मनप्रीत बने भारत के लिए सबसे ज्यादा 413अंतर्राष्ट्रीय हॉकी मैच खेलने वाले खिलाड़ी
सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : अपने स्ट्राइकर मनदीप सिंह, शिलानंद लाकरा के पहले और आक्रामक मिडफील्डर नीलकांत शर्मा के तीसरे क्वॉर्टर में दागे एक एक गोल की बदौलत भारत ने विश्व चैंपियन जर्मनी पर एफआईएच प्रो हॉकी लीग 2025-26 के रॉटरडम चरण के दूसरे मैच में बुधवार देर रात 3-1 से दमदार जीत दर्ज की। पराजित जर्मनी के लिए इकलौता रफेल हर्टकॉफ ने तीसरे क्वॉर्टर में दागा।
भारत की इस जीत स्ट्राइकर मनदीप सिंह और शिलानंद लाकरा के अनुभवी आक्रामक मिडफील्डर मैन ऑफ द’ मैच रहे हार्दिक सिंह के साथ खुद कप्तान फुलबैक हरमनप्रीत सिंह और नौजवान गोलरक्षक एच एस मोहित की मुस्तैदी ने भी अहम योगदान किया। अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह इस मैच में जर्मनी के खिलाफ खेलने उतर पूर्व कप्तान ओलंपियन दिलीप तिर्की (412 अंतर्राष्ट्रीय हॉकी) के रिकॉर्ड को तोड़ कर भारत के लिए सबसे ज्यादा 413 अंतर्राष्ट्रीय हॉकी मैच खेलने वाले खिलाड़ी बन गए। रॉटरडम में भारत ने जर्मनी के खिलाफ शुरू से ही गेंद को अपने कब्जे में जवाबी हमने बोलने की रणनीति बनाई। मनदीप सिंह ने तेज फर्राटा जर्मनी की डी पर पहुंच कर मैच के सातवें मिनट में तेजी से गेंद को गोल में डालकर भारत का खाता खोला। शिलानंद लाकरा ने छह मिनट बाद डी में पहुंच जर्मनी के गोलरक्षक अलेक्जेंडर स्टैडलर को छका गोल कर भारत की बढ़त 2-0 कर दी। भारत के नौजवान गोलरक्षक एचएस मोहित ने इसके बाद जर्मनी को मिले दो पेनल्टी कॉर्नर को मुस्तैदी दिखाते हुए रोका। भारत की टीम हाफ टाइम तक 2-0से आगे थी। नीलकांत शर्मा ने अकेले ही गेंद को ले जोरदार फर्राटा लगा पूरी जर्मन रक्षापंक्ति को छका गोल कर भारत की बढ़त 3-0 कर दी। जर्मनी के रफेल हर्टकॉफ ने तीसरा क्वॉर्टर खत्म होने से ठीक पहले गोल कर स्कोर 1-3 कर दिया।
चौथे और आखिरी क्वॉर्टर में जर्मनी ने बराबरी पाने में पूरी ताकत झोंक दी लेकिन भारत की रक्षापंक्ति ने जवाबी हमले बोल दबाव बना उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। जर्मनी को मैच के अंतिम पूर्व मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन भारत की रक्षापंक्ति ने मुस्तैदी दिखा इसे रोक लिया।





