दीपक कुमार त्यागी
पौष्टिक संतुलित आहार, नियमित एक्सरसाइज और मेंटिनेंस से शरीर को मिलते हैं अभूतपूर्व लाभ – रंजन घोष
भीषण गर्मी में अपने आपको स्वस्थ्य व गर्मी से सुरक्षित रखना बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य है, ऐसी स्थिति में शरीर को फिट बनाए रखने के लिए सम्मानित पाठकों के लिए दीपक कुमार त्यागी ने गोल्ड जिम संचालक इंदिरापुरम गाजियाबाद के ऑनर रंजन घोष से विस्तार से बातचीत की, उन्होंने भीषण गर्मी के दौर में स्वस्थ्य रहने के कुछ टिप्स दिए। उस बातचीत के कुछ महत्वपूर्ण अंश हमारे सम्मानित पाठकों के लिए प्रस्तुत हैं :-
सवाल :- भीषण गर्मी के मौसम में हम अपने आप को फिट कैसे रख सकते हैं?
जवाब :- भीषण गर्मी के मौसम में शरीर का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है, यह जरूरी है कि हम अपनी बॉडी के टेंप्रेचर को सही रखें। इसके लिए निरंतर स्वच्छ पानी पीते रहें, कोई भी सिंथेटिक कपड़ा न पहनें, हमेशा कॉटन के कपड़े पहने। वहीं गर्मी में अपनी बॉडी को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है, शरीर के लिए जरूरी मिनरल्स व साल्ट्स जो गर्मी में पसीने के माध्यम से निकल जाते हैं उनके स्तर को पूरा रखने के लिए संतुलित आहार लें। पानी की कमी महसूस होने पर इलेक्ट्राल के पॉउच का सेवन कर सकते हैं, गर्मी व लू वगैरा से बचने के लिए घरेलू नुस्खे का उपयोग करके शरीर के तापमान को नियंत्रित रख सकते हैं।
सवाल :- आजकल लोग ओवर वेट के बहुत परेशान है उसका क्या समाधान है?
जवाब:- ओवरवेट की समस्या बहुत ही मेजर समस्या हो गई है, ओबेसिटी की समस्या इंडिया में काफी ज्यादा है, इस गंभीर समस्या का समाधान पौष्टिक व संतुलित आहार अपनाने के तरीके से ही होगा, हम लोग जितना कैलोरी खाने में ले रहे हैं उससे ज्यादा बर्न करनी होगी, अगर बर्न नहीं कर पा रहे हैं तो दिनचर्या में तो यह रूल बना ले कि हम खाना कम खाएं, तब ही मोटापा कम किया जा सकता है।
सवाल :- डाइट से किस प्रकार वेट कम किया जा सकता है?
जवाब :- संतुलित डाइट से वेट कम जरूर होता है, लेकिन इस के साथ स्वास्थ्य के मद्देनजर कई चीजें अवश्य देखनी होती है। क्योंकि कुछ लोगों को थायराइड, शुगर आदि जैसी प्रॉब्लम है और फीमेल में किसी को पीसीओडी, पीसीओएस आदि की प्रॉब्लम है तो इसमें डॉक्टर की सलाहनुसार डाइट और भी ज्यादा इंपॉर्टेंट रोल प्ले करता है जैसे कि फीमेल में अगर किसी को पीसीओडी, पीसीओएस का प्रॉब्लम है तो उनको फलों में बेरीज खाना चाहिए, ज्यादा से ज्यादा एप्पल खाना चाहिए और थायराइड वगैरा की प्रॉब्लम में आयोडीन नमक लेना चाहिए, लेकिन गलती से पिंक साल्ट ले लेते हैं जो की पहाड़ वाला होता है उसमें आयोडीन बिल्कुल भी नहीं होता है और वह थायराइड को और ज्यादा बढ़ा देता है, क्योंकि उसमें आयोडीन मिल नहीं पता शरीर को तो यह जरूरी होता है। हम लोगों को नॉर्मल नमक नहीं लेना चाहिए हमेशा आयोडीन युक्त नमक लें और उसमें भी ध्यान रखें कि आर्टिफिशियल आयोडीन की जगह नेचुरल आयोडीन युक्त नमक लेना चाहिए।
सवाल :- जिम के साथ बॉडी में साइड इफेक्ट ना हो उसके लिए कैसे बचाव किया जा सकता है?
