सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : अलेक्स बाइना के पहला हाफ खत्म होने से तीन पहले दागे इकलौते गोल से स्पेन ने उरुग्वे को गुआडलजरा स्टेडियम मैक्सिको में शुक्रवार सुबह 1-0से हरा कर फीफा विश्व कप फुटबॉल 2026 में ग्रुप एच में शीर्ष स्थान पाया। स्पेन के खिलाड़ियों को परस्पर पास दे गेंद को अपने कब्जे में रखने के खेल के सामने उरुग्वे की टीम टिक नहीं पाई। यूरोपीय दिग्गज टीम स्पेन अंतिम 32 में ग्रुप जे के उपविजेता से 2 जुलाई को भिड़ेगी। उरुग्वे ने निराशाजनक ढंग से अपना अभियान खत्म किया। स्पेन ने दो जीत और एक ड्रॉ के साथ सात अंक पाए। स्पेन की विश्व कप फुटबॉल में उरुग्वे पर यह पहली जीत थी जबकि दोनों टीमों ने इससे अपने दोनों मैच ड्रॉ खेले थे।
उरुग्वे ने अपने गोलरक्षक फर्नांडो मुसेलरा को उनकी पहले हाफ की उस गलती जिस बाइना ने स्पेन के लिए गोल दागा कोच मार्सेलो बियाला ने हाफ टाइम के बाद बदला। स्पेन की टीम उरुग्वे के खिलाफ मैच में हावी रही । बाएं छोर से दौड़ते हुए बाइना ने मार्कोज लोरेंटे के क्रॉस को हाफ टाइम से पहले बॉक्स में संभाल दनादनाता शॉट जमाया इसे उरुग्वे के गोलरक्षक मुसलेरा रोक नहीं पाई और गेंद गोल में चली गई और स्पेन ने 1-0 की बढ़त ले ली। स्पेन के खिलाड़ियों के आपस में बेहतरीन पास से एक दूसरे को गेंद बढ़ाने वाले खेल के सामने उरुग्वे की टीम टिक नहीं पाए। फैरन टोरेज को खेल खत्म होने से ठीक पहले गोल कर अपनी टीम को 2-0 से आगे करने का मौका मिला लेकिन उनका शॉट गोलस्तंभ की बल्ली को टकरा कर बाहर निकल गई।
अभी रास्ता लंबा है: फ्यूंटे
स्पेन के कोच लुइस डे ला फ्यूंटे ने कहा,‘ हमारी स्पेन की यह टीम उत्कृष्ट है। हमारी टीम गजब की है। हमारी टीम अपने प्रयासों से ग्रुप में शीर्ष पर रही। अभी रास्ता लंबा है। हमारी टीम ज्यादा गोल नहीं खाती और यह गोल करने वाली टीम है। हमारी टीम अजेय है। हमारी टीम हर मिनट बेहतर हो रही है। हम अपनी फुटबॉल को अलग अंदाज में विकसित कर सकते हैं।’
खिलाड़ियों की क्षमता का पूरा इस्तेमाल नहीं कर पाया: बिसला
उरुग्वे के कोच मार्सेलो बिसला ने कहा,‘ मैं उरुग्वे के खिलाड़ियों की क्षमता का पूरा इस्तेमाल नहीं कर पाया। वालवदे को बदलू खिलाड़ी के रूप में उतार कर मैंने अपने आक्रमण को धार देने की कोशिश जरूर की।
काबो वर्डे लगातार तीसरा मैच ड्रॉ खेल अतिम 32 में
काबो वर्डे के लिए उरुग्वे को पीछे छोड़ ग्रुप एच में दूसरे स्थान पर रहना एक बड़ी चुनौती थी । काबो वर्डे के लिए इससे भी बड़ी चुनौती थी ग्रुप मे अजेय रहना। पहली बार विश्व कप में शिरकत कर रही काबो वर्डे ने इन दोनों चुनौतियों को पार कर हयुस्टन में ग्रुप एच में सउदी अरब को भी गोलरहित बराबरी पर रोक तीन मैच ड्रॉ खेल तीन अंक ले दूसरे स्थान पर रहकर अंतिम 32 में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना से मियामी में 3 जुलाई को भिड़ने का हक पाया। काबो वर्डे 1998 में फ्रांस में हुए विश्व कप में चिली के बाद अपने सभी ग्रुप मैच ड्रॉ खेलने के बाद इससे आगे तक का सफर तय किया ।
काबो वर्डे और सउदी अरब गोल करने के मौके बनाने के लिए मैच में बराबर जूझती दिखी। काबो वर्डे के जमिरो मोंटेरियो तब गोल करने के करीब जब वह सउदी अरब के अब्दुल हमीद से आगे लेकिन उनके नीचे शॉट को सउदी अरब के गोलरक्षक मोहम्मद अल ओवेस ने बाहर धकेल दिया। काबा वर्डे के नूनो डाकोस्टा गेंद को बॉक्स के उपर पहुंचे और फिर गेंद को लारोज डुराते की ओर सरकार दी लेकिन सउदी अरब के गोलरक्षक ओवेस ने उनके इस प्रयास को नाकाम कर दिया।





