प्रगतिशील किसान डॉक्टर राजाराम त्रिपाठी किसानों की आवाज़ लेकर पहुंचेंगे पोलैंड, छत्तीसगढ़ के बस्तर से यूरोप तक गूंजेंगी आवाज़

Progressive farmer Dr. Rajaram Tripathi will travel to Poland to represent the voice of farmers; the voice from Bastar, Chhattisgarh, will resonate across Europe

रविवार दिल्ली नेटवर्क

  • डॉक्टर राजाराम त्रिपाठी के रूप में पोलैंड में गूंजेगी भारतीय कृषि की बुलंद आवाज़, “एग्री नॉलेज एक्सचेंज टूर”, “अंतरराष्ट्रीय एयर शो” एवं ‘कृषि-सम्मेलन’ में करेंगे सहभागिता
  • पोलैंड की प्रतिष्ठित नोबल विंग्स अकादमी ने डॉक्टर राजाराम त्रिपाठी को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया
  • “एग्री नॉलेज एक्सचेंज टूर” के अंतर्गत किसानों, वैज्ञानिकों, कृषि उद्यमियों एवं नीति विशेषज्ञों से होगा संवाद
  • अंतरराष्ट्रीय एयर शो एवं एविएशन कॉन्फ्रेंस में कृषि हेलीकॉप्टर, प्रिसिजन फार्मिंग एवं आधुनिक कृषि तकनीकों पर करेंगे विचार-विमर्श
  • भारत और पोलैंड के बीच कृषि, जैविक खेती, अनुसंधान एवं किसान सहयोग के नए अवसरों पर होगा मंथन

दिल्ली : छत्तीसगढ़ के बस्तर जनपद के कोंडागांव के निवासी भारत के सुप्रसिद्ध कृषिविद्, जैविक कृषि विशेषज्ञ, पर्यावरण चिंतक, साहित्यकार तथा अखिल भारतीय किसान महासंघ के राष्ट्रीय संयोजक डॉक्टर राजाराम त्रिपाठी को पोलैंड की प्रतिष्ठित संस्था “नोबल विंग्स अकादमी” द्वारा विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। डॉक्टर राजाराम त्रिपाठी आगामी दिनों में पोलैंड की महत्वपूर्ण यात्रा पर जाएंगे, जहां वे “एग्री नॉलेज एक्सचेंज टूर” के अंतर्गत विभिन्न कृषि एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। नोबल विंग्स अकादमी द्वारा जारी आधिकारिक आमंत्रण पत्र में डॉक्टर राजाराम त्रिपाठी के किसानों के सशक्तिकरण, टिकाऊ कृषि, जैविक खेती, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास तथा कृषि नवाचारों में उनके बहुआयामी योगदान की सराहना करते हुए उन्हें पोलैंड आमंत्रित किया गया है।

पोलैंड प्रवास के दौरान डॉक्टर राजाराम त्रिपाठी वहां के किसानों, कृषि सहकारी संस्थाओं, कृषि वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, एग्रीबिजनेस उद्यमियों तथा नीति निर्माताओं के साथ संवाद करेंगे। इस दौरान आधुनिक कृषि प्रणालियों, सतत कृषि मॉडल, लागत प्रभावी खेती, प्रिसिजन फार्मिंग, जैविक कृषि, कृषि विपणन तथा भारत और पोलैंड के बीच कृषि सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा होगी।

यात्रा का एक प्रमुख आकर्षण अंतरराष्ट्रीय एयर शो एवं एविएशन कॉन्फ्रेंस में उनकी सहभागिता भी होगी। इस अवसर पर कृषि क्षेत्र में हेलीकॉप्टर एवं विमानन तकनीकों के उपयोग, फसल निगरानी, हवाई सर्वेक्षण, सटीक कृषि प्रबंधन तथा कृषि कार्यों में आधुनिक एरियल टेक्नोलॉजी की भूमिका पर विचार-विमर्श किया जाएगा। डॉ. त्रिपाठी भारतीय किसानों के अनुभवों, नवाचारों तथा भारत में विकसित सफल कृषि मॉडलों को भी वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेंगे।

विशेष रूप से डॉक्टर राजाराम त्रिपाठी पोलैंड के कृषि समुदाय के साथ प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर वहां अपनाई जा रही आधुनिक खेती प्रणालियों का अध्ययन करेंगे तथा भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप उपयोगी तकनीकों एवं अनुभवों को देश के किसानों तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। वहीं वे भारतीय कृषि, विशेषकर जैविक खेती, आदिवासी क्षेत्रों में विकसित नवाचारों तथा छोटे किसानों के सफल मॉडलों से पोलैंड के कृषि समुदाय को भी अवगत कराएंगे।

इस अवसर पर डॉक्टर राजाराम त्रिपाठी ने कहा कि यह यात्रा केवल एक व्यक्ति की यात्रा नहीं है, बल्कि भारतीय किसानों, विशेषकर छोटे, सीमांत एवं आदिवासी किसानों के अनुभवों, संघर्षों और सफलताओं को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का अवसर है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस ज्ञान विनिमय यात्रा से भारत और पोलैंड के बीच कृषि अनुसंधान, तकनीकी सहयोग, किसान आदान-प्रदान तथा कृषि व्यापार के नए आयाम विकसित होंगे।

उल्लेखनीय है कि डॉक्टर राजाराम त्रिपाठी देश के अग्रणी कृषिनायकों में गिने जाते हैं। वे “माँ दंतेश्वरी हर्बल समूह” के संस्थापक, जैविक खेती एवं औषधीय पौधों के क्षेत्र में नवाचारों के प्रणेता, पर्यावरण संरक्षण के सशक्त पक्षधर तथा आदिवासी समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता हैं। कृषि, पर्यावरण, ग्रामीण विकास और साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि पोलैंड की यह यात्रा भारतीय कृषि की वैश्विक पहचान को और सशक्त करेगी तथा भारत और यूरोप के बीच कृषि ज्ञान, तकनीक और नवाचारों के आदान-प्रदान की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी।