मार्टीनेली के आखिरी क्षणों के गोल से ब्राजील अंतिम 16 में

Martinelli's last-minute goal sends Brazil into the last 16

ब्राजील ने जापान को अंतिम 32 में दी 2-1 से शिकस्त

सत्येन्द्र पाल सिंह

नई दिल्ली : गैब्रियल मार्टीनेली के आखिरी क्षणों में दागे गोल की बदौलत पांच बार के चैंपियन ब्राजील ने जापान को हयुस्टन स्टेडियम में मंगलवार तड़के फीफा विश्व कप फुटबॉल 2026 के अंतिम 32 मैच में बेहद रोमांचक और कड़े मुकाबले में 2-1 से हरा दिया। काइशिू सानो ने पहले हाफ में चौंकाते हुए गोल कर जापान को बढ़त दिलाई। मिडफील्डर कासीमिरो ने दूसरे हाफ में गोल कर ब्राजील को एक एक की बराबरी दिला दी थी। ब्राजील अब अंतिम 16 में पांच जुलाई को न्यूजर्सी स्टेडियम ,न्यूयॉर्क में आइवरी कोस्ट और नॉर्वे के बीच अंतिम 32 के विजेता से भिड़ेगा।

अपने नियोजित हमलों और मजबूत किलेबंदी के लिए ख्यात जापान के खिलाफ ब्राजील ने एकदम साफ सोच और पूरे दिलोजान से खेल कर पिछड़ने के बाद आखिरी क्षणों में धैर्य दिखाकर यह जीत हासिल की। काइशिू सानो ने मैच के बाएं से आगे बढ़ते हुए मैच के 29 वें मिनट मे ब्राजीली रक्षापंक्ति की दरार का लाभ उठा दाएं पैर से दनदनाता शॉट जमा गोल कर जापान का खाता खोला। कासीमिरो ने दसरे हाफ के 11 वें मिनट में गैब्रियल मैगालहाइज द्वारा उछाली गेंद को सिर से गोल में डाल कर ब्राजील को एक एक की बराबरी दिला दी। विनिशियस जूनियर अगले ही मिनट बॉक्स के भीतर पहुंच तेज शॉट लगाया, लेकिन जापान के गोलरक्षक जियोन सुजूकी ने गेंद को अपने गोल के उपर से बाहर कर ब्राजील को अपनी बढ़त बनाने से रोक दिया। भले ही ब्राजील को विनिशियस जूनियर के इस बढ़िया प्रयास से जीत की आहट जरूर सुनाई देने लगी थी। खेल खत्म से कुछ ही क्षण पहले इंजुरी टाइम में ब्रूनो गुइमारेज द्वारा बॉक्स के भीतर बढ़ाई गेंद को मार्टीनेली ने संभाल जापान के गोलरक्षक जियोन सुजूकी को छका गोल कर ब्राजील को 2-1 से जीत दिला कर अंतिम 16 में पहुंचा दिया। गैब्रियल मार्टीनेली का यह ब्राजील के पांचवां अंतर्राष्ट्रीय और अमेरिका में किया तीसरा गोल था।

हमारे पास बहुत विकल्प थे, हमने धैर्य नहीं खोया: एंसिलोटी
जापान पर अपनी टीम की जीत पर ब्राजील के कोच कार्लो एंसिलोटी ने कहा, ‘ हमारे पास जापान के खिलाफ मैदान और बाहर बेंच पर बहुत विकल्प थे। हमने धैर्य नहीं खोया। जापान आसान प्रतिद्वंद्वी नहीं था। जापान की टीम बहुत ही शिद्दत और इकाई के रूप में खेलती है। मैंने नेमार को अतिरिक्त समय के लिए बचा कर रखा था। हमने यदि आखिरी क्षणों में दूसरा गोल कर मैच नहीं जीता होता तो तब नेमार 105वें मिनट में मैदान पर उतरने वाले थे। हमारी टीम बढ़िया खेल रही है और इसीलिए मैं इसका स्ट्रक्चर नहीं बदलना चाहता।’

जापान पर इस जीत को बयां करने के लिए शब्द नहीं: मार्टीनेली
ब्राजील के लिए आखिरी क्षणों में विजयदाई गोल करने वाले गैब्रियल मार्टीनेली ने कहा,‘ अपनी टीम की जापान पर इस जीत को बयां करने के लिए मेरे दिल में शब्द नहीं हैं। हमारी इस जीत पर मेरे माता पिता और सभी प्रशंसक जिस तरह खड़े थे मैं इसे बयां नहीं कर सकता। मेरे एक शॉट पर जब गेंद एक बार गोलस्तंभ की बल्ली को टकरा कर वापस लौटी तो मैं जानता था कि मुझे गोल करने का एक और मौका मिलेगा। मैं बस इस बात से खुश हूं कि मैं गोल कर अपनी ब्राजील की टीम को जिताने में कामयाब रहा, फिर इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं चाहे बाएं खेलूं या बीच में। सबसे अहम है अपनी ब्राजील टीम की मदद करना।’

हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारी जेहनी सोच: कासीमिरो
ब्राजील के लिए पहला गोल करने वाले कासीमिरो ने कहा,‘ हमारी टीम की सबसे बड़ी ताकत हमारी जेहनी सोच है। विश्व कप में बदलू खिलाड़ी के रूप में मैदान पर उतरने वाली खिलाड़ियों की अहमियत समझना जरूरी है। बदलू खिलाड़ी के रूप में मैदान पर उतर एंड्रिक बहुत बढ़िया खेले। मार्टिनेली एक और बेहतरीन खिलाड़ी हैं। रेयन का राफिन्हा की जगह बदलू खिलाड़ी के रूप में मैदान पर उतरना भी बढ़िया रहा। यही जज्बा चाहिए और यही हमारी वह टीम है जो विश्व कप जीत सकती है। ’

हार से टूट गया हूं, पर मैं नतीजे को स्वीकार करता हूं: मोरीयासू
जापान के कोच हाजिम मोरीयासू ने कहा,‘ मैं बहुत निराशा हूं कि हमें अंतिम 32 में ब्राजील से हार कर विश्व कप से बाहर होना पड़ रहा है। बावजूद इसके में यह कहूंगा कि हमारे खिलाड़ी यहां तक पहुंचने के अपने सफर की तरह इस मैच में पूरी शिद्दत से खेले। अपना सब कुछ झोंकने के बावजूद बेशक ब्राजील से इस हार से मैं टूट गया हूं लेकिन मैं इस नतीजे को स्वीकार करता हूं। हम इस हार को आगे और मजबूत बनने के लिए इस्तेमाल करेंगे।’