- नहीं चला अर्जेंटीना के स्ट्राइकर लियोनल मैसी का जादू
- गोलरक्षक इमिलियानो फर्नांडेज के करीब दर्जन बचाव भी अर्जेंटीना के काम न आए
सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : बदलू स्ट्राइकर फेरन टोरेस के 106 वें मिनट में दागे इकलौते गोल की बदौलत स्पेन ने पिछली चैंपियन अर्जेंटीना को न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में फीफा विश्व कप फुटबॉल 2026 के फाइनल में सोमवार सुबह 1-0 से हरा कर दूसरी बार खिताब जीत लिया। अपना छठा और संभवत: आखिरी विश्व कप खेल रहे 39 बरस के दुनिया के बेहतरीन स्ट्राइकर लियोनस मैसी का जादू फाइनल में स्पेन के खिलाफ नहीं चला। फाइनल की आखिरी सीटी बजते ही अपनी अर्जेंटीना टीम की हार की निराशा में लियोनल मैसी घुटने के बल बैठ गए और उनकी आंखों में आंसू थे। मैसी ने फाइनल सहित इस विश्व कप में आठ मैचों में आठ गोल कर इतने ही मैचों में दस गोल कर गोल्डन बूट अवॉर्ड जीतने वाले फ्रांस के कईलियान बापे के बाद दूसरे स्थान पर रहे। स्पेन ने फाइनल में स्टार स्ट्राइकर लियोनल मैसी की मजबूत चौकसी कर गेंद उनके कब्जे से दूर अर्जेंटीना के हमलों की धार वैसे ही कुंद कर दी थी, जिस तरह सेमीफाइनल में फ्रांस के कइलियान बापे की घेरबंदी करके की थी।स्पेन ने सेमीफाइनल में फ्रांस पर 2-0 से जीत दर्ज की थी।
फुटबॉल के मैदान पर शतरंत के शातिर की तरह बिसात बिछाने में माहिर चतुर रणनीतिज्ञ हेड कोच लुइस डे ला फ्युंटे के मार्गदर्शन में स्पेन की टीम फाइनल में पूरी हावी रहने के बावजूद अर्जेंटीना के गोलरक्षक इमिलियाना मार्टिनेज के 11 बेहतरीन बचावों के चलते निर्धारित समय तक गोल नहीं कर पाई। इसी के चलते फाइनल में फैसले के लिए 30 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया। अतिरिक्त समय के पहले हाफ में भी गोल नहीं हुआ। अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ के पहले ही मिनट में बदलू मिडफील्डर निको विलियम्स ने डिफेंडर पेड्रो पोरो के क्रॉस पर सिर से गेंद बॉक्स के भीतर फेरन टोरेस की बढ़ाई और उन्होंने पलक झपकते ही दनदनाता शॉट जमा आखिरकार अर्जेंटीना के गोलरक्षक इमिलियानो मार्टिनेज को छका गोल कर स्पेन को 1-0 से आगे कर दिया। टोरेस का बेशक इस विश्व कप में स्पेन के लिए यह पहला गोल था, लेकिन फाइनल के लिहाज और अपने देश को चैंपियन बनाने के लिहाज से सबसे अहम गोल था। पिछली चैंपियन अर्जेंटीना ने नियमित समय में मिडफील्डर एंजो फर्नांडेज को निर्धारित समय में इंजुरी टाइम खत्म होने से ठीक पहले स्पेन के पाउ कुब्राजी को गलत ढंग से रोकने पर दिखाए दूसरे येलो कार्ड के रेड कार्ड में तब्दील होने से उन्हें बाहर मैदान से बाहर भेजे जाने के बाद बाकी का मैच दस खिलाड़ियों से खेला। 2010 की चैंपियन स्पेन का इसका लाभ उठाकर अंतत: अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ के पहले ही मिनट में फेरन टोरेस के गोल से फाइनल जीतने के साथ दूसरी बार विश्व कप चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। अब से 16 बरस पहले 2016 में आंद्रेज इनिस्ता के अतिरिक्त समय खत्म होने से चार मिनट पहले वॉली जमा दागे गोल से स्पेन ने नीदरलैंड के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका में खेले गए फाइनल में 1-0 से जीत दर्ज कर पहली बार विश्व कप फुटबॉल खिताब जीता था। एक दिलचस्प बात यह है कि तब नीदरलैंड के सेंटर बैक जॉन हेटिंगा को अतिरिक्त समय के नौवें मिनट में दिखाए दूसरे येलो कार्ड लाल के रेड कार्ड में तब्दील होने से उन्हें भी मैदान से बाहर भेज दिया गया था।
रैंकिंग मे दुनिया की दूसरे नंबर की टीम यूरोपीय चैंपियन स्पेन और दुनिया की पहले नंबर की टीम दक्षिण अमेरिकी चैंपियन अर्जेंटीना के बीच न्यूजर्सी स्टेडियम में विश्व कप के फाइनल में स्पेन की टीम पूरी तरह हावी रही। स्पेन ने फाइनल में पहले हाफ में पूरी तरह दबदबा बनाए रखा। स्पेन के 19 बरस के नौजवान स्ट्राइकर लमाइन यमाल ने पांचवें मिनट में डानी आल्मो द्वारा बढ़ाई गेंद पर बॉक्स के भीतर दाएं से तेज शॉट जमाया लेकिन लेकिन अर्जेंटीना के गोलरक्षक इमिलियानो मार्टिनेज ने मुस्तैदी दिखा उनके गोल करने की कोशिश नाकाम कर दी।बेशक स्पेन ने मैच पर अपनी पकड़ बनाई लेकिन उसके फॉरवर्ड को अर्जेंटीना की रक्षापंक्ति में दरार खोज कर खासतौर पर उसके गोलरक्षक इमिलियानो फर्नांडेज से पार पाने के लिए जूझना पड़ा। स्पेन के विंगर माइकल ओयरजबल ने बॉक्स के भीतर तेज शॉट लगाया लेकिन गोलरक्षक फर्नांडेज ने अच्छा पूर्वानुमान लगाते हुए इसे रोक कर उसे अपना खाता खोलने से रोके रखा। वहीं स्पेन के डिफेंडर मार्क कुकरेला भी अर्जेंटीना के बॉक्स भीतर पहुंच गलत निशाना जमा गोल करने से चूके और हाफ टाइम तक कोई भी टीम गोल नहीं कर पाई।
चोट के चलते अपने नियमित सेंटर बैक लिजांड्रो मार्टिनेज की जगह पहला हाफ खत्म होने से ठीक पहले मजबूरन निकोलस टोटामेंडी और 70 वें मिनट में फाकुंडो मेडिना की जगह क्रिश्चियन रोमरो को उतारने से अर्जेंटीना के कोच लियोनल स्कोलनी की परेशानी और बढ़ गई। तब तक स्पेन की टीम अर्जेंटीनी टीम से बराबर सवाल पूछती रही। लमाइन यमाल ने मैच के 67 वें मिनट में टोरेस के लिए बॉक्स के भीतर गेंद उछाली लेकिन उनके हेडर को अर्जेंटीना के गोलरक्षक मार्टिनेज ने रोक कर अपनी टीम पर आया खतरा टाला। पाउ कुब्राजी और बदलू मिडफील्डर पैड्री और निकोलस विलियम्स के शॉट को अर्जेंटीना के गोलरक्षक मार्टिनेज ने रोक कर स्पेन को गोल करने से रोके रखा। नौजवान स्ट्राइकर लमाइन यमाल ने निर्धारित समय की समाप्ति से ठीक पहले फ्री किक पर गेंद गोल में डालने की कोशिश लेकिन अर्जेंटीना के गोलरक्षक मार्टिनेज ने उछल कर इसे रोक कर स्पेन की गोल करने की हसरत पूरी नहीं होने दी।
अर्जेंटीना की टीम 19 गोल कर फाइनल में पहुंची थी लेकिन अतिरिक्त समय से पहले तक वह स्पेन के गोल पर एक भी हमला नहीं बोल पाई। कुब्राजी को दूसरे हाफ के अतिरिक्त समय के तीसरे मिनट में गलत ढंग से रोकने पर मिडफील्डर एंजो फर्नांडेज के दूसरे येलो के रेड कॉर्ड में तब्दील होने पर मैदान से बाहर भेजे जाने अर्जेंटीना का काम और भी मुश्किल हो गया। निर्धारित समय में गोल नहीं होने पर फाइनल अतिरिक्त समय में खिंच गया। स्पेन के विलियम और मेरिनो के हेडर को अतिरिक्त समय में अर्जेंटीना के गोलरक्षक मार्टिनेज ने रोक कर बेकार किया।स्पेन के विलियम और टोरेस के गोल अमान्य कर दिए गए। टोरेस ने अंतत: मैच के 106वें गोल कर स्पेन को 1-0 की बढ़त दिलाई। स्पेन ने इस बढ़त को आखिर तक बरकरार रख कर फाइनल जीत दूसरी पर फुटबॉल विश्व कप चैंपियन होने का गौरव हासिल किया। इसके साथ अर्जेंटीना की खिताब बरकरार रखने और कुल चौथी बार विश्व कप जीतने की हसरत पर पानी फिर गया।
मुझे स्पेन के फुटबॉलरों की इस पीढ़ी पर गर्व : फ्युंटे
स्पेन के हेड कोच लुइस डे ला फ्यूंटे ने अपनी टीम के फुटबॉल विश्व कप खिताब जीतने पर कहा,‘ मुझे स्पेन के फुटबॉलरों की इस पीढ़ी पर गर्व, जो इस सोच के साथ आगे बढ़ी है और इसे बेहतर बनाया जा सकता है और हमारी टीम एक परिवार और एक समूह है। हमारे ये फुटबॉलर असाधारण प्रतिभाशाली हैं। मेरे लिए स्पेन के इन फुटबॉलरों के विश्व कप खिताबी सफर का हमसफर बनना बड़े गर्व की बात है। पलटकर पीछे देखने पर मैं बहुत भावुक हो उठा हूं। हमने अपने सभी खिलाड़ियों से बहुत बात की। हमारे लिए सब कुछ जीतना, वाकई शानदार है। ये ऐसी फुटबॉलरों की पीढ़ी है, जिस स्पेन गर्व कर सकता है। साथ मिलकर हम और ज्यादा मजबूत हैं। मेरा मानना है फाइनल का फैसला और जल्दी हो चाहिए था। अर्जेंटीना के गोलरक्षक इमिलियानो फर्नांडेज ने बराबर बेहतरीन बचाव कर हमें फाइनल जल्द जीतने से रोका, पर यह विश्व कप फाइनल है और इसमें भी जब आप दस खिलाड़ियों से खेल रहे हैं तो इसकी कीमत तो चुकानी पड़ती है।
सच तो यह है कि स्पेन की टीम हमसे बेहतर थी : स्कोलनी
अर्जेंटीना के कोच लियोनल स्कोलनी ने कहा,‘ बेशक मुझे अपनी टीम के फाइनल हारने का अफसोस है,लेकिन यह भी जानता हूं कि हमने इसमें अपना सब कुछ झोंक दिया। हम फाइनल तक कैसे पहुंचे इस बाबत कहने को मेरे पास बहुत कुछ है, लेकिन अब यह सब बात बेमानी है। मैं अपनी पूरी फुटबॉल टीम को फाइनल में स्पेन के खिलाफ आखिरी क्षण तक अपना सब कुछ झोंकने के लिए आभार जताता हूं। सच तो यह है कि स्पेन की टीम हमसे बेहतर थी। बावजूद इसके हमारी अर्जेंटीनी टीम ने जो किया और फाइनल में पहुंचने की जो अहमियत है, उसके यादे मेरे साथ रहेंगी। फाइनल में पहुंचना आसान नहीं होता है। हम जीत में शानदार रहे और हमें इस हार से भी सीखना होगा। हम फाइनल की अपनी हार को स्वीकारते है। इसका मतलब यह नहीं की हम फाइनल में पहुंचने की अपनी को याद करना छोड़ दे।‘