जवाब:- आजकल के भाग-दौड़ भरे माहौल में जिम करना केवल एक्सरसाइज नहीं है, आज के डेट में जिम मतलब एक हॉलिस्टिक अप्रोच है जिसमें बहुत कुछ आ जाता है, जिम यानी आपकी डाइट आ जाती है, स्टिचिंग आ जाती है, एंडोरेंस आ जाता है, स्ट्रैंथ आ जाता है, शरीर से जुड़ा बहुत कुछ आ जाता है। आज के दौर में जिम न करने से भी साइड इफेक्ट बहुत हो सकते है, लेकिन साइड इफेक्ट जिन चीजों से होता है उनसे हम कैसे बच कैसे सकते हैं, हमें यह अवश्य सीखना है। क्योंकि कुशल ट्रेनर की देखरेख में जिम करने से आपका मेटाबॉलिक रेट वगैरा काफी ऊपर रहता है और शरीर सही रहती है, हालांकि कई बार लोग बॉडी बिल्डिंग को ही जिम समझा देते हैं लेकिन जिम शरीर की ओवरऑल फिटनेस को दर्शाता है और बॉडी बिल्डिंग उसकी फिटनेस का एक छोटा सा पार्ट है। बॉडी बिल्डिंग में लोग कई बार स्टेरॉइड वगैरा दे देते हैं क्योंकि लोगों को बॉडी को उसे लेवल तक ले जाने के लिए स्टेरॉइड एक शॉर्ट कट है, लेकिन आम फिटनेस में इंजेक्शन स्टेरॉइड आदि बिल्कुल भी नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह बहुत ही हानिकारक होता है दूसरी बात कोई भी चीज जैसे बाहर का खाना, पैकेट फूड्स में बहुत सारी चीज ऐसी आ रही है जैसे पाम तेल वगैरह जो की शरीर के लिए हानिकारक है, तो शरीर को इससे बचने के लिए हम लोग घर में बना हुए खाना ही खाएं, बाहर का खाना पैकेट फूड्स जिसकी शेल्फ लाइफ बहुत ज्यादा है वह बिल्कुल अवॉइड करें। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए एक्सरसाइज बहुत जरूरी है, स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज और स्ट्रैंथनिंग एक्सरसाइ बहुत जरूरी है, हमारे प्राचीन वेद व ग्रंथों आदि में भी शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योग के वारे विस्तार से लिखा हुआ है, इसलिए फिट रहने के लिए एक्सरसाइज अवश्य करें।
सवाल :- जो लोग सिर्फ फिट रहना चाहते हैं उनको क्या करना चाहिए?
जवाब :- जो लोग फिट केवल फिट रहना चाहते हैं तो सबसे जरूरी है कि वह डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित रूप से अपना ब्लड टेस्ट कराते रहे, क्योंकि ब्लड टेस्ट करने से यह पता चल जाएगा कि शरीर में कोई भी पैरामीटर ऊपर नीचे तो नहीं हो गया है, जैसे कि मान लीजिए किसी के हॉरमोन इंबैलेंस हो रहे हैं, किसी का टेस्ट अकाउंट काम हो गया है या किसी का थायराइड t3 t4 लेवल सही लेवल पर नहीं है आदि नियमित ब्लड टेस्ट रिपोर्ट से समय रहते ही पकड़ में आ जाती है, सतर्क रहने से समस्या का कारण समझ में आएगा और फिर कहां पर कमी रह गई है उसको हम डाइट के माध्यम से पूरा कर सकते हैं। शरीर को फिट रखने के नियमित रूप से एक्सरसाइज व योगा करें, नियमित अंतराल पर पौष्टिक आहार लें। फल व सब्जियां सीजनल खाएं।
सवाल :- जो लोग प्रोफेशनल बॉडीबिल्डर बनना चाहते हैं उनको क्या करना चाहिए?
