- भारत को शैफाली और जेमिमा से बड़ी पारियों की आस
- भारत का असल इम्तिहान द.अफ्रीका व ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ
सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : उपकप्तान ओपनर स्मृति मंधाना के अर्द्धशतक और गेंद से ऑफ स्पिन ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा के गेंद के ‘पंजे’ से पाकिस्तान पर पहले मैच में 64 रन से जीत के बाद भारत अब नीदरलैंड को भी बुधवार को लीडस में आईसीसी महिला टी 20 क्रिकेट विश्व कप के ग्रुप 1 मैच में हरा अपनी जीत का सिलसिला बढ़ाने उतरेगा। पाकिस्तान के खिलाफ पहले मैच बर्मिंघम में आसान जीत के बावजूद वहां नाकाम रही अपनी ओपनर शैफाली वर्मा(6), जेमिमा रॉड्रिग्ज (1) और भारती फूलमाली (1) से बेशक नीदरलैंड के खिलाफ बुधवार को बड़ी पारी की करेगा। कप्तान बबिते डी लीडस के अर्द्धशतक के बावजूद नीदरलैंड की टीम अपने पहले मैच में बांग्लादेश से बर्मिंघम में छह विकेट से हार गई थी। भारत और नीदरलैड पहली बार महिला टी 20 विश्व कप में आमने होंगे। 2025 की आईसीसी महिला वन डे क्रिकेट विश्व कप चैंपियन भारत के सामने नीदरलैंड हर लिहाज से कमजोर आ रही है। भारत और नीदरलैंड की महिला टीमें पहली बार टी 20 महिला क्रिकेट विश्व कप में आमने सामने होंगी। नीदरलैंड के लिए बुधवार को भारत को जीत से रोकना खासा मुश्किल लगता है।
2025 में अपने घर में भारत कोपहली बार आईसीसी वन डे विश्व कप जिताने के बाद अपना लगातार दसवां महिला टी 20 विश्व कप खेल रही हरमनप्रीत कौर बेशक अपनी कप्तानी में भारत को दसवें संस्करण में खिताब जिता कर अपना बल्ला टांगना चाहेंगी। पाकिस्तान पर जीत के बाद दरअसल भारत के लिए नीदरलैंड और बांग्लादेश के खिलाफ मैच उसके पिछली दो बार की उपविजेता दक्षिण अफ्रीका और सबसे ज्यादा छह बार टी 20 विश्व कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अहम मैचों से जरूरी अभ्यास से ज्यादा नहीं है। भारत को ग्रुप 1 में शीर्ष दो में रहकर सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए दक्षिण अफ्रीका से 21 जून को मैनचेस्टर और 28 जून को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लाडर्स में अपने ग्रुप 1 में से कोई एक मैच जीतना जरूरी है। भारत इसीलिए नीदरलैंड और बांग्लादेश के खिलाफ ग्रुप 1 मैचों से कहीं ज्यादा अपना ध्यान दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया मैचों पर है।
भारत की ओपनिंग बैटर शैफाली वर्मा जिस आक्रामक अंदाज में खेलती हैं उसमें भले ही जोखिम रहता है लेकिन वह जिस दिन चलती हैं वह अकेले ही दम मैच जिता देती है। महिला वन डे क्रिकेट विश्व कप के अधबीच अचानक ही मौका पाने को भुनाते हुए शैफाली वर्मा ने बल्ले के साथ गेंद से भी कमाल दिखा कर भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फाइनल जिता पहली बार चैंपियन बनाने मे अहम भूमिका निभाई थी। भारत बुधवार को बेशक भारती फूलमाली की जगह इंग्लैंड के खिलाफ तीन टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों की सीरीज में भारत की 1-2 से हार के बावजूद एक अर्द्धशतक सहित सबसे ज्यादा कुल 119 रन बनाने वाली यस्तिका भाटिया रन बनाने में शीर्ष पर रही थी।