फाइनल मे जीत तो तकदीर ने पहले ही तय कर दी थी : टोरेस
स्पेन के लिए फाइनल में इकलौता और विजयदाई गोल करने वाले फॉरवर्ड फेरन टोरेस ने कहा, ‘फाइनल में मेरा यह गोल केवल मेरा नहीं हमारी स्पेन की टीम के सभी 26 खिलाड़ियों और पूरे देशवासियों का है। मेरा मानना है कि फाइनल में हमारी जीत तो तकदीर ने पहले ही तय कर दी। हमारे पास फाइनल जीतने का मौका था, भले ही हम अपने लोगों से दूर थे, बावजूद इसके हमने उन्हें यह करीब महसूस कराने की पुरजोर कोशिश की। सभी फाइनल मुश्किल होते हैं। जब मैसी आपकी प्रतिद्वंद्वी टीम में हो तो बैचेनी तो होती ही है।बावजूद इसके हम अपनी योजना पर काबिज रह कर अपने अंदाज में फुटबॉल खेलते रहे।‘
फीफा विश्व कप फुटबॉल 2026 के वैयक्तिक पुरस्कार
सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलर : रॉड्री (स्पेन)।
सबसे ज्यादा गोल के लिए गोल्डन बूट अवॉर्ड : कइलियान बापे( स्पेन ,8 मैच, 10 गोल)।
सर्वश्रेष्ठ गोलरक्षक के लिए गोल्डन ग्लव अवॉर्ड :उनई साइमन(स्पेन, फाइनल सहित आठ में सात मैचों में एक भी भी गोल नहीं, कुल एक गोल खाया)।
फीफा बेस्ट यंग प्लेयर अवॉर्ड : पाउ कुब्राजी (स्पेन, 19 वर्षीय, स्पेन के बतौर डिफेंडर के रूप में बेहद मजबूत खेल, मात्र एक गोल खाया)।
एडिडास गोल्डन बॉल अवार्ड : रॉड्री स्पेन
एडिडास सिल्वर बॉल अवार्ड : लियोनल मैसी(फाइनल सहित आठ मैच, 8गोल)।
फीफा विश्व कप फुटबॉल 2026 : कुछ दिलचस्प तथ्य….
-स्पेन के 19 वर्षीय स्ट्राइकर लमाइन यमाल और डिफेंडर पाउ कुब्राजी फुटबॉल विश्व कप के फाइनल में खेलने वाले क्रमश: चौथे और पांचवें कम उम्र के फुटबॉलर बन गए। विश्व कप के फाइनल में सबसे कम उम्र में खेलने वाले फुटबॉलर हैं ब्राजील के पेले (17 बरस, 1958 में), जियूस्पी बनगोमी (18 बरस, 1982 में) और फ्रांस के कइलियान बापे (19 बरस, 2018 में)।
-स्पेन पहला ऐसा देश है जिसे पुरुष और महिला दोनों फीफा फुटबॉल विश्व कप खिताब जीतने का गौरव हासिल है।
-65 बरस और 28 दिन के स्पेन के हेड कोच लुइस डे ला फ्युंटे बतौर कोच अपनी टीम को विश्व कप फुटबॉल खिताब जिताने वाले सबसे उम्रदराज फुटबॉल कोच बन गए।
-अर्जेंटीना के स्ट्राइकर लियोनल मैसी (2014, 2022 व 2026) ब्राजील के काफू (1994, 1998 , 2002) के बाद तीन विश्व कप फाइनल में खेलने वाले दूसरे फुटबॉलर बन गए।
-स्पेन की टीम पिछले लगातार 38 मैचों में नियमित समय में अजेय है। स्पेन आखिरी बार 22 मार्च, 2024 को कोलंबिया से मैत्री मैच में 0-1से हारी थी। इसके साथ स्पेन ने इटली के लगातार 37 मैचों में अजेय रहने के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। दिलचस्प बात यह है कि इटली के लगातार 37 जीत का क्रम स्पेन से 6 अक्टूबर, 2021 को यूईएफए नेशंस लीग में 1-2 से हार से टूटा था।





