गुजरात की निगाहें आरसीबी को फाइनल में हरा हिसाब चुका खिताब जीतने पर

Gujarat look to beat RCB in the final and win the title

  • शुभमन व साई पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता है गुजरात की कमजोरी
  • गुजरात टाइटंस को आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार से चौकस रहने की जरूरत

सत्येन्द्र पाल सिंह

नई दिल्ली : विस्फोटक 15 बरस के विलक्षण बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की 96 रन की गजब की पारी के बावजूद राजस्थान रॉयल्स के 219 रन के पहाड़ को कप्तान शुभमन गिल के बेहतरीन शतक की बदौलत लांघ उसके खिलाफ मिली सात विकेट से जीत से उत्साहित गुजरात टाइटंस की निगाहें अब अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में शीर्ष पर रही मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेजर्स बेंगलुरू ‌(आरसीबी) से क्वॉलिफायर 1 की हार का हिसाब चुका उसे रविवार को 2026 आईपीएल फाइनल में हरा दूसरी बार खिताब जीतने पर लगी हैं। गुजरात टाइटंस ने अपन पहले ही प्रयास में 2022 में पहली बार आईपीएल चैंपियन बनने का गौरव पाया था। वहीं मौजूदा चैंपियन ने 18 बरस के लंबे अंतराल के बाद 2025 में पंजाब किंग्स को अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में बेहद रोमांचक फाइनल में छह रन से हराकर पहली बार आईपीएल खिताब जीता था। 2026 में शीर्ष पर रहने वाली आरसीबी छठी और गुजरात टाइटंस ने तीसरी बार फाइनल में खेलने उतरेगी। दोनों टीमों के बीच अब तक हुए नौ मैचों में आरसीबी ने मौजूदा सीजन में तीन मैचों में दो सहित कुल पांच मैच जीते हैं जबकि गुजरात टाइटंस ने चार मुकाबले जीते हैं। रविवार को बड़ा सवाल यह रहेगा कि क्या रजत पाटीदार की अगुआई में आरसीबी अहमदबाद में खिताब बरकरार रख पाएगी या शुभमन गिल की अगुआई वाली गुजरात टाइटंस उस हरा दूसरी बार चैंपियन बनेगी?

कप्तान शुभमन गिल और साई सुदर्शन की मौजूदा सीजन की सबसे कुल 1732 रन बना कामयाब सलामी जोड़ी और रफ्तार के सौदागर सबसे ज्यादा विकेट चटका पर्पल कैप सिर सजाने वाले कसिगो रबाड़ा (28 विकेट)ने गुजरात टाइटंस को फाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। गुजरात टाइटंस की कमजोरी है उसकी बल्लेबाजी की शुभमन और साई सुदर्शन पर जरूरत से ज्यादा निर्भर है और यदि ये दोनों धर्मशाला में क्वॉलिफायर 1 की तरह सस्ते में आउट हो गए तो फिर यह ताश के पत्तों की ढहती रही है। आरसीबी के पास मौजूदा सीजन के दूसरे सबसे कामयाब गेंदबाज स्विंग के उस्ताद भुवनेश्वर कुमार (26 विकेट) के रूप में ऐसा चतुर गेंदबाज है जिसने पहले पॉवरप्ले में ही शुभमन गिल और साई सुदर्शन को आउट कर उसकी रीढ़ तोड़ मैच में वापसी की उम्मीद ही खत्म करने का दम है। साई सुदर्शन आरसीबी के खिलाफ क्वॉलिफायर 1 में आरसीबी के जैकब डफी और क्वॉलिफायर 2 में राजस्थान रॉयल्स के ब्रजेश शर्मा की गेंद को न्यू चंडीगढ़ में गेंद को उड़ाने की कोशिश में जिस तरह हाथ से बल्ला गंवा हिट विकेट आउट हुए उससे आरसीबी के तेज गेंदबाज शॉर्ट गेंद से उनका इम्तिहान लेने की कोशिश कर फिट हिट विकेट आउट करने की कोशिश करेंगे।

