बापे के दूसरे हाफ के दो गोल भी फ्रांस के काम नहीं आए।
सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : राइट विंगर बुकायो साका की हैट्रिक की बदौलत इंग्लैंड ने फ्रांस पर मियामी स्टेडियम में रविवार सुबह 6-4 की बड़ी जीत के साथ फीफा विश्व कप फुटबॉल 2026 में कांसा जीता। 1966 में अपनी धरती पर पहली और आखिरी बार खिताब जीतने के बाद अब कांसा जीतना इंग्लैंड का विश्व कप फुटबॉल के इतिहास का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। फ्रांस की विश्व कप में यह अब तक की सबसे बड़ी हार है। फ्रांस की टीम इससे पहले 1958 के विश्व कप में ब्राजील से 2-5 से हारी थी। बुकायो साका अब 1966 में ज्यॉफ हर्स्ट, 20 बरस गेरी लिनेकर और 2018 में हैरी केन के बाद विश्व कप फुटबॉल में हैट्रिक जमाने वाले इंग्लैंड के चौथे फुटबॉलर बन गए।स्टार स्ट्राइकर कइलियान बापे के दूसरे हाफ के दो गोल भी फ्रांस के काम नहीं आए।
तीसरे स्थान के लिए खेला गया यह मैच दो हाफ का रहा। इंग्लैंड ने पहले हाफ में और फ्रांस ने दूसरे हाफ में चार चार गोल किए। इंग्लैंड ने पहले हाफ में अपने नाइजिरियाई मूल के स्ट्राइकर साका के दो और मिडफील्डर डेकलान राइस व डिफेंडर एजरी कांसा के एक एक गोल से हाफ टाइम तक 4-0 की बढ़त ले ले थी। अपने स्टार स्ट्राइकर कइलियान बापे के दो ब्रैडले बारकोला के दूसरे हाफ के शुरू के नौ मिनट में दागे एक गोल की बदौलत फ्रांस ने स्कोर 3-4 कर मैच को रोमांचक बना दिया। बुकायो साका ने खेल खत्म होने से तीन मिनट पहले मिली पेनल्टी किक को गोल में बदल अपनी हैट्रिक पूरी करने के साथ इंग्लैंड को 5-3 से आगे कर उसकी जीत लगभग निश्चित कर दी। फ्रांस के आक्रामक मिडफील्डर उस्मान डैम्बले ने खेल खत्म होने से इंजुरी टाइम के छठे मिनट में गोल कर स्कोर 4-5 कर मैच को और रोमांचक बना दिया। जूड बेलिंघम ने दो मिनट गोल कर इंग्लैंड को 6-4 से आगे कर उसकी जीत पक्की कर दी।
फ्रांस की हार के बावजूद उसके और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइकर में से एक कइलियान बापे मौजूदा संस्करण में आठ मैचों में सबसे ज्यादा दस गोल कर गोल्डन बूट की होड़ में फिलहाल अर्जेंटीना के लियोनल मैसी को पीछे सबसे आगे हो गए। बापे(दस गोल) अब एक फुटबॉल विश्व कप मे सबसे ज्यादा गोल करने वाले फुटबॉलरों की फेहरिस्त में अपने फ्रांस के जस्ट फोटेन(13 गोल)1958 में और हंगरी के संदूर कोसिस (11 गोल) के बाद तीसरे स्थान पर है।
इंग्लैंड ने बहुत आक्रामक अंदाज में आगाज किया और मिडफील्डर डेकलान राइस ने मैच के तीसरे मिनट में बॉक्स के बाहर से तेज शॉट जमा गोल कर अपनी टीम का खाता खोला। साका ने इसके तुरंत बाद तेज शॉट जमा गेंद को फ्रांस के गोल में डाला लेकिन उन्हें ऑफ साइड देकर यह गोल अमान्य कर दिया गया। एजरी कोंसा ने मैच के 18 वें मिनट में गोल कर इंग्लैंड की बढ़त 2-0 कर दी। बुकायो साका ने मैच के 37 वें और फिर पहला हाफ खत्म होने से ठीक पहले इंजुरी टाइम में दो गोल कर इंग्लैंड को 4-0 से आगे कर दिया। कईलियान बापे दूसरे हाफ में मानो मैच की कहानी पलटने के मकसद से ही उतरे। फ्रांस के बापे ने माइकल ओलिस के पास पर दूसरे हाफ के तीसरे मिनट में गोल कर स्कोर 1-4 कर दिया। ओलिस के एक और बेहतरीन पास पर ब्रैडले बारकोला ने गोल स्कोर 2-4 कर दिया। बापे ने 66 वें मिनट में मैच का अपना दूसरा गोल करस्कोर 3-4 कर फ्रांस की मैच में वापसी की उम्मीद जगा दी। ओलिस इसके तुरंत बाद बॉक्स के बहुत करीब से गोल करने से चूके और फ्रांस की टीम 4-4की बराबरी करते करते रह गई। तब इंग्लैंड की टीम बड़े दबाव में दिखी। खेल खत्म होने से तीन मिनट पहले दजे स्पेंस का फ्रांस के डिफेंडर मालो गस्टो ने अपने बॉक्स में गिराया और इस पर मिली पेनल्टी किक को साका ने गोल में बदल कर अपनी हैट्रिक पूरी कर इंग्लैंड को 5-3 से आगे कर उसे जीत की ओर अग्रसर कर दिया। फ्रांस के उस्मान डैम्बले ने इंजुरी टाइम के छठे मिनट में गोल कर स्कोर 4-5 कर उसकी वापसी की हल्की उम्मीद जगाई। जूड बेलिंघम ने पैरों की कलाकारी दिखा कर दो मिनट बाद गोल कर इंग्लैंड को 6-4 से आगे कर उसकी जीत और कांसा पक्का कर दिया।
