- अणुव्रत अनुशास्ता के पावन सानिध्य में इस वर्ष हों रहें कार्यक्रमों में भाग लेने लाडनूँ पधारने का अनुरोध किया
- राज्यपाल ने सीक्रेट्स ऑफ हेल्थ – द वेजीटेरियन वे पुस्तक की सराहना की
रविवार दिल्ली नेटवर्क
नई दिल्ली/बेंगलुरु : अणुविभा के एक प्रतिनिधिमंडल ने कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत से लोक भवन,बेंगलुरु में शिष्टाचार भेंट की।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल गहलोत को अणुव्रत अनुशास्ता आचार्यश्री महाश्रमण जी की अनुशासना और अणुव्रत पर्यवेक्षक मुनिश्री मननकुमार जी के पर्वेक्षण में तथा अणुव्रत विश्वभारती सोसायटी के अध्यक्ष प्रताप सिह दुगड के नेतृत्व में हो रहे राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी ।
अणुविभा की उपाध्यक्ष एवं अणुव्रत पुरस्कार से सम्मानित साहित्यकार तथा अणुविभा योगक्षेम वर्ष की राष्ट्रीय संयोजिका डॉ. कुसुम लुनिया ने राज्यपाल को अणुव्रत अनुशास्ता के पावन सानिध्य में लाडनूँ में आयोजित हो रहे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए उनसे लाडनूँ पधारने का भावभीना अनुरोध किया। साथ ही प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित अपनी चर्चित पुस्तक ‘सीक्रेट्स ऑफ हेल्थ – द वेजिटेरियन वे’ राज्यपाल गहलोत को भेंट की। राज्यपाल ने पुस्तक की विषय वस्तु और शाकाहार को वर्तमान युग के लिए उपयोगी बताते हुए लेखिका को समसामयिक उत्कृष्ट साहित्य सृजन के लिए बधाई दी।
अणुविभा के संगठन मंत्री एवं अणुव्रत क्रिएटिविटी कॉन्टेस्ट (एसीसी) के राष्ट्रीय संयोजक राजेश चावत ने राज्यपाल को 2026 की इस प्रतियोगिता हेतु निश्चित विषय “हमारी ताकत – हमारा परिवार “ के अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजन की आवश्यकता, संकल्पना एवं प्रविधि से रूबरू करवाया।अणुविभा प्रतिनिधि मण्डल ने हिन्दी एवं अंग्रेजी में छपे एसीसी के ब्रोशर व पोस्टर राज्यपाल थावरचंद गहलोत को भेंट किये। राज्यपाल ने इसकी सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में इस प्रकार के नैतिक एवं मूल्यपरक अभियान अत्यंत आवश्यक हैं।उन्होंने अणुव्रत क्रिएटिविटी कॉन्टेस्ट के सफल आयोजन हेतु हार्दिक शुभकामनाएँ भी प्रदान कीं।
अणुव्रत काव्यधारा के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. धनपत लुनिया ने इस मौके पर अणुविभा के पूर्व अध्यक्ष एवं संपादक संचय जैन द्वारा संपादित किये जा रहे अणुव्रत प्रकाशनों की जानकारी प्रदान की तथा सबने अणुव्रत पत्रिका भेंट की, राज्यपाल ने इसके पन्ने पलटते हुए गहरी नजरों से देखकर अणुव्रत पत्रिका की विशेष प्रशंसा की और कहा कि ऐसे प्रकाशन समाज में नैतिक चेतना एवं संस्कारों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अणुव्रत समिति विजयनगर के अध्यक्ष महेन्द्र तेबा ने अणुव्रत डायरी राज्यपाल को भेंट की। इसमें लिखे स्लोगन उन्हे मन भाये।