विराट कोहली ( 600 रन ) बेशक आरसीबी के लिए शुरू के 15 मैचों में एक शतक और चार अर्द्धशतक सहित रन बनाने में शीर्ष पर चल रहे हैं। चोट के चलते मौजूदा सीजन के अधबीच ही दो अर्द्बशतक जड़ इंग्लैंड वापस लौट चुके फिल साल्ट वापस नही लौटे है बावजूद इसके विराट एक अर्द्बशतक जड़ने वाले 105वेंकटेश अय्यर (6 मैच, 177 रन) के साथ आरसीबी को तेज शुरुआत दिलाने में कामयाब रहे हैं। साथ ही रजत पाटीदार (486 रन) ने चोट के चलते एक मैच न खेलने के बावजूद सही वक्त पर पांच अर्द्ध शतक जड़ , देवदत्त पड्डीकल (463 रन) ने तीन अर्द्धशतक जड़, टिम डेविड (281 रन) और क्रुणाल पांडया (225) ने एक एक अर्द्धशतक जड़ जरूर आरसीबी को बड़े स्कोर तक अथवा इसके पार पहुंचा कर जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। मौजूदा सीजन में विराट कोहली को गुजरात टाइटंस के खिलाफ तीन मैचों में दो में उसके तेज गेंदबाज जेसन होल्डर ने और एक में कसिगो रबाड़ा ने आउट किया है। विराट कोहली जिस तरह होल्डर की धीमी गेंद को पुल करने की कोशिश में आउट हुए उससे सबक लेकर वह फाइनल जैसे बड़े मंच पर बेशक बड़ी पारी खेलने के संकल्प से उतरेंगे। आरसीबी की बड़ी चिंता विकेटकीपर बल्लेबाज जीतेश शर्मा (105 रन) का रनों के लिए जूझना है। विराट और वेकटेश के क्वॉलिफायर में धर्मशाला में सस्ते में आउट होने के बावजूद रजत पाटीदार ने जिस तरह मात्र 33 गेंदों में 9 छक्कों और पांच चौकों की मदद से अविजित 93 रन की तूफानी पारी और क्रुणाल पांडया (43) के साथ तीसरे विकेट के लए तेज 95 रन जोड़ 254 के बड़े स्कोर तक पहुंचाया था वह ऐसी ही पारी फाइनल में खेलने की कोशिश करेंगे। गुजरात टाइटंस को आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार से चौकस रहने की जरूरत है। आरसीबी के विराट, वेंकटेश, रजत पाटीदार और पड्डीकल को गुजरात टाइटंस के शुरू के 16 मैचों के सबसे कामयाब कसिगो रबाड़ा (28 विकेट), मोहम्मद सिराज (18 विकेट), जेसन होल्डर (10 मैच, 17 विकेट) व प्रसिद्ध कृष्णा (11 मैच, 16 विकेट) जैसे तेज गेंदबाजों की चौकड़ी के साथ चतुर लेग स्पिनर राशिद खान (19 विकेट) के खिलाफ चौकस रहना होगा। वैभच सूर्यवंशी ने जिस तरह राशिद खान को क्वॉलिफायर 2 में जिस तरह निशाना बनाया उससे प्रेरणा लेकर आरसीबी के बल्लेबाज उनकी धुनाई का मौका नहीं चूकेंगे।

