गजेन्द्र सिंह गुर्जर
गाजियाबाद : 10 मई सन 1857 की क्रान्ति मे गांव सीकरी खुर्द तहसील मोदीनगर जिसीकरी खुर्द गांव के महान बलिदानियो व गुमनाम बलिदानियो को उनके बलिदान दिवस परला गाजियाबाद के महान क्रान्तिकारियो ने अदम्य साहस और भारी बलिदान के साथ योगदान दिया था। ग्रामीणो ने मेरठ से दिल्ली जा रहे क्रान्तिकारियो का स्वागत कर उन्हे शरण दीऔर अंग्रेजो के खिलाफ जंग लडी गांव के निवासियो ने बेगमाबाद (अब मोदीनगर ) मे स्थित अंग्रजी पुलिस चौकी को उडा दिया व अंग्रेज अफसरो को मार पीट कर उनका सामान लूट लिया जो इस विद्रोह की बड़ी घटना थी अंग्रेजो ने गांव सीकरी खुर्द पर तोपो व बन्दूको से गोले व गोलिया बरसायी जिसमे बहुत सारे क्रान्तिकारी लोग मारे गए। सीकरी खुर्द गांव का यह कांड इतना भयावह था कि इसे 1857 की क्रान्ति का एक गुमनाम (जलियांवाला बाग कांड ) माना जाता है। जिसके परिणाम स्वरूप अंग्रेजो ने गांव सीकरी खुर्द महामाया देवी मंदिर मे स्थित बरगद के पेड पर 131 से अधिक लोगो को फांसी दे दी थी उस बरगद के पेड पर आज भी शहिदो को श्रद्धांजली दी जाती है यह गांव 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम मे ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ लोहा लेने वाले गुर्जर बहुल गांवो मे प्रमुख रहा है। जंगे आजादी की लड़ाई मे सीकरी खुर्द गांव के महान बलिदानियो व गुमनाम बलिदानियों को उनके बलिदान दिवस पर हम उन्हे शत शत नमन करते है। इन्कलाब जिन्दाबाद भारत माता की जय हो।





