श्रेयस को भारत के कप्तान के रूप में पहली टी 20 अंतर्राष्ट्रीय जीत की तलाश

Shreyas eyes first T20 International win as India's captain

  • जिम्बाब्वे की कोशिश भी भारत के खिलाफ टी 20 में जीत की राह पर लौटने की
  • सभी निगाहें एक बार फिर भारत के 15 बरस के वैभव सूर्यवंशी पर

सत्येन्द्र पाल सिंह

नई दिल्ली : बतौर कप्तान श्रेयस अय्यर लगातार दो सीरीज हारने के बाद अब भारत को मेजबान जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में तीन टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों की क्रिकेट सीरीज के पहले मैच में बृहस्पतिवार को पहली जीत दिलाने की तलाश में उतरेंगे। श्रेयस अय्यर की अगुआई में टी 20 विश्व कप चैंपियन भारत पहले आयरलैंड से दो टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों की सीरीज 0-2 और फिर इंग्लैंड के खिलाफ पहला मैच बारिश से धुलने के बाद अगले लगातार चारों मैच हार सीरीज 0-4 से हार चुका है। भारत ने जिम्बाब्वे से अपने पिछले पांचों टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैच आसानी से जीते और उसका मेजबान टीम के खिलाफ पूरा तरह दबदबा रहा है। बावजूद इसके जिम्बाम्बे के कप्तान सिकंदर रजा तीन टी 20 अतर्राष्ट्रीय मैचों की सीरीज में भारत को जीत का दावेदार मानने से इनकार करते हुए मुकाबला बराबरी का रहने की बात करते हैं। जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा के यह कहने का बड़ा कारण है भारत का अपने पिछले लगातार छह टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैच हारना है। जिम्बाब्वे की टीम मेहमान बाग्लादेश से तीन टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों की सीरीज 1-2 से हार कर भारत के खिलाफ खेलने उतरेगी। बेशक जिम्बाब्वे की कोशिश भी भारत के खिलाफ टी 20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में जीत की राह पर वापस लौटने की होगी।

जिम्बाब्वे ने मेहमान बांग्लादेश से तीन टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों की सीरीज 1-2 से हारने वाली अपनी टीम में तीन बदलाव करते हुए विकेटकीपर बल्लेबाज तफवजदा इसिगा को पहली बार और बल्लेबाजी ऑलराउंडर वेसले मडेवरी और तेज गेंदबाज न्यूमैन नयमी को भारत के खिलाफ 23, 25 और 26 जुलाई को हरारे स्पोटर्स क्लब में खेली जाने वाली तीन टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों की सीरीज के लिए अपनी टीम में शामिल किया। जिम्बाब्वे ने भारत में हुए आईसीसी टी 20 विश्व कप में सिकंदर रजा की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया पर सुपर 8 में स्थान बनाया था लेकिन सुपर 8 में भारत से चेन्नै में 72 रन से हारने के साथ दक्षिण अफ्रीका और वेस्ट इंडीज से हार गया था।

भारत ने अपने घर में 2026 में आईसीसी टी 20 क्रिकेट विश्व कप की जीत के हीरो लेकिन पहले जिम्बाब्वे और फिर इंग्लैंड में बुरी तरह नाकाम रहने वाले संजू सैमसन को अपनी टीम से बाहर रखा है। ऐसे में एक बार फिर सभी निगाहें बल्लेबाजी की नई सनसनी 15 बरस के वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी और उन्हें अभिषेक शर्मा के साथ जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत के लिए तीनों टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में खेलने का मौका मिलने की पूरी संभावना है। वैभव सूर्यवंशी ने 15 बरस की उम्र में भारत के लिए इंग्लैंड में उसके घर में अपने टी 20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर का आगाज करने के बाद अपने शुरू के तीन मैचों में क्रमश:14, 13 , 15 रन बनाए थे। आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स और उससे पहले अंडर 19 क्रिकेट विश्व कप के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 175 रन की तूफानी पारी खेल कर वैभव सुर्खियों में रहे थे। इंग्लैंड में वैभव सूर्यवंशी को शॉर्ट बॉल से उनके राजस्थान रॉयल्स के साथी तेज गेंदबाज इग्लैंड के जोफ्रा आर्चर ने बहुत परेशान किया था। इंग्लैंड के जोफ्रा आर्चर से सीख लेकर जिम्बाब्वे के भी उन्हीं की तरह लंबे कद के तेज गेंदबाज रिचर्ड नगरवा और ब्लेसिंग मुजरबानी उनके खिलाफ शॉर्ट पिच गेंदबाजी कर सस्ते में आउट करने की कोशिश करेंगे। वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी प्रतिभा के जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा भी मुरीद हैं और उन्हें बरसों में आने वाली विलक्षण बल्लेबाजी प्रतिभा बताते हुए समझबूझ से उन्हें भारतीय क्रिकेट प्रबंधन को इस्तेमाल करने की ताकीद भी की है। नियमित कोच गौतम गंभीर की बजाय जिम्बाब्वे दौरे पर भारत के कोच की भूमिका वीवीएस लक्ष्मण संभालेंगे। भारत की बल्लेबाजी वैभव सूर्यवंशी के साथ अभिषेक शर्मा, उपकप्तान तिलक वर्मा, इशान किशन, शिवम दुबे, रिंकू सिंह जैसे छह बाएं हाथ के बल्लेबाजों के साथ खुद कप्तान दाएं हाथ के बल्लेबाज श्रेयस अय्यर पर निर्भर करेगी। भारत यदि बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर हर्ष दुबे के साथ उतरता तो फिर उसके शीर्ष क्रम में सात बाएं हाथ के बल्लेबाज हो जाएंगे।