जवाब :- प्रोफेशनल बॉडीबिल्डिंग एक स्पोर्ट्स है और यह बहुत ही कॉस्टली स्पोर्टस है, बाहर के देशों यूरोप आदि में तो इसके लिए गवर्नमेंट भी सपोर्ट करती है। हालांकि इंडिया में अनफॉर्चूनेटली गवर्नमेंट की साइट से प्रोफेशनल बॉडी बिल्डिंग में सपोर्ट उतना नहीं है, क्योंकि यह बॉडी बिल्डिंग का जो स्पोर्ट्स है इसमें खर्चा बहुत होता है तो अगर किसी को बॉडी बनानी है केवल बॉडी बिल्डिंग में ही पूरा समय खपाना पड़ता है, वह कुछ और कार्य नहीं कर पाता है। लेकिन फिर भी एक-दूसरे की देखा-देखी में बहुत सारे लोग बॉडीबिल्डिंग करने लग जाते हैं, लेकिन जब बॉडीबिल्डिंग करने लग जाते है तो वह देखते हैं कि पैसा बहुत ज्यादा खर्च हो रहा है, लेकिन अगर उन्हें कोई मेडल नहीं मिलता तो पैसे बर्बाद हो जाते हैं और शरीर भी सही नहीं रह पाता है, क्योंकि बॉडी बिल्डिंग में स्टेरॉयड का उपयोग होता है। तो मेरा तो यही कहना है कि जिसके पास पैसे का बैकअप है बिजनेस है, तो ठीक है लेकिन अगर नहीं है तो आप केवल अपनी फ़िटनेस पर ध्यान दें।
सवाल :- एक फिटनेस ट्रेनर के रूप में हमारे पाठकों के लिए आपका क्या संदेश है?
जवाब:- मैं सभी सम्मानित पाठकों से कहना चाहता हूं कि फिटनेस को मेनटेन रखना एक नियमित जर्नी है, जिसके लिए हर दिन जिम जाकर या योगा करके पसीना बहाना पड़ता है। ऐसा नहीं होता कि कोई व्यक्ति 7 दिन जिम व योगा करें और फिट बन जाए, उसको हमेशा जिंदगी भर जिम व योगा करने पड़ेगा। उदाहरण के लिए ही हम लोग जिस तरह से अपनी गाड़ी को सुचारू रूप से चलाने के लिए तेल डलवाते हैं और समय से मेंटिनेंस करवाते हैं, क्योंकि हम उस गाड़ी में रोज कुछ घंटा व्यतीत करते हैं, तो आप यह समझिए कि हमारा शरीर भी एक गाड़ी है उसमें तो हम 24 घंटा बैठते हैं तो उसके रखरखाव के लिए समय निकालते हुए हर महीने थोड़ा खर्च अवश्य करें। किसी जिम में जाए ज्वाइन करिए, किसी डाइटिशियन से कंसल्ट करिए ,अपना डाइट चार्ट बनवाइए, डॉक्टर की सलाहनुसार अपने नियमित रूप टेस्ट अवश्य करवाएं, अच्छा पौष्टिक खाना पीना शरीर के लिए बहुत जरूरी है, पौष्टिक आहार के साथ नियमित एक्सरसाइज करना, योगा करना आदि फिटनेस मंत्र का एक सबसे कारगर पाठ है तो यह सब करिए और 24 घंटे जिस गाड़ी में आप बैठे हैं उसको सही रखिए।





