इंद्र वशिष्ठ
नशे के कुख्यात सौदागर/तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को तुर्किये से वापस भारत लाया गया है। सलीम डोला कुख्यात आतंकी दाऊद इब्राहिम का करीबी सहयोगी है।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने इंटरपोल और भारतीय खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर, ऑपरेशन ग्लोबल-हंट के तहत सलीम डोला को तुर्किये से वापस लाने में सफलता हासिल की है। मंगलवार सुबह नई दिल्ली के इंदिरा गाँधी हवाई अड्डे पर पहुँचते ही एनसीबी ने उसे हिरासत में ले लिया।
सलीम डोला (59 वर्ष, मुंबई निवासी) के खिलाफ भारत के अनुरोध पर इंटरपोल द्वारा रेड कार्नर नोटिस जारी किया गया था। नशीले पदार्थों की तस्करी के कई मामलों में उसकी तलाश थी। पिछले कुछ वर्षों में, डोला ने मध्य पूर्व, अफ्रीका और यूरोप के कई देशों में फैला हुआ एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट खड़ा कर लिया था। दो दशकों में महाराष्ट्र और गुजरात में हेरोइन, चरस, मेफेड्रोन, मैंड्रेक्स और मेथामफेटामाइन की बड़ी खेप पकड़े जाने से जुड़े मामलों में डोला की सीधी भूमिका है। इससे पहले, उसके बेटे ताहिल सलीम डोला और अन्य सहयोगियों को 2025 में यूएई से प्रत्यर्पण/वापसी के बाद मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि नार्को सिंडिकेट के खिलाफ सरकार की ज़ीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप, एनसीबी ने तुर्किये से कुख्यात ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को वापस लाने में एक बड़ी सफलता हासिल की है। शाह ने कहा कि सरकार के ड्रग कार्टेल को पूरी तरह से खत्म करने के मिशन के तहत, हमारी नार्कोटिक्सरोधी एजेंसियों ने वैश्विक एजेंसियों के एक मज़बूत नेटवर्क के ज़रिए सीमाओं के पार भी अपनी पकड़ बना ली है। ड्रग सरगना कहीं भी छिप जाएं, अब उनके लिए कोई भी जगह सुरक्षित नहीं है।





