दीपक कुमार त्यागी
- “ऑपरेशन प्रहार” गाजियाबाद पुलिस का अपराध के विरुद्ध सशक्त अभियान
- स्वॉट टीम, अपराध शाखा पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद के द्वारा “ऑपरेशन प्रहार” के अन्तर्गत अवैध असलाह व कारतूस की तस्करी करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
- 3 शातिर सदस्य गिरफ्तार, कब्जे से अवैध असलाह कारतूस, महेन्द्रा थार गाड़ी बरामद
गाजियाबाद : पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद के पुलिस आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़ के निर्देशन में प्रचलित “ऑपरेशन प्रहार” के अन्तर्गत अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) के नेतृत्व में स्वाट टीम, अपराध शाखा व थाना लोनी पुलिस टीम की संयुक्त कार्यवाही में 14 जुलाई 2026 को थाना लोनी क्षेत्र से अवैध असलाह व कारतूस की तस्करी करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 03 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार करने मे महत्तवपूर्ण सफलता हासिल की गयी है। गिरफ्तार अभियुक्तो के कब्जे से 06 अदद नाजायज पिस्टल मय मैगजीन 32 बोर मय 20 अदद जिन्दा कारतूस, 01 अदद नाजायज पिस्टल 30 वोर मय मैगजीन मय 02 अदद जिन्दा कारतूस तथा एक काले रंग की महेन्द्रा थार गाड़ी बरामद की गयी। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध थाना लोनी पर अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
उक्त के सम्बन्ध में राजकरन नैय्यर, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था / यातायात ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों अरूण, रंजीत व अभिषेक ने पूछताछ करने पर बताया कि यह तीनों एक साथ मिलकर अवैध असलाह कारतूसों की तस्करी का काम करते हैं।
गिरफ्तार अभियुक्त अभिषेक शर्मा निवासी ब्राहम्ण मौहल्ला सभापुर थाना सोनिया विहार दिल्ली-95 उम्र करीब 29 वर्ष ने बताया कि उसका प्रॉपर्टी डीलिंग का काम है तथा हयात एन्कलेव थाना अंकुर विहार में उसका ऑफिस है। रंजीत, निवासी
सुधीर एंक्लेव, राम पार्क थाना ट्रोनिका सिटी गाजियाबाद उम्र करीब 39 वर्ष भी प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। प्रॉपर्टी के काम में ही उसकी मुलाकात रंजीत से हुई थी और रंजीत के माध्यम से अरूण से हुई। वह दिल्ली जेल बन्द कुख्यात अपराधी उमेश शर्मा उर्फ उमेश पण्डित निवासी राम पार्क ट्रोनिका सिटी के साथ लम्बे समय से जुड़ा है। उमेश पंडित के दिल्ली तिहाड़ जेल में बंद होने के बाद उसके कहने पर अवैध पिस्टलों की गाजियाबाद व दिल्ली में सप्लाई कर रहा हूँ। अरूण के दोस्त रितिक के माध्यम से हम असलाह मंगाते हैं। इसके बाद उमेश द्वारा बताये गये व्यक्ति को असलाह पहुँचाते है। एक असलाह हम 30-35 हजार रू0 में खरीदते है और उसे आगे 50-55 हजार रू0 में बेच देते है। अब तक लगभग 20 असलाहों की सप्लाई हम लोगों के द्वारा पिछले 01 साल में की जा चुकी है।
अभियुक्त अरूण निवासी राजीव गार्डन इन्द्रापुरी थाना बॉर्डर गाजियाबाद उम्र करीब-46 वर्ष ने बताया कि वह असलाह- कारतूस थाना भवन शामली निवासी रितिक से लाकर रंजीत व अभिषेक के साथ मिलकर डिमाण्ड के अनुसार सप्लाई करते है। कुछ अवैध असलाह कारतूस हम लोग सुनील पहलवान निवासी खड़खड़ी को भी उसकी डिमाण्ड पर दे चुके है।
गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि वह लोग अवैध असलाह कारतूस को खरीदने बेचने का काम लगभग 01 साल से कर रहा हूँ। इस बार भी इनसे बरामद असलाह व कारतूसों यह लोग रितिक से लेकर आगे सप्लाई के लिए आ रहे थे कि उन्हे पुलिस द्वारा पकड़ लिया गया।
अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास के सम्बन्ध मे जानकारी की जा रही है। अभियुक्तों से नाजायज पिस्टल 32 बोर मय मैगजीन 06 अदद, नाजायज जिन्दा कारतूस 32 बोर – 20 अदद, नाजायज पिस्टल 30 बोर मय मैगजीन-01अदद, नाजायज जिन्दा कारतूस 7.62 बोर – 02 अदद, एक अदद गाडी महेन्द्रा थार रजिस्ट्रेशन नं0-DL 7CW 0480 बरामद की गयी है।
अभियुक्तों को गिरफ्तार करने वाली टीम स्वॉट टीम, अपराध शाखा, पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद व थाना लोनी पुलिस टीम, पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद की रही।
अन्तर्राज्यीय गिरोह के खुलासे पर राजकरन नैय्यर, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, कानून व्यवस्था / यातायात द्वारा पुलिस टीम के उत्साहवर्धन हेतु रू0 50000/-नगद पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की गयी है।