खुश हूं हमने विश्व कप में अभियान कांसा जीत खत्म किया : साका
मैन ऑफ द’ मैच इंग्लैंड के 24 वर्षीय स्ट्राइकर बुकायो साका ने कहा,‘फ्रांस के खिलाफ हैट्रिक जमा इंग्लैंड को जिताना शानदार रहा। मुझे बताया गया है कि मैं उन चार फुटबॉलरों में शामिल हो गया, जिन्होंने इंग्लैंड के लिए विश्व कप में हैट्रिक जमाई है। बेशक यह शानदार उपलब्धि है। इससे मेरा मान बढ़ा है। हम इंग्लैंड की टीम के रूप में टूर्नामेंट का शानदार ढंग ये समापन करना चाहते थे। हम इस बार विश्व कप खिताब जीतना चाहते थे और हमें कांस्य पदक के लिए मैच नहीं बल्कि फाइनल खेलना चाहिए था। हकीकत यही है कि हम कांस्य पदक के लिए खेले और इसमें शानदार ढंग से समापन करना चाहते थे। खुश हूं कि हमने विश्व कप में अपना अभियान कांसा जीत खत्म किया।‘
दूसरे हाफ बेहतरीन खेल के बाद भी हम जीत नहीं पाए :बापे
फ्रांस के कप्तान कइलियान बापे ने कहा,‘ इंग्लैंड के खिलाफ कांस्य पदक के लिए मैच दो एकदम अलग हाफ का खेल रहा। मैं समझ सकता हूं लोग यह क्यों कह रहे हैं हमने खुद को क्यों मूर्ख बनाया और अपने देश की जर्सी से न्याय नहीं किया। मैं इसकी बजाय बस यही कहूंगा कि हम भी आखिर इनसान है। इंग्लैंड ने पहले हाफ में चार गोल कर हमें हैरान कर दिया। दूसरे हाफ में हमने बेहतरीन खेल दिखाया। आखिर में हम जीत नहीं पाए और यह हमारे कोच डिडियर डैसचैम्पस के लिए वाकई दुख की बात है। हम अपने कोच डैसचैम्पस के लिए कुछ करना चाहते थे। पहले हाफ में हमारे खेल से ऐसा लगा कि हमने अपने कोच डैसचैम्पस को निराश किया, हालांकि हम कतई ऐसा नहीं चाहते थे। इस मैच में हमारी हार से हमारे कोच डैसचैम्पस की शानदार विरासत पर कोई दाग नहीं लगेगा।‘
यह मेरी गलती है, पहले हाफ में वह नहीं किया, जो जरूरी था : डैसचैम्पस
फ्रांस के हेड कोच डिडियर डैसचैम्पस ने कहा,‘ हमने पहले हाफ में बेहद निराशाजनक खेल दिखाया और 0-4से पिछड़ गए। हमने इसके बाद कुछ जुझारू क्षमता दिखाई। हमे 4-4 की बराबरी के दो मौके मिले और इसके बाद हमने कुछ और जान लगाई। हमने वही किया जो हम जानते हैं। यह मेरी गलती है, संभवत: मैंने पहले हाफ में वह सब नहीं किया, जो जरूरी था। इसके बाद हमने कुछ जोर लगाया और कम से कम खेल में कुछ तो दिखा, बेशक हार परेशान करती है। बेशक विश्व कप में तीसरे स्थान पर रहकर अभियान समाप्त करना बेहतर होता। हम बड़े सपने लेकर इस विश्व कप में खेलने आए थे। हमने कुछ सकारात्मक चीजें भी कीं। बेशक हम स्पेन के खिलाफ मैच हारे लेकिन यह पूरी तरह हार नहीं है। हमारी फ्रांस की टीम बेहतरीन है और इसमें ऐसे नौजवान खिलाड़ी हैं, जो आगे और शिखर चूमेंगे। हमारे पास ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हें, जिससे की हम बहुत बढ़िया नतीजे हासिल कर सकते हैं। निजी तौर मेरा बतौर फ्रांस की टीम के साथ हेड कोच के रूप में सफर शानदार रहा। अपनी तैयारियों से लेकर विश्व कप तक आठ हफ्ते साथ साथ रहे। यह शानदार रहा। निराशा बेशक खेल के लिहाज से है। लेकिन हमें लोगों को भावनाओं को जगाने का अवसर मिली और लाखों फ्रांसीसी लोगों ने इन भावनाओं का अहसास भी किया। यह विश्व कप है,इससे ज्यादा खूबसूरत कुछ भी नहीं है।‘