भारत भारती फूलमाली की जगह नीदरलैंड के खिलाफ एकादश में शामिल करने की सोच सकता है। बेशक भारत के पास बाएं हाथ की स्पिन ऑलराउंडर के रूप में राधा यादव हैं लेकिन क्या उन्हें ऑफ स्पिनर ऑलराउंडर श्रेयंका पाटील की जगह एकादश में शामिलकरेगा। भारत ने जिस तरह पाकिस्तान के खिलाफ जीत से आगाज किया उसके मद्देनजर जीतने वाली अपनी एकादश में फूलमाली को छोड़ कर नीदरलैंड के खिलाफ किसी बदलाव की गुंजाइश किसी खिलाड़ी के चोटिल अथवा अस्वस्थ होने को छोड़ कर करने की संभावना कम ही नजर आती है।
भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ पहले मैच में शैफाली वर्मा (6) और जेमिमा रॉड्र्रिग्ज (1) के रूप में दो विकेट मात्र 18 रन पर खो दिए 28 लेकिन मंधाना और कप्तान हरमनप्रीत कौर (36) की तीसरे विकेट की 91 रन की भागीदारी के बाद 14 रन के भीतर तीन विकेट और गंवाए लेकिन ऋचा घोष की मात्र 17 गेंदों में एक छक्के और पांच चौकों की मदद से 34 रन की तेज पारी से छह विकेट से 170 का मजबूत स्कोर बनाने बनाने में सफल रहा। दीप्ति शर्मा (5/10), बाएं हाथ की स्पिनर श्रीचारिणी (3/21) व शैफाली वर्मा (1/22) ने आपस में नौ विकेट बांट कर पाकिस्तान को 106 पर ढेर कर भारत को आसान जीत दिलाई थी
ऋचा घोष टीम में अपनी भूमिका निभा रही हैं : हरमनप्रीत कौर
भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा,‘ स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा ने जरूरत के वक्त हमेशा अनुकरणीय खेल दिखा भारत को संकट से उबारा है। बर्मिंघम में पाकिस्तान के खिलाफ मैच में पिच बल्लेबाजी के लिए खासी बढ़िया थी। हमें शुरु में दो विकेट गंवा कर खुद पर दबाव डाल दिया। स्मृति के साथ बल्लेबाजी पर नियंत्रण बनाने की कोशिश की। जहां तक ऋचा घोष को पहले बल्लेबाजी के लिए भेजने की बात है तो मेरे बस में होता तो मैं उन्हें शुरू में भेज देती लेकिन टीम में उन्हें जो भूमिका निभानी है वह निभा रही हैं। क्रिकेट में आप कैच लपकते हैं तो मैच जीतते हैं। फील्डिंग करते हुए ऐसा ही होता है। मैं कुल मिला कर अपनी टीम की फील्डिंग से खुश हूं। जहां तक हर लीग मैच की बात है तो इसमें नेट रन रेट अहम है लेकिन हमने इसके साथ कदमताल कर चले।’
मैं हमेशा खुद पर भरोसा करती हूं: दीप्ति शर्मा
भारत की ऑलराउंडर पाकिस्तान के वूमैन ऑफ द’ मैच रही दीप्ति शर्मा ने कहा,‘ मुझे इस तरह पिचें पसंद हैं । मुझे आईसीसी टूर्नामेंट पसंद है। इसीलिए मैंने हर गेंद और हर ओवर में पर अपनी गति में बदलाव किया। पिच पर गेंद घूम रही थी और मैंने इस पर धीमी गेंद करने की सोची और इससे मुझ मदद मिली। मैं पाकिस्तान पर जीत में स्मृति और हैरी दी की भागीदारी का खासतौर पर उल्लेख करना चाहूंगी और इस भागीदारी ने मैच का रुख ही पलट दिया। मैं हमेशा खुद पर भरोसा करती हूं। जब भी सही वक्त आएगा मैं अपने खेल का स्तर उंचा उठाउंगी।
लीडस: भारत वि नीदरलैंड (शाम सात बजे से)।





