वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी, भारत ए ने जीती त्रिकोणीय वन डे क्रिकेट सीरीज

Vaibhav Suryavanshi's explosive innings; India A wins the triangular ODI cricket series

  • भारत ए ने फाइनल में श्रीलंका ए को दी 66 रन से शिकस्त
  • यश, विप्राज व अनुकूल ने आठ विकेट बांट श्रीलंका ए को 311 पर समेटा

सत्येन्द्र पाल सिंह

नई दिल्ली : बल्लेबाजी की नई सनसनी 15 बरस के वैभव सूर्यवंशी की मात्र 29 गेंदों पर आठ छक्कों और दस चौकों की मदद से 94 रन की तूफानी पारी की बदौलत भारत ए ने मेजबान श्रीलंका ए को दाम्बुला में रविवार को फाइनल में रन से 66 रन से हरा कर त्रिकोणीय वन डे मैचों की क्रिकेट सीरीज जीत ली। वैभव सूर्यवंशी ने अपना अर्द्बशतक मात्र 11 गेंद खेल एक पांच छक्कों और पांच चौकों क मदद से से पूरा किया। मैन ऑफ द’ मैच वैभव सूर्यवंश की भारत की सीनियर ए टीम के लिए यह पहली वन डे सीरीज थी और इसमें उन्होंने बल्ले से धमाल मचा दिया।

बाएं हाथ के वैभव सूर्यवंशी (94) और प्रियांश आर्य (39 रन, 29 गेंद, एक छक्का, छह चौके) की सलामी जोड़ी की पहले विकेट की 132 तथा कप्तान तिलक वर्मा (67 रन, 90 गेंद, एक छक्का चार चौके) की ऋतुराज गायकवाड़ (40 रन, 51 रन , एक छक्का, दो चौके) के साथ तीसरे विकेट की 84 और कुमार कुशाग्र (36 रन, एक छक्का, तीन चौके) के साथ चौथे की 63 रन की भागीदारी की बदौलत भारत ए ने पहले बल्लेबाजी की दावत पाकर निर्धारित 50 ओवर में 9 विकेट पर 377 रन का पहाड़ का स्कोर बनाया। वैभव भले ही पारी के नौवें ओवर ऑफ स्पिनर साहन अर्चियागे की फ्लाइटेड गेंद को उड़ाने की कोशिश में मिडऑफ पर व्यासकांत को कैच थमा छह रन से शतक बनाने से चूके लेकिन उन्होंने बल्ले से छक्कों और चौकों की बारिश कर अपने सलामी जोड़ीदार के साथ शतकीय भागीदारी कर भारत ए के बड़े स्कोर की नींव रख दी। वैभव ने आउट होने के बाद जब अपना हेलमेट उतारा तो श्रीलंका ए के विकेटकीपर निरोशन डिकवाला ने उनकी पीठ थपथपाई और इससे श्रीलंका ए के खिलाफ पिछले मैच में उसके खिलाड़ियों की हाथापाई की टीस जरूर कुछ कम हुई होगी।

तेज गेंदबाज यश ठाकुर ( 3/45 ), लेग स्पिनर विप्राज निगम (3/60 ) और बाएं हाथ के स्पिनर अनुकुल रॉय( 2/42 ) ने धारदार गेंदबाजी कर आपस में आठ विकेट बांट सदीरा समरविक्रमे (52 रन, 44 गेंद, 9 चौके) और वनुजा सहन ( 62 रन,69गेंद, 5 चौके) के अर्द्बशतकों के बावजूद श्रीलंका ए को 47.1 ओवर में 311 रन पर समेट कर भारत को ए को फाइनल व त्रिकोणीय वन डे सीरीज जिता दी। यश ठाकुर ने पारी के शुरू के दस ओवरों मे श्रीलंका ए के शीर्ष तीन बल्लेबाजों -सलामी बल्लेबाज अविष्का फर्नांडो (3 रन, 3 गेंद), निरोशन डिकवाला(25 रन, 17 गेंद, एक छक्का, चार चौके) और नुवानिडू फर्नांडो (21 रन, 21 गेंद, एक छक्का, दो चौके) को शुरू के दस ओवर में 75 रन पर पैवेलियन लौटा ऐसे झटके दिए की मेजबान टीम इससे संभल ही नहीं पाए। सदीरा की कप्तान साहन अर्चियागे(38 रन, 40 गेंद, एक छक्का, चार चौके) के साथ चौथे विकेट के लिए 53 तथा वनुजा साहन और विजयकांत व्यासकांत (39 रन, 34 गेंद,5 चौके) के साथ सातवें विकेट की 77 रन की भागीदारियां भी श्रीलंक ए के काम नहीं आई। समरविक्रमे के भारत ए के लंबे कद के तेज गेंदबाज अशोक शर्मा की शॉर्ट गेंद को कट करने की कोशिश में विकेटकीपर कुमार कुशाग्र को कैच थमाने से उनकी और अर्चियागे की चौथे विकेट की भागीदारी टूटी। बाएं हाथ के स्पिनर अनुकूल रॉय ने व्यासकांत को स्लॉग स्वीप पर मजबूर कर वैभव सूर्यवंशी के हाथो मिड विकेट पर कैच करा श्रीलंका ए का स्कोर सात विकेट पर 254 कर दिया। वनुजा साहन(62) 42 वें ओेवर में विप्राज निगम की फ्लाइटेड गेंद को रिवर्स स्वीप करने की कोशिश में कप्तान तिलक वर्मा को कैच दे बैठे और श्रीलंका ए का आठवां विकेट 284 पर गिर गया।

वैभव (94) ने प्रियांश(39) साथ 8.5 ओवर में भारत ए की पारी का तूफानी आगाज कर 132 रन जोड़े लेकिन इसके बाद ये दोनों दो रन के भीतर आउट हो गए। तब अनुभवी ऋतुराज गायकवाड़ (40) और कप्तान तिलक वर्मा ने भारत के स्कोर को 220 पर पहुंचाया था कि तभी गायकवाड़ तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की गेंद को लेग साइड पर खेलने से चूके और बोल्ड हो गए।

कुमार कुशाग्र(36) ने ऑफ स्पिनर रवींदु फर्नांडो की गेंद को रिवर्स स्वीप करने की कोशिश में विकेटकीपर डिकवाला को कैच दे बैठे और भारत ए ने चौथा विकेट 283 रन पर खोया स्कोर में दो रन और जुड़े थे कि कप्तान तिलक वर्मा 67) वनाजू साहन की गेंद को स्लॉग स्वीप करने की कोशिश में डीप मिडविकेट पर अविष्का फर्नांडो को कैच थमा बैठे। तब क्रीज पर सूर्यांश शेगड़े और निशांत सिंधू के रूप में भारत ए के दो नए बल्लेबाज क्रीज पर थे। सूर्यांश (2) ने ऑफ स्पिनर रवींदु फर्नांडो की गेंद को स्वीप करने से चूके और बोल्ड हो गए और भारत ने छठा विकेट 42 वें ओवर मे 289 पर खोया। निशांत सिंधू (16 रन, 18 गेंद, एक चौका) स्पिनर वनुजा सहन की गेंद को उड़ाने की कोशिश रवींदु फर्नांडो को लॉन्ग ऑन पर कैच दे बैठ और भारत ने सातवां विकेट 47 वें ओवर में 330 पर खोया और स्कोर में चार रन ही ओर जुड़े थे कि विप्राज निगम (27 रन,20 गेंद, एक छक्का, दो चौके) ने तेज गेंदबाज कुगथा मथुलान की गेंद को उड़ाने की कोशिश में लॉन्ग ऑन पर शिराज को कैच थमा दिया। अनुकूल राय ने नौवे बल्लेबाज के रूप मे मुथूलान को खेलने से चूक पारी की आखिरी गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट होने से पहले मात्र 15 गेंद खेल कर चार छक्कों व एक चौके की मदद से 39 रन की पारी खेल कर भारत ए को नौ विकेट पर 377 रन पर पहुंचाया।

मैंने इस त्रिकोणीय वन डे सीरीज से बहुत कुछ सीखा : वैभव सूर्यवंशी
मैन ऑफ द’ मैच वैभव सूर्यवंशी ने कहा,‘ मैंने कुछ नहीं सोचा था। मैं शुरू के दस ओवरों में बस वही करना चाहता जो योजना बनाई थी और वहीं से आगे बढ़ना चाहता था। मैं इससे पहले अपनी योजना को अमली जामा नहीं पा रहा था। कोचों से बात करने के बाद सब कुछ सही हो गया। मैंने इस त्रिकोणीय वन डे सीरीज से बहुत कुछ सीखा। मैं नहीं जानता कि लोग यह जानते हैं कि मैंने बहुत बहुत वन डे क्रिकेट खेली है। चुनौती बस अलग अलग स्थितियों के मुताबिक खुद को ढालने की थी और इस चुनौती को स्वीकारना अच्छा रहा।’

अहम था मैच से पहले योजना बनाना: तिलक वर्मा
भारत ए के कप्तान तिलक वर्मा ने कहा,‘ खासतौर पर लगातार दो मेच हारने के बाद टीम ने हर किसी ने अपना जज्बा दिखाया। इसके बाद बड़े अंतर से जीतना शानदार रहा। हमारी टीम में हर कोई घरेलू क्रिकेट खेला है और अनुभवी है। बस अहम था मैच से पहले योजना बनाना। हमे जोरदार आगाज करने के बाद पारी को संभाला और फिर तेज अंदाज में पारी का समापन किया। गेंदबाजी इकाई के प्रदर्शन से कुछ निराश हं लेकिन इस तरह की एक सीरीज में ऐसा होता है। हमारी टीम बहुत बढ़िया है।

वैभव सूर्यवंशी ने गजब की पारी खेली :अर्चिगे
श्रीलंका ए के कप्तान साहन अर्चिगे ने कहा,‘ वैभव सूर्यवंशी ने गजब की पारी खेली। जब हम फाइनल में बड़े स्कोर का पीछा कर रहे थे तो शीर्ष क्रम सस्ते में आउट हो गया। ऐसा होता है। हमारे नौजवान खिलाड़ी बढ़िया खेले और सीनियर खिलाड़ियों ने भी रन बनाए। यह त्रिकोणीय वन डे सीरीज बढ़िया रही।’