‘कैसे सोशल मीडिया ने हमारी जिंदगी बदल दी’

'How Social Media Changed Our Lives'

दिलीप कुमार पाठक

आज सुबह सोकर उठते ही आपने सबसे पहले क्या किया? पक्का तकिए के नीचे से फोन निकाला होगा और वॉट्सऐप या इंस्टाग्राम के मैसेज देखे होंगे. सच तो यही है कि आज सोशल मीडिया हमारे फोन का कोई छोटा-मोटा ऐप नहीं रह गया है. यह तो हमारी सुबह की चाय की तरह जिंदगी का एक जरूरी हिस्सा बन चुका है. हर साल 30 जून को जो ‘सोशल मीडिया दिवस’ मनाया जाता है, वह हमें इसी बदलाव की याद दिलाता है. यह दिन हमें महसूस कराता है कि कैसे इस डिजिटल दुनिया ने हमारे जीने के तरीके को बहुत आसान, मजेदार और खुशहाल बना दिया है.

सबसे अच्छी बात यह हुई है कि अब कोई हमसे दूर नहीं रहा. याद करिए वो पुराना जमाना जब घर से दूर गए बच्चों की आवाज सुनने के लिए मां-बाप हफ्तों चिट्ठी का इंतजार करते थे. आज सोशल मीडिया ने कमाल ही कर दिया है. विदेश में बैठा दोस्त या रिश्तेदार बस एक टच की दूरी पर है. जब मन किया, वीडियो कॉल ऑन की और आमने-सामने बैठकर सुख-दुख बांट लिया. अब तो ऐसा लगता ही नहीं कि कोई हमसे दूर है. इसने बचपन के बिछड़े दोस्तों और रिश्तेदारों को फिर से आपस में जोड़ दिया है. इस प्लेटफॉर्म ने हर आम इंसान को एक बड़ा मंच और नई पहचान दी है. पहले अपनी कला दिखाने के लिए बड़े शहरों में जाना पड़ता था या टीवी पर आने का इंतजार करना पड़ता था. आज ऐसा बिल्कुल नहीं है. किसी छोटे से गांव का रहने वाला लड़का अपने डांस का वीडियो डालकर रातों-रात मशहूर हो जाता है. घर संभालने वाली महिलाएं अपनी रसोई का जादू दिखाकर लाखों लोगों का दिल जीत रही हैं. यह दुनिया किसी की सिफारिश नहीं मांगती, यहाँ सिर्फ आपके हुनर और आपकी मेहनत की कद्र होती है. मुश्किल समय में तो यह डिजिटल दुनिया एक सच्चे मददगार की तरह सामने आती है. जब भी कहीं कोई परेशानी आती है, जैसे बाढ़, भूकंप या कोई बीमारी, सोशल मीडिया सबसे पहले मदद के लिए खड़ा मिलता है. किसी को खून की जरूरत हो, किसी गरीब बच्चे की पढ़ाई के लिए पैसे जुटाने हों, या किसी बुजुर्ग की मदद करनी हो—बस एक पोस्ट शेयर करने की देर होती है, हजारों लोग मदद के लिए हाथ आगे बढ़ा देते हैं. इसने हम इंसानों को आपस में बहुत मजबूती से जोड़ दिया है.काम-धंधे और रोजगार के मामले में भी इसने सब कुछ बदल दिया है. अब नया बिजनेस शुरू करने के लिए बड़ी दुकान या बहुत सारे पैसों की जरूरत नहीं है. आप घर बैठे अपने हाथ से बनी चीजें, जैसे अचार, कपड़े या सजावट का सामान इंस्टाग्राम या फेसबुक पर दिखाकर बेच सकते हैं.

दूर-दूर से ग्राहक खुद आपके पास आते हैं. आज के लाखों युवा सिर्फ अपने मोबाइल और सूझबूझ के दम पर अच्छे पैसे कमा रहे हैं और आत्मनिर्भर बन रहे हैं. इसके साथ ही यह सीखने और सिखाने का सबसे बड़ा स्कूल भी बन गया है. आपको नई भाषा सीखनी हो, गिटार बजाना हो या पढ़ाई करनी हो—सब कुछ यहाँ बिल्कुल मुफ्त में मिल जाता है. दुनिया भर के अच्छे टीचर्स और जानकार लोग वीडियो के जरिए अपनी बातें सिखाते हैं. अब पढ़ाई या कुछ नया सीखने पर सिर्फ बड़े लोगों का हक नहीं रह गया है, बल्कि एक छोटे से फोन की मदद से हर बच्चा नई-नई चीजें बहुत आसानी से सीख पा रहा है. सच कहें तो सोशल मीडिया हमारी जिंदगी में एक नई रोशनी लेकर आया है. इसने हमारी दुनिया को बदल कर रख दिया है। बस हमें इसका इस्तेमाल सही तरीके से और दूसरों के चेहरों पर खुशी लाने के लिए करना चाहिए. आइए, इस सोशल मीडिया दिवस पर हम सब मिलकर यह सोचें कि इस डिजिटल दुनिया में हमेशा प्यार, अच्छी बातें और सकारात्मकता फैलाएंगे ताकि यह माहौल और भी खूबसूरत बन सके.