गौ संरक्षण कानून, सनातन गौरव संरक्षण अधिनियम और विदेशों में मंदिर निर्माण की उठाई मांग
रविवार दिल्ली नेटवर्क
नई दिल्ली : मॉडल टाउन स्थित अंतर्राष्ट्रीय संकल्प मोर्चा महा परिषद के कार्यालय में मंगलवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और गौ संरक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष ठाकुर रामकुमार चौहान ने की, जबकि अंतर्राष्ट्रीय मुख्य महासचिव प्रो. हरीश सिंह सहित संस्थापक मंडल के सदस्य एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए ठाकुर रामकुमार चौहान ने कहा कि सनातन धर्म केवल एक पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के कल्याण का मार्ग है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सनातन संस्कृति, गौ माता और भारतीय परंपराओं पर सुनियोजित आघात किए जा रहे हैं, जिन्हें रोकने के लिए संगठित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि महा परिषद धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की अस्मिता की रक्षा के लिए देशव्यापी जनजागरण अभियान चलाएगी।
बैठक में महा परिषद ने केंद्र सरकार से पूरे देश में गौ हत्या, गौ तस्करी और गौमांस के व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए कठोर केंद्रीय कानून बनाने की मांग की। परिषद का कहना है कि दोषियों के लिए आजीवन कारावास और संपत्ति जब्त करने जैसे कड़े प्रावधान किए जाने चाहिए। परिषद ने गौ-सेवक भरत तिवारी की हत्या का उल्लेख करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की भी मांग की।
बैठक में सनातन धर्म के देवी-देवताओं, धार्मिक ग्रंथों और महापुरुषों के कथित अपमान पर चिंता व्यक्त करते हुए “सनातन गौरव संरक्षण अधिनियम” लागू करने की मांग भी उठाई गई। परिषद ने कहा कि सनातन से जुड़े प्रतीकों, ग्रंथों और महापुरुषों का अपमान गैर-जमानती अपराध घोषित किया जाए। साथ ही विद्यालयों के पाठ्यक्रम में रामायण, महाभारत, गीता और वेदों के अध्ययन को शामिल करने की भी मांग की गई।
महा परिषद ने विदेशों में बसे सनातनी समाज की धार्मिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न देशों में भव्य सनातन मंदिरों और भारत सांस्कृतिक केंद्रों की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा। परिषद का सुझाव है कि भारत सरकार भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के माध्यम से इस दिशा में विशेष पहल करे।
बैठक के अंत में अंतर्राष्ट्रीय मुख्य महासचिव प्रो. हरीश सिंह ने बताया कि परिषद अपनी मांगों के समर्थन में “सनातन संकल्प यात्रा” प्रारंभ करेगी। उन्होंने कहा कि 15 जुलाई तक देशभर के जिलाधिकारियों के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। उन्होंने संत समाज, सामाजिक संगठनों, मातृशक्ति और सनातन धर्म में आस्था रखने वाले लोगों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की।