लगातार छह हार के बाद श्रेयस अय्यर की टी 20 में कप्तानी में सभी की निगाहें रहेंगी। भारत को घर में टी 20 विश्व कप जिताने वाले सूर्य कुमार यादव के आईपीएल में ढीले प्रदर्शन के बाद श्रेयस अय्यर को पहले आयरलैंड और फिर इंग्लैंड और जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों के लिए भारत की कप्तानी सौंपी गई है। श्रेयस आयरलैंड में दिसंबर, 2023 के बाद यानी करीबी करीब ढाई बरस के बाद अपना पहला टी 20 अंतर्राष्ट्रीय भारत के लिए खेले थे। इंग्लैंड के खिलाफ भारत के पहला मैच बारिश के धुलने के पांच मैचों की सीरीज 0-4 से हारने के बावजूद श्रेयस अय्यर ने दो अर्द्धशतक सहित सबसे ज्यादा 218 रन बनाए थे। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज से बाहर रहने के बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज से भारत की टी 20 टीम में वापसी करने वाले रिंकू सिंह के लिए खुद को फिर से टीम में स्थापित करने के लिए यह सीरीज बेहद अहम होगी। रिंकू की तकनीकी में केकेआर के कोच अभिषेक नायर ने कुछ बदलाव किया और इससे अब वह खासतौर पर लेग साइड पर बेहतर खेलने लगे हैं। रिंकू सिंह और शिवम दुबे से भारत फिर इस टी 20 सीरीज में जिम्बाब्वे के खिलाफ फिनिशर की भूमिका निभाने की आस करेगा। भारत के खासतौर पर बाएं बल्लेबाजों को जिम्बाब्वे के कप्तान अपना हाथ छिपा कर गेंदबाजी करने वाले सिकंदर रजा से चौकस रहना होगा। हालांकि जिम्बाब्वे की गेंदबाजी की ताकत मुजरबानी, नगरवा और ब्रैड इवांस जैसे तेज गेंदबाजों की त्रिमूर्ति है।

जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी सलामी बल्लेबाज ब्रायन बेनैट, डियोन मायर्स के साथ खुद कप्तान सिंकदर रजा, लंबे स्ट्रोक खेलने में माहिर रेयन बर्ल और ब्रैड इवांस जैसे ऑलराउडर पर निर्भर करेगी। खासतौर पर बैनेट और मायर्स के साथ भारत के गेंदबाजों को सिकंदर राजा से चौकस रहना होगा। भारत के जिम्बाब्वे के खिलाफ दिल्ली के दो तेज गेंदबाजों प्रिंस यादव व मयंक यादव के साथ ही उतरने की उम्मीद है और तीसरे गेंदबाज के रूप में ऑलराउंडर शिवम दुबे का इस्तेमाल करने की उम्मीद है। हर्ष दुबे व रवि बिश्नोई का भी बतौर स्पिन इस्तेमाल करेगा भारत की गेंदबाजी की बागडोर रफ्तार के सौदागर बराबर 150 किलोमीटर की रफ्तार से गेंद करने के लिए ख्यात मयंक यादव और नवोदित अशोक शर्मा, प्रिंस यादव यश ठाकुर जैसे लगभग अनुभवहीन चौकड़ी के हाथ में है। चोट के चलते तेज गेंदबाज हर्षित राणा के साथ लेग स्पिनर वरुण चक्रवर्ती के बाहर होने पर भारत का स्पिन आक्रमण रवि बिश्नोई और हर्ष दुबे संभालेंगे। वहीं बिश्नोई के इंग्लैंड के खिलाफ टी 20 सीरीज में दो मैचो में मौका मिलने पर बैकफुट पर नो बॉल से परेशान रहने और खासी धुनाई होने के बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ विकेट चटका कर भारत को जीत दिलाने के साथ खोया विश्वास पाने के लिए यह सीरीज अहम होगी।
हरारे : भारत वि जिम्बाब्वे (पहला टी 20 अंतर्राष्ट्रीय , शाम साढ़े चार बजे से)