गुजरात टाइटंस की बल्लेबाजी शुरू के 16 मैचों एक शतक और आठ अर्द्बशतक जड़ने वाले साई सुदर्शन(710 रन) उनके सलामी जोड़ीदार उसके लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले एक शतक और छह अर्द्धशतक जड़ने वाले कप्तान शुभमन गिल (722 रन) के साथ चार अर्द्धशतक जड़ने वाले जोस बटलर (507 रन) और दो अर्द्धशतक जड़ने वाली वाशिंगटन सुंदर (327 पर निर्भर है। फिनिशर कहे जाने वाले इस सीजन में मात्र एक अर्द्बशतक जड़ने वाले राहुल तेवतिया (15 मैच, 183रन) और निशांत सिंधू(7 मैच, 43 रन) का रनों के लिए जूझना गुजरात टाइटंस को अखर रहा है। आरसीबी के चतुर शुरू के 15 मैचों के सबसे कामयाब चतुर स्विंग गेंदबाज भुवनेश्वर (26 विकेट), जैकब डफी (5 मैच, 9 विकेट) रसिक सलाम शेख(11 मैच, 16 विकेट), जोश हेजलवुड (12 मैच, 13 विकेट) जैसे तेज गेंदबाजों की माहिर चौकड़ी में शुरू में ही शुभमन, साई सुदर्शन और जोश बटलर को आउट कर उसकी पारी को बिखेरने का दम है। बीच के ओवरों में आरसीबी के बाएं हाथ के स्पिनर क्रुणाल पांडया (13 विकेट), लेग स्पिन सुयश शर्मा (12 मैच , 9 विकेट) में रनों पर लगाम लगाने के साथ विकेट चटकाने का कौशल भी है।

अब बस फाइनल में एक और शानदार प्रदर्शन करना बाकी : शुभमन गिल
गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल ने कहा, ‘ टॉस को लेकर असमंजस रहा पर खुश हूं कि हम राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अहम क्वॉलिफायर 2 जीतने में कामयाब रहे। अब बस फाइनल में खेलने उतर एक और शानदार प्रदर्शन करना बाकी है। अपने घर में आरसीबी के खिलाफ फाइनल के लिए जल्दी ही तैयारी करनी होगी।अब अहमदाबाद के मैदान का जायजा लेकर फिर फाइनल के लिए उसी के मुताबिक रणनीति बनाएंगे। जहां तक मेरी अपने सलामी जोड़ीदार साई सुदर्शन के साथ शतकीय भागीदारी की बात है तो हम दोनों की जुगलबंदी बहुत बढ़िया और हम दोनों एक दूसरे के खेल को खूब समझते हैं। बल्लेबाजी करते वक्त क्रीज पर हम दोनों के बीच संवाद बहुत बढ़िया था। हमारी रणनीति यह थी कि हममें एक राजस्थान के किसी एक गेंदबाज को निशाना बनाएगा और हम दोनों इस बात को बखूबी समझते हैं कि हमें किस गेंदबाज को निशाना बनाना है। जहां तक साई सुदर्शन के लगातार दूसरे मैच में हिट विकेट आउट होने की बात है तो मुझे नहीं लगता कभी किसी एक बल्लेबाज को लगातार दो बार हिट विकेट आउट होते किसी ने देखा हो। मैंने फील्डरों के बीच से गेंद को निकालने की कोशिश की और गेंदबाज को देखकर अपने स्ट्रोक खेलने की कोशिश की। जब आप बढ़िया बल्लेबाजी कर रहे हो जो ऐसा ही होता है कि आप फील्डरों के बीच की दरारों के भांपकर बल्ले के बीच से गेंद को खेलते हैं। हमने एक समय यह सोचा कि हम राजस्थउन को 180-190 रन के बीच रोक लेंगे लेकिन उन्होंने 219 रन बना। इस बड़े लक्ष्य को लांघने के लिए हमारे लिए बढ़िया आगाज जरूरी था। मैं अपनी टीम को जिता कर ही मैदान से लौटना चाहता था लेकिन उससे पहले आउट हो गया। जहां तक साई किशोर से एक भी ओवर न कराने की बात है तो जब आपके पास गेंदबाजी के लिए छह-सात विकल्प होते हैं तो ऐसा होता है।
रविवार (फाइनल ): आरसीबी वि गुजरात टाइटंस( अहमदाबाद, शाम साढ़े सात बजे से)।