भारत के सामने चीन पर अंडर 18 महिला हॉकी एशिया कप में सेमीफाइनल में पार पाने की चुनौती

India face challenge to overcome China in the semi-finals of the Under-18 Women's Hockey Asia Cup

  • स्ट्राइकर नौशीन,गीताश्री व स्वीटी के सामने चीन की मजबूत दीवार को तोड़ने की चुनौती
  • गोलरक्षक महक व खिली को चीनी ड्रैग फ्लिकर फेंग और कुओ से चौकस रहने की जरूरत

सत्येन्द्र पाल सिंह

नई दिल्ली : भारत के सामने अब मजबूत चीन पर काकामिगहारा (जापान) में शुक्रवार का अंडर 18 महिला हॉकी एशिया कप के पहले सेमीफाइनल में पार पाने की मुश्किल चुनौती है। 2000 में पहले सस्करण के चैंपियन और 2011 व 2016 के कांस्य पदक विजेता भारत को अपनी जीत का सिलसिला आगे बढ़ाते हुए फाइनल में स्थान पाना है तो मौजूदा संस्करण में सबसे ज्यादा दस गोल दागने वाली नौशीन नाज, तेज तर्रार स्ट्राइकर कप्तान स्वीटी कुजूर और गीताश्री को अपनी हॉकी की कारीगरी दिखाकर चीन की रक्षापंक्ति की मजबूत दीवार को तोड़ना होगा। भारतीय महिला टीम को अपने जीत का सिलसिला जारी रखते हुए फाइनल में स्थान पाना है कि उसे चीन की खतरनाक ड्रैग फ्लिकर जियाशिन फेंग कप्तान जियाजिन कुओ के ड्रैग फ्लिक से चौकस रहना होगा। ओलंपियन और अपने जमाने की बेहतरीन स्ट्राइकर रही रानी रामपाल के बतौर कोच मार्गदर्शन में भारत की अंडर 18 महिला हॉकी टीम का सबसे बड़ा इम्तिहान है। अब तक हुए पांच संस्करणों में मेजबान जापान (2011 व 2025) ने दो बार तथा भारत (2000), चीन (2016) और दक्षिण कोरिया (2009) ने अब तक एक बार अंडर 18 महिला हॉकी एशिया कप खिताब जीता है।

भारत की महिला टीम ने मलयेशिया को 2-1 से, दक्षिण कोरिया से 3-1 से तथा सिंगापुर को 25-0 से हरा कर लगातार तीन जीत के साथ पूल ए में नौ अंकों के साथ शीर्ष स्थान पाया। भारत ने अब तक मात्र दो गोल खाए हैं। भारत की महिला टीम ने तीन मैचों 30 गोल किए और मात्र दो गोल खाए। भारत के लिए उसकी तेज तर्रार स्ट्राइकर नौशीन नाज ने आठ मैदानी व पेनल्टी कॉर्नर और पेनल्टी कॉर्नर पर एक एक गोल सहित सबसे ज्यादा दस गोल किए जबकि गीताश्री ने पांच मैदानी, कप्तान स्वीटी कुजूर ने चार, प्रियंका मिंज ने दो मैदानी गोल सहित तीन, ऋुति कुमारी ने दो तथा दिया, किरण एक्का, संदीपा कुमारी, पुष्पा माझी, रश्मिन कौर, नैंसी सरोहा ने एक एक गोल किया है।

भारतीय महिला टीम की रक्षापंक्ति सेमीफाइनल में चीन को कम से कम पेनल्टी कॉर्नर देने की होनी चाहिए। भारत की गोलरक्षक महक परिहार और खिली कुमारी को आखिरी क्षण तक चीन की ड्रैगफ्लिकर फेंग और कुओ से आखिरी क्षण तक चौकस रहने की जरूरत है। चीन की महिला टीम ने चीनी ताइपे को 8-1 से हराने के बाद मेजबान जापान से अपना मैच दो दो गोल से ड्रॉ खेला और बांग्लादेश को 6-0 से हराया लेकिन गोल अंतर में मेजबान टीम से पिछड़ कर उसकी तरह तीन मैचों से सात अंक हासिल करने के बावजूद पूल बी में दूसरे स्थान पर रही। चीन की महिला टीम ने तीन मैचों में 16 गोल किए अर तीन गोल खाए और इनमें से 12 गोल पेनल्टी कॉर्नर पर किए जबकि मात्र चार मैदानी गोल किए।

चीन की महिला टीम के लिए ड्रैग फ्लिकर जियाशिन फेंग ने पेनल्टी कॉर्नर पर चार और दो मैदानी गोल सहित तीन मैचों में छह गोल, कप्तान ड्रैग फ्लिकर जियाजिन कुओ ने पेनल्टी कॉर्नर पर चार , तोंग तोंग लू ने दो तथा जीयान लू,जिंगलिन वांग , वानजिंग वू ,यू जेंगजांग ने एक एक गोल किया है।