इंद्र वशिष्ठ
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल की स्थापना के 60वें साल में ही स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट की शुरूआत कर बांग्लादेश और पाकिस्तान की पूरी सीमा को अभेद्य बना देंगे। गृह मंत्रालय बहुत जल्दी, ड्रोन, रडार, आधुनिक कैमरों और अन्य नई तकनीकों के साथ एक स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट को लेकर आएगा।
शुक्रवार को नई दिल्ली में बीएसएफ के अलंकरण समारोह और रुस्तमजी स्मृति व्याख्यान में अमित शाह ने कहा कि अवैध घुसपैठ, नारकोटिक्स की तस्करी, गौ तस्करी, नकली नोट, संगठित अपराध, ड्रोन से हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी सहित कई प्रकार की चुनौतियां बीएसएफ के सामने हैं, लेकिन बीएसएफ ने इन सभी चुनौतियों का बखूबी सामना कर देश की सुरक्षा करने का काम किया है।
गृह मंत्री ने कहा कि अब हम केवल पारंपरिक तरीके से सीमाओं की सुरक्षा नहीं कर सकते। हमें राज्य पुलिस, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल, अन्य सशस्त्र बल, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, खुफिया एजेंसियों और राज्य प्रशासन के साथ मिलकर सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करना पड़ेगा। सीमापार से घुसपैठ द्वारा कृत्रिम तरीके से जनसांख्यिकी में किए जा रहे बदलाव को रोकने के लिए भी हमें सतर्क और सजग रहना पड़ेगा। नारकोटिक्स और नकली नोटों के हमले से हमारे अर्थ तंत्र को खोखला करने के प्रयास के प्रति भी हमें सतर्क रहना होगा। साइबर चुनौतियां, हाइब्रिड वॉरफेयर और ड्रोन के खतरों के लिए एक नई रणनीति के साथ हमें काम करना होगा।
गृह मंत्री ने कहा कि हम न केवल घुसपैठ को रोकेंगे, बल्कि एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुन कर देश से बाहर निकाल देंगे। बीएसएफ को जनसांख्यिकी में बदलाव करने के षड्यंत्र को रोकना होगा। बीएसएफ की जिम्मेदारी है कि वह न केवल सीमाओं की सुरक्षा करें बल्कि गांव के पटवारी, थाने, डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर, डीडीओ, जिला पुलिस अधीक्षक के साथ उनका संवाद होना चाहिए। कौन नया घुसपैठिया आया है, उसके आने का क्या रूट है, कहां से तस्करी, गौ तस्करी हो रही है? इन सभी रास्तों को चुन-चुन कर बंद करना और समाप्त करना बीएसएफ की जिम्मेदारी है।





