सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : बेल्जियम और नीदरलैंड की संयुक्त मेजबानी में 15 से 30 अगस्त तक होने वाले 16 वें एफआईएच पुरुष और महिला हॉकी विश्व कप में नए फॉर्मेट में क्वॉर्टर फाइनल को हटाने से इसके खिताब तक पहुंचने का एक नया रास्ता मिल गया है। भारत के चीफ कोच क्रेग फुल्टन ने एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 के नए फॉर्मेट की बाबत कहा कि हमें इसमें मजबूत आगाज बेहद जरूरी है क्योंकि पहले चरण से आगे बढ़ने वाली टीमों के बीच मैचों के नतीजों का अगले चरण पर बहुत असर पड़ सकता है। फुल्टन ने कहा, ‘ बेशक एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप का फॉर्मेट बहुत बदल गया है,पहले क्वॉर्टर फाइनल होने से अब इसके न होने तक। ऐसे में पूल मैचों पर जोर देना वाकई बहुत जरूरी है क्योंकि इसमें दो शीर्ष टीमें ही आगे बढ़ेगी। दो टीमों के बीच मैचों का नतीजा बहुत अहम हो गया क्योंकि अगर एक टीम दूसरी टीम को हराती है तो पूल चरण में जीत से मिले तीन अंक अगले दौर में जुड़ जाते हैं। इससे आप अगले ग्रुप से आगे बढ़ सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए बेहतर और मजबूत स्थिति में आ जाते हैं।’
फुल्टन ने पूरे पूल चरण में गोल अंतर और रक्षात्मक अनुशासन बनाए रखने पर की अहमियत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा,‘ बेशक यह अलग है, यह न तो अच्छा है न ही बुरा । अगर हम बढ़िया आगाज करते हैं तो हम इस नए फॉर्मेट को अपने लिए लाभदायक बना सकते हें। हम अपने गोल अंतर को संभाल सकते हैं। नए फॉर्मेट में ग्रुप में शीर्ष पर रहने वाली टीम का फैसला सबसे ज्यादा के जीत के आधार पर होता है और गोल अंतर पर इसके बाद विचार किया जाता है। मैच यदि ड्रॉ रहता है तो फिर फैसला गोल अंतर से होता है।
महिला हॉकी विश्व कप का नया फॉर्मेट है नई चुनौती : मराइन
महिला हॉकी विश्व कप से पहले भारतीय महिला हाकी टीम के चीफ कोच शुएर्ड मराइन ने कहा कि विश्व कप का नया फॉर्मेट टीमों के सामने नई चुनौती पेश करता है और साथ इससे मिलने वाले मौकों पर भी जोर देकता है। मराइन कहते हैं, ‘महिला हॉकी विश्व कप का नया फॉर्मेट रोचक है पर मैं इसमें बेशक मेरी पसंद क्वॉर्टर फाइनल वाला फॉर्मेट है। मेरा मानना है एफएचआई रैंकिंग में उंची वरीयता वाली टीमें बेशक इस नए फॉर्मेट को पसंद करेंगी, पर मेरा मानना है कि टूर्नामेंट में क्वॉर्टर फाइनल बेहद रोमांचक मैच होते हैं। अब नया फॉर्मेट चाहे जैसा है है हमें इसका सामना इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाने की कोशिश करेंगे मैं हमेशा मौकों की बाबत सोचता हूं और इस नए फॉर्मेट में भी मौके हैं।
महिला और पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 का नया फॉर्मेट
हॉकी विश्व कप में पुरुष और महिला दोनों संस्करणों में 16- 16 टीमों शिरकत करेंगी और इसमें पहले चरण में इन्हें चार चार टीमों के चार पूल -ए, बी, सी और डी में बांटा गया है। पिछले संस्करणों की तरह इस बार क्वॉर्टर फाइनल नहीं होगा। दूसरे चरण से दो शीर्ष टीमें सीधे सेमीफाइनल में पहुंचेगी। भारत की पुरुष टीम पूल डी में इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स के साथ है। वहीं भारतीय महिला हॉकी टीम को चीन, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के साथ पूल डी में रखा गया है। दोनों वर्गों में 15 से 20अगस्त तक पहले चरण में सभी चार पूल की टीमें चारों टीमें अपने अपने पूल की बाकी तीनों टीमों से पहले चरण में भिड़ेगी और इन्हीं के आधार पूल में पहले से चौथे स्थान का फैसला होगा। दूसरे चरण में 21 से 24 अगस्त तक होगा।
पहले चरण की समाप्ति पर टीमें को इसमें हासिल अपने स्थान के चार पूल -ई, एफ, जी और एच में बांटा जाएगा।
दूसरे चरण
पूल ई : पूल ए और पूल डी में पहले और दूसरे स्थान पर रहने वाली टीमें।
पूल एफ :पूल बी और पूल सी में पहले और दूसरे स्थान पर रहने वाली टीमें।
पूल जी : पूल ए और पूल डी में तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें।
पूल एच : पूल बी और पूल सी में तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें।
तीसरा चरण: (27 व 28 अगस्त): वर्गीकरण और सेमीफाइनल मैच। पूल ई और एफ से शीर्ष दो दो टीमें सेमीफाइनल में भिड़ेगी।
पूल जी और एच में हासिल स्थान से पांचवें से 16 वें स्थान पर रहने वाली टीम का फैसला होगा।
दूसरे चरण में हर टीम उस प्रतिद्वंद्वी से तीन और मैच खेलेगी जिससे वह पहले चरण में नहीं भिड़ी थी। इसके अलावा अपने पूल से आगे बढ़ने वाली दूसरी टीम के ख़िलाफ़ पहले चरण के मैच में टीम का नतीजा दूसरे चरण में भी गिना जाएगा।
सेमीफाइनल
पूल ई में पहले स्थान पर रहने वाली टीम पूल एफ में दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम से भिड़ेगी।
पूल एफ में पहले पहले स्थान पर रहने वाली टीम पूल ई में दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम से भिड़ेगी।
पदक के लिए मैच( फाइनल और तीसरे स्थान) : 29 व 30 अगस्त।
29 अगस्त(नीदरलैंड) : महिला हॉकी विश्व कप का फाइनल और कांस्य पदक मैच।
30 अगस्त (बेल्जियम) : पुरुष हॉकी विश्व कप का फाइनल और कांस्य पदक मैच





