इंद्र वशिष्ठ
सीबीआई ने नीट- यूजी 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में मुख्य आरोपी/ सरगना को गिरफ्तार कर लिया है।
सीबीआई को जांच में पता चला कि केमिस्ट्री के लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी, एनटीए की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में शामिल थे। उनके पास प्रश्नपत्रों तक पहुंच थी।
अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में, उन्होंने एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे की मदद से छात्रों को संगठित किया और पुणे स्थित अपने आवास पर इन छात्रों के लिए विशेष कोचिंग कक्षाएं आयोजित कीं। इन विशेष कोचिंग कक्षाओं के दौरान उन्होंने प्रश्न, विकल्प और सही उत्तर लिखवाए। छात्रों ने इन प्रश्नों को अपनी नोटबुक में हाथ से लिखा और ये प्रश्नपत्र 3 मई को आयोजित नीट परीक्षा के वास्तविक प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खाते हैं। गहन पूछताछ के बाद मूल रूप से लातूर निवासी पी.वी. कुलकर्णी को शुक्रवार को पुणे से गिरफ्तार किया गया। कुलकर्णी लातूर के दयानंद कॉलेज के रिटायर्ड लेक्चर है। सीबीआई ने इस मामले में13 मई को जयपुर के जमवारामगढ़ निवासी मांगीलाल बिवाल उनके बेटों विकास और दिनेश बिवाल, गुरुग्राम के यश यादव और नासिक के शुभम खेरनार को गिरफ्तार किया। 14 मई को अहिल्या नगर के धनजंय लोखंडा और पुणे की मनीषा वाघमारे को गिरफ्तार किया।
सीबीआई ने देश भर में कई स्थानों पर चलाए तलाशी अभियान के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
सीबीआई की विशेष टीमों द्वारा जांच जारी है और अब तक की जांच में केमिस्ट्री के प्रश्नपत्र लीक होने के वास्तविक स्रोत के साथ-साथ उन बिचौलियों का भी पता चला है जो उन छात्रों को जुटाने में शामिल थे जिन्होंने इन प्रश्नपत्रों को पढ़ाने/चर्चा करने के लिए विशेष कोचिंग कक्षाओं में लाखों रुपये का भुगतान किया था।





