सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : दिग्गज यूरोपीय चैंपियन स्पेन को पहली बार फीफा विश्व कप फुटबॉल 2026 में शिरकत कर रहे काबो वर्डे ने ग्रुप एच के मैच में मंगलवार को अटलांटा में गोलरहित बराबरी पर रोक अपनी छाप छोड़ नया इतिहास रच दिया। मात्र पांच लाख लोगों के देश काबो वर्डे ने लुइस द ला फ्यूनेट जैसे धुरंधर कोच के मार्गदर्शन में उतरने वाली स्पेन जैसी दुनिया की नामचीन को अपने मजबूत किलेबंदी की बदौलत ड्रॉ पर मजबूर किया। काबो वर्डे ने विश्व कप फुटबॉल क्वॉलिफिकेशन के सफर में दस क्वॉलिफायर मैचों में सात में एक भी गोल नहीं खाया। काबो वर्डे के विश्व कप फुटबॉल के लिए क्वॉलिफाई करने का सबब उनकी मजबूत रक्षापंक्ति है।
फेरन टोरेस और माइकल ओयरजबल जैसे तेज तर्रार स्ट्राइकरों से सज्जित स्पेन के खिलाफ भी काबो वर्डे की रक्षापंक्ति ने एक बार फिर अपना जीवट दिखा उसे गोल नहीं करने दिया। काबो वर्डेकी टीम ने अपने कोच बुबिस्ता की उस हसरत को पूरा कर दिया कि ‘मैं चाहता हूं हर कोई हमारे देश, हमारी टीम को देखे’। दुनिया ने काबो वर्डेके रूप में एक ऐसी टीम देखी जिसने स्पेन जैसी दिग्गज टीम को गोलरहित बराबरी पर रोक एक अंक हासिल करने के लिए गजब का जीवट, अनुशासन,संयम और गजब का एका दिखाया। काबो वर्डे की टीम रक्षण से लेकर आक्रमण तक में बहुत संगठित दिखी। बेशक उम्मीदों के मुताबिक गेंद पर स्पेन का कब्जा ज्यादा रहा लेकिन काबो वर्डेने मैच में बड़े जीवट से अपने किले की चौकसी कर उसके सभी हमलों को नाकाम कर गोल करने की हसरत पर पानी फेर परेशान कर दिया। काबो वर्डे के 40 बरस के गोलरक्षक वाजिन्हा और सेंटर बैक पिको लोपेज के साथ डिनो बोर्जेज ,स्टीवन मोरेरा और सिडनी लोपेज ने रक्षापंक्ति की ऐसी मजबूत दीवार बनाई की जिसे स्पेन के स्ट्राइकर तोड़ नहीं पाए।
स्पेन के स्ट्राइकर फेरन टोरेज ने मार्क कुकरेला द्वारा बढ़ाई पर पहले हाफ में काबो वर्डे के पेनल्टी बॉक्स में पहुंच कर तेज शॉट जमाया लेकिन गेंद गोल की बल्ली को लगकर वापसी लौटती लेकिन माइकल ओयरजबल ने फिर सिर से गेंद को बॉक्स के भीतर गोल में डालने की कोशिश लेकिन काबो वर्डे के 40 बरस के गोलरक्षक वोजिन्हा ने गजब की फुर्ती दिखाते हुए गेंद को अपने कब्जे में ले अपनी टीम को गोल खाने से बचा लिया। काबो वर्डे के गोलरक्षक वाजिन्हा ने हाफ टाइम से ठीक पहले आगे बढ़ बॉक्स में पहुंचे स्पेन के सेंटर बैक आयमरिक लार्पोटे के सिर से गेंद को गोल में डालने की कोशिश नाकाम कर दिया। मिडफील्डर फैबियन रुइज ने दूसरे हाफ में लंबे दूरी से तेज शॉट लगाया लेकिन काबो वर्डे की मजबूत रक्षापंक्ति ने इसे रोक स्पेन को एक बार फिर बढ़त लेने से रोक दिया। स्पेन के कोच लुइस द ला फ्यूनेट ने किशोर स्ट्राइकर लमाइन यमाल को उतारा और इससे एकदम ही मैच का तस्वीर बदलती लगी। स्पेन के हमलों में अचानक से धार दिखने लगी लेकिन काबो वर्दे की मजबूत रक्षापंक्ति एक बार कसौटी पर खरी उतरी और उन्हें भी गोल नहीं करने दिया। मैच खत्म होने से ठीक पहले स्पेन के माइकल ओयरजबल को गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाने का मौका लेकिन वह चूक गए ओरकाबो वर्डेमैच ड्रॉ कराने में कामयाब रहा
हमें अपने खेल बेहतर करने और लय पाने की जरूरत : फ्यूनेट
स्पेन के चीफ कोच लुइस द ला फ्यूनेट ने काबो वर्डे के खिलाफ मैच गोलरहित रहने पर कहा,‘ हमें काबो वर्दे के खिलाफ मैच बेशक जीतना चाहिए था इस मैच में सब कुछ हुआ। हमने गोल के कई बढ़िया मौके लेकिन हमारी फिनिशिंग सटीक नहीं रही। हमें अपने खेल बेहतर करने और लय पाने की जरूरत है और अगले मैचों के लिए यही हमारा लक्ष्य है। काबो वर्दे की टीम शारीरिक रूप से बहुत मजबूत थी। हमें मालूम था कि वे अपने मजबूत खिलाड़ियों के साथ हमें आगे बढ़ने का मौका नहीं देंगे। फुटबा़ल ऐसा खेल है , जिसमें कभी कभी कोई कमजोर प्रतिद्वंद्वी नहीं होता । हम सकारात्मक सोच के साथ अब आगे के मैच में बेहतर करने को बेताब हैं।‘





