इंद्र वशिष्ठ
सीबीआई ने नीट परीक्षा का फिजिक्स का पेपर लीक करने के आरोप में मनीषा संजय हवलदार को गिरफ्तार किया है। वह पुणे में सेठ हीरालाल सर्राफ प्रशाला में प्रिंसिपल है। वह नीट परीक्षा प्रक्रिया में एनटीए द्वारा विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त की गई थी। उसके पास फिजिक्स के पेपर तक पूरी पहुंच थी। अप्रैल 2026 के दौरान उसने नीट के फिजिक्स से संबंधित कुछ प्रश्न सह-आरोपी मनीषा मंधारे के साथ साझा किए थे। उसके द्वारा साझा किए गए प्रश्न नीट परीक्षा के फिजिक्स के प्रश्नपत्रों से मेल खाते हैं। मनीषा संजय हवलदार ने 1992 में फिजिक्स टीचर के रूप में स्कूल में कार्यभार संभाला था। वह 2023 से प्रिंसिपल के पद पर है और 30 जून 2026 को सेवानिवृत्त होने वाली थी।
अब तक इस मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सीबीआई ने 18 मई को लातूर(महाराष्ट्र) स्थित आरसीसी कोचिंग संस्थान के मालिक प्रोफेसर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर उर्फ एम सर को गिरफ्तार किया। 16 मई को बायोलॉजी पेपर लीक मामले में मास्टर माइंड महाराष्ट्र के पुणे की सीनियर बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंधारे को दिल्ली में गिरफ्तार किया।15 मई को इस मामले में पुणे से मुख्य आरोपी/ सरगना केमिस्ट्री के लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी को गिरफ्तार किया। पी.वी. कुलकर्णी, एनटीए की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में शामिल थे। उनके पास प्रश्नपत्रों तक पहुंच थी। 14 मई को अहिल्या नगर के धनजंय लोखंडा और पुणे की मनीषा वाघमारे को गिरफ्तार किया। 13 मई को जयपुर के जमवारामगढ़ निवासी मांगीलाल बिवाल, विकास और दिनेश बिवाल, गुरुग्राम के यश यादव और नासिक के शुभम खेरनार को गिरफ्तार किया।





