संवैधानिक संस्थाओं में विश्वास बना रहना चाहिए: विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी

Faith in constitutional institutions must remain intact: Assembly Speaker Vasudev Devnani

रविवार दिल्ली नेटवर्क

संवैधानिक संस्थाओं में विश्वास बना रहना चाहिए: विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी

जोधपुर/जयपुर : राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने रविवार को देश की संवैधानिक संस्थाओं में जनता के विश्वास को बनाए रखने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि संविधान भारत की आत्मा है और इसे किसी भी प्रकार की क्षति नहीं पहुँचनी चाहिए।

देवनानी ने जोधपुर दौरे के दौरान सर्किट हाउस पहुंचने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए यह बात कही। सर्किट हाउस में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया तथा भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।

हाल के दिनों में संवैधानिक संस्थाओं को लेकर उठाई जा रही आपत्तियों और विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए देवनानी ने कहा कि इन संस्थाओं में जनता का विश्वास अक्षुण्ण रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करना उचित नहीं है, क्योंकि भारत का लोकतंत्र इन्हीं संस्थाओं की मजबूती पर आधारित है।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति लगातार नकारात्मक माहौल बनाना भारत की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है तथा विदेशों में गलत धारणाएं पैदा कर सकता है।

देवनानी ने विपक्ष से ऐसी राजनीति से बचने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों का विश्वास कमजोर हो सकता है।

विधानसभा अध्यक्ष ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में युवाओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत का युवा राष्ट्र, लोकतंत्र और संविधान के साथ मजबूती से खड़ा है।

स्वतंत्रता आंदोलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में युवाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और आज भी लोकतांत्रिक परंपराओं को सशक्त बनाने में उनकी भूमिका अहम है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपने विचार व्यक्त करना एक महत्वपूर्ण अधिकार है, लेकिन भारत की लोकतांत्रिक साख पर प्रश्नचिह्न लगाने या अन्य देशों से तुलना कर उसे कमजोर साबित करने के प्रयास सफल नहीं होंगे।

देवनानी ने पुनः कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति सम्मान तथा विश्वास बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।