-
सीबीआई ने 10 फरवरी को दिल्ली पुलिस के चितरंजन पार्क थाने के एएसआई सुंदर पाल सिंह को दस लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।

एएसआई सुंदर पाल सिंह ने शिकायतकर्ता प्रेम सूद से दविंदर सलवान के साथ प्रॉपर्टी के एग्रीमेंट को कैंसिल करने के उसके मामले को निपटाने और यह पक्का करने के लिए कि दविंदर सलवान उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेगा, 25 लाख रुपये रिश्वत मांगी।

एक अन्य मामले में सीबीआई ने 7 फरवरी को पश्चिम विहार थाने में तैनात एएसआई ओम प्रकाश को शिकायतकर्ता से 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया ।