वायुशक्ति 2026: थार मरुस्थल में भारतीय वायुसेना ने प्रदर्शित की युद्धक क्षमता और परिचालन दक्षता

Vayu Shakti 2026: Indian Air Force demonstrates combat capability and operational proficiency in the Thar Desert

रत्नज्योति दत्ता

पोखरण (राजस्थान) : भारतीय वायुसेना (IAF) ने शुक्रवार को जैसलमेर जिले स्थित पोखरण एयर-टू-ग्राउंड रेंज में आयोजित वायुशक्ति–2026 अभ्यास के दौरान अपनी युद्धक तैयारी और परिचालन क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

थार मरुस्थल के बीच आयोजित इस अभ्यास में सटीक प्रहार क्षमता तथा बहु-आयामी युद्ध संचालन की व्यापक झलक देखने को मिली।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में आयोजित इस उच्च-स्तरीय अभ्यास ने दिन, सांध्य और रात्रि अभियानों को समन्वित रूप से संचालित करने की वायुसेना की क्षमता को प्रदर्शित किया तथा संकट की स्थिति में देश की ‘प्रथम, तीव्रतम और सबसे प्रभावी प्रतिक्रिया देने वाली शक्ति’ के रूप में उसकी भूमिका को रेखांकित किया।

Vayu Shakti 2026: Indian Air Force demonstrates combat capability and operational proficiency in the Thar Desert

अभ्यास एक सुव्यवस्थित परिचालन परिदृश्य पर आधारित था, जिसमें एकीकृत युद्धक्षेत्र का सिमुलेशन किया गया। रेगिस्तानी आकाश में गूंजती विमानों की गर्जना और सटीक बमबारी ने आधुनिक वायु शक्ति का सशक्त प्रदर्शन प्रस्तुत किया।

राफेल, सुखोई सु-30 एमकेआई, तेजस और मिराज-2000 सहित अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमानों ने काल्पनिक दुश्मन ठिकानों पर सटीक एयर-टू-ग्राउंड हमले किए। वहीं सी-130जे, सी-295 और सी-17 परिवहन विमानों ने त्वरित एयरलिफ्ट अभियान संचालित किए।

अपाचे, चिनूक, लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH), एमआई-17 IV, एएलएच एमके-IV और चेतक हेलीकॉप्टरों ने निम्न-ऊंचाई रॉकेट एवं गन फायरिंग, घायल निकासी तथा दुर्गम युद्धक्षेत्रों में रसद आपूर्ति का प्रदर्शन किया।

वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट थार मरुस्थल में आयोजित लगभग ढाई घंटे तक चले इस अभ्यास का अवलोकन किया।

अभ्यास में शॉर्ट रेंज लोइटरिंग म्यूनिशन्स, आकाश और स्पाइडर सतह-से-आकाश मिसाइल प्रणाली तथा काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम जैसे उन्नत हथियारों का प्रदर्शन किया गया, जिससे भारत की बहु-स्तरीय वायु रक्षा प्रणाली की क्षमता उजागर हुई। ड्रोन और उन्नत रडार नेटवर्क के सहयोग से नेटवर्क-केंद्रित युद्ध संचालन और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का प्रदर्शन किया गया।

वायुसेना ने मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) अभियानों का भी अभ्यास किया, जिसमें देश और विदेश दोनों परिस्थितियों में बचाव एवं निकासी अभियानों की क्षमता प्रदर्शित की गई। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत सहित कई गणमान्य अतिथि इस द्विवार्षिक एयरशो में उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने कहा कि इस प्रमुख एयरशो के दौरान स्वदेशी प्लेटफॉर्मों की व्यापक तैनाती रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर भारत अभियान को प्रतिबिंबित करती है।

“अचूक, अभेद्य और सटीक” मूल मंत्र से प्रेरित इस अभ्यास ने देश की वायुसीमा और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के प्रति वायुसेना की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया।

अभ्यास के समापन पर आयोजित ड्रोन शो ने भारतीय वायुसेना की गौरवशाली विरासत और तकनीकी विकास को श्रद्धांजलि अर्पित की।

फोटो : शिप्रा दास