दुनिया का सबसे बड़ा नेशनल हाईवे नेटवर्क
गोपेन्द्र नाथ भट्ट
भारत के सड़क परिवहन और राजमार्ग क्षेत्र में पिछले एक दशक में जो परिवर्तन देखने को मिला है, वह केवल आंकड़ों का विस्तार नहीं बल्कि देश की विकास यात्रा का नया अध्याय है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क अवसंरचना को राष्ट्रीय विकास का सबसे प्रभावी माध्यम बना दिया है। यही कारण है कि आज भारत दुनिया के सबसे बड़े राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क वाले देशों में अग्रणी स्थान पर पहुंच चुका है और आधुनिक एक्सप्रेसवे, ग्रीनफील्ड कॉरिडोर तथा आर्थिक गलियारों का विशाल जाल देश की नई पहचान बन रहा है।
कभी राष्ट्रीय राजमार्गों की सीमित पहुंच विकास की गति में बाधा मानी जाती थी, लेकिन पिछले वर्षों में स्थिति तेजी से बदली है। आज देश के लगभग हर क्षेत्र को उच्च गुणवत्ता वाले राजमार्गों से जोड़ने का अभियान चल रहा है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे, नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग जैसे अनेक बड़े प्रोजेक्ट भारत के आधुनिक बुनियादी ढांचे की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रहे हैं।
नितिन गडकरी की कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता समयबद्धता, तकनीकी नवाचार और परिणाम आधारित दृष्टिकोण है। उन्होंने सड़क निर्माण को केवल इंजीनियरिंग परियोजना नहीं, बल्कि आर्थिक परिवर्तन का माध्यम माना। उनके नेतृत्व में नई तकनीकों, हरित निर्माण सामग्री, डिजिटल मॉनिटरिंग, फास्टैग आधारित टोल व्यवस्था और बेहतर परियोजना प्रबंधन को बढ़ावा मिला। इससे निर्माण की गति बढ़ी, लागत नियंत्रण में आई और यात्रियों को सुरक्षित तथा सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलने लगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्पष्ट दृष्टिकोण रहा है कि मजबूत आधारभूत संरचना ही विकसित भारत की नींव है। इसी सोच के अनुरूप सड़क, रेल, बंदरगाह, हवाई अड्डों और लॉजिस्टिक्स को एकीकृत करते हुए पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान को आगे बढ़ाया गया। राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार केवल शहरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों, आदिवासी इलाकों, औद्योगिक क्लस्टरों, पर्यटन स्थलों और कृषि उत्पादक क्षेत्रों तक भी बेहतर संपर्क स्थापित किया गया। इससे क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने और संतुलित विकास को नई दिशा मिली है।
सड़क नेटवर्क का सबसे बड़ा लाभ देश की अर्थव्यवस्था को मिला है। बेहतर राजमार्गों से माल परिवहन की लागत घट रही है, यात्रा का समय कम हो रहा है और उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ रही है। किसानों की उपज तेजी से बाजार तक पहुंच रही है, पर्यटन को प्रोत्साहन मिल रहा है और निवेश के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। छोटे शहर और कस्बे भी राष्ट्रीय आर्थिक गतिविधियों से तेजी से जुड़ रहे हैं। यह परिवर्तन आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती प्रदान कर रहा है। राजमार्गों के विस्तार का प्रभाव सामाजिक जीवन पर भी स्पष्ट दिखाई देता है। बेहतर सड़कें शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक लोगों की पहुंच आसान बना रही हैं। आपदा या आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों की गति बढ़ी है। सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क संपर्क मजबूत होने से राष्ट्रीय सुरक्षा को भी नया बल मिला है। यही कारण है कि सड़क अवसंरचना को आज विकास और सुरक्षा दोनों की दृष्टि से रणनीतिक महत्व प्राप्त है।
राजस्थान जैसे विशाल भौगोलिक क्षेत्र वाले राज्यों को भी इस अभियान का विशेष लाभ मिला है। दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेसवे, अमृतसर-जामनगर आर्थिक कॉरिडोर तथा अनेक राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं ने राज्य के औद्योगिक, पर्यटन और कृषि क्षेत्रों को नई संभावनाएं दी हैं। पचपदरा रिफाइनरी, औद्योगिक निवेश और लॉजिस्टिक विकास जैसी परियोजनाओं को बेहतर सड़क संपर्क से अतिरिक्त गति मिलने की उम्मीद है। हालांकि चुनौतियां भी कम नहीं हैं। भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा और परियोजनाओं का समय पर पूरा होना लगातार ध्यान मांगते हैं। सड़क निर्माण के साथ वृक्षारोपण, वन्यजीव संरक्षण, दुर्घटना नियंत्रण और गुणवत्तापूर्ण रखरखाव पर भी समान रूप से जोर देना आवश्यक है। विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन ही भविष्य की सबसे बड़ी कसौटी होगा।
निस्संदेह, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन और नितिन गडकरी के क्रियान्वयन ने भारत के सड़क क्षेत्र में नई क्रांति का सूत्रपात किया है। एक्सप्रेस-वे और राष्ट्रीय राजमार्ग केवल कंक्रीट और डामर की सड़कें नहीं हैं, बल्कि वे भारत की आर्थिक शक्ति, सामाजिक समावेशन और विकसित राष्ट्र बनने की आकांक्षा के सशक्त प्रतीक हैं। यदि यही गति और गुणवत्ता बनी रही, तो आने वाले वर्षों में भारत का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क केवल दुनिया का सबसे बड़ा ही नहीं, बल्कि सबसे आधुनिक, सुरक्षित और प्रभावी नेटवर्क बनने की दिशा में भी नई मिसाल स्थापित करेगा।




