रविवार दिल्ली नेटवर्क
नई दिल्ली : अंतर्राष्ट्रीय संकल्प सनातन महापरिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर रामकुमार चौहान 21 दिवसीय ‘अंतरराष्ट्रीय सनातन धार्मिक गौरव यात्रा’ पर रवाना हो गए हैं। महापरिषद का कहना है कि यात्रा का उद्देश्य विश्व के विभिन्न देशों में सनातन संस्कृति, भारतीय जीवन मूल्यों, योग, आयुर्वेद तथा मानवीय सद्भाव के संदेश का प्रसार करना है।
यात्रा की औपचारिक घोषणा महापरिषद के केंद्रीय कार्यालय, नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान संगठन के मुख्य महासचिव प्रो. हरीश सिंह ने की। उन्होंने बताया कि यह यात्रा 12 देशों में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से प्रवासी भारतीयों और स्थानीय समुदायों के बीच सांस्कृतिक संवाद स्थापित करने का प्रयास करेगी।
प्रो. हरीश सिंह ने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, शांति, सह-अस्तित्व और मानवता के मूल्यों को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने की पहल है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विश्व अनेक सामाजिक और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है और ऐसे समय में भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के सार्वभौमिक संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की आवश्यकता है।
सात प्रमुख उद्देश्यों पर रहेगा फोकस
महापरिषद के अनुसार यात्रा के दौरान सात प्रमुख विषयों पर विशेष रूप से कार्य किया जाएगा। इनमें सनातन संस्कृति का प्रचार-प्रसार, गौ संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश, प्रवासी भारतीयों की नई पीढ़ी को भारतीय संस्कारों से जोड़ना, विभिन्न देशों के धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के साथ संवाद, सेवा परियोजनाओं का विस्तार, योग एवं आयुर्वेद का प्रसार तथा विभिन्न देशों में महापरिषद की इकाइयों का गठन शामिल है।
संगठन का कहना है कि यात्रा के दौरान जहां संभव होगा वहां धार्मिक एवं सांस्कृतिक सम्मेलन, युवा संवाद, सामाजिक सेवा कार्यक्रम तथा भारतीय संस्कृति से जुड़े आयोजन किए जाएंगे।
प्रवासी भारतीयों से संवाद पर विशेष जोर
महापरिषद का मानना है कि विदेशों में रहने वाली भारतीय मूल की नई पीढ़ी का अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव बनाए रखना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से यात्रा के दौरान विभिन्न देशों में प्रवासी भारतीय समुदाय के साथ संवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम और युवा सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
संगठन ने बताया कि कई देशों में भारतीय संस्कृति, योग और आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार से जुड़े संस्थानों के साथ सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की जाएगी।
कई देशों का प्रस्तावित दौरा
महापरिषद द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार यात्रा के दौरान चीन, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, फिजी, मॉरीशस, मलेशिया, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात और सिंगापुर सहित विभिन्न देशों का दौरा प्रस्तावित है। प्रत्येक देश में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
संगठन ने सहयोग की अपील की
प्रेस वार्ता के दौरान प्रो. हरीश सिंह ने देश और विदेश में रहने वाले सनातन परंपरा से जुड़े लोगों से यात्रा के सफल आयोजन में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों में स्थानीय स्तर पर स्वागत समितियों के गठन तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में सहयोग की अपेक्षा की गई है।
महापरिषद के अनुसार यह यात्रा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है तथा इसके माध्यम से विभिन्न देशों में सामाजिक, सांस्कृतिक और मानवीय संवाद को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।





