रविवार दिल्ली नेटवर्क
देवनानी ने सदस्यों की उपस्थिति और परीक्षणों की संख्या बढ़ाने पर दिया जोर
जयपुर : राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बुधवार को विधान सभा की विभिन्न समितियों के सभापतियों से चर्चा करते हुए समितियों को अधिक प्रभावी, क्रियाशील एवं जवाबदेह बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। साथ ही समितियों की बैठकों में सदस्यों की उपस्थिति बढ़ाने के साथ ही परीक्षणों की संख्या में वृद्धि किये जाने पर जोर दिया है।
विधानसभा की समितियां महत्वपूर्ण
देवनानी ने सभापतियों से कहा कि विधानसभा की समितियां महत्वपूर्ण होती है। इसलिए इनको प्रभावी बनाया जाना आवश्यक है। उन्होंने सभापतियों से अपेक्षा की कि समितियों को सशक्त बनाने के लिए इनकी कमियों का निराकरण करे और कार्यों को परिणाम तक पहुंचाएं। देवनानी ने बताया कि विधानसभा की वित्तीय समितियों के माध्यम से वित्तीय प्रबंधन पर पूरी तरह से मॉनिटरिंग होती है। जनलेखा समिति द्वारा अंकेक्षण कार्य किया जाता है। राजकीय उपक्रम समिति, विभिन्न उपक्रमों की कार्यप्रणाली की निगरानी करती है। अनुसूचित जाति कल्याण समिति, अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति, पिछडे वर्ग के कल्याण सबंधी समिति, अल्पसंख्यकों के कल्याण संबंधी समितियों के माध्यम से इन वर्गों की समस्याएं और इनके निमित रखे गए बजट पर चर्चा की जाती है। इसी प्रकार प्रश्न एवं सन्दर्भ समिति, पर्यावरण संबंधी समिति आदि विषयों की समितियां भी अपने- अपने क्षेत्रों की समीक्षा करती है। इससे प्रशासनिक कार्यों में भी सुधार होता है।
समितियां सदन का लघुरूप
विधानसभाध्यक्ष देवनानी ने कहा कि विधानसभा की समितियां सदन का लघुरूप होती है। इन समितियों को अधिक सक्रिय किये जाने की आवश्यकता है। इसके लिए सभापतियों को संबंधित समितियों में सदस्यों की बैठकों में निरन्तर उपस्थिति को आवश्यक रूप से सुनिश्चित करना होगा। साथ ही सदस्यों को समितियों के कार्यों में प्रभावी रूप से शामिल भी करना होगा। प्रत्येक सदस्य बैठक के समय का पूरा सदुपयोग करे। इसके लिए समिति के कार्यों में प्रत्येक सदस्य की रुचि बढ़ाने की आवश्यकता है ।
परीक्षणों की संख्या बढ़ाए
देवनानी ने कहा कि समितियों को उनसे संबंधित विभागों के विभिन्न मामलों में परीक्षणों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। इसके लिए समितियां विभागों के विषयों का चुनाव करें और विभागों को उन मामलों से संबंधित ब्यौरों की वांछित जानकारी आवश्यक रूप से उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित करें। एक महीने में दो परीक्षण आवश्यक रूप से किये जाने चाहिए।यदि विभागीय अधिकारी समय बढ़ाने का अनुरोध करें, तो उस परीक्षण में दो दिन से अधिक समय नहीं दिया जाना चाहिए।
सभापतियों ने भी दिए सुझाव
बैठक में उपस्थित सभापतियों ने समितियों को सक्रिय बनाने के लिए विधानसभाध्यक्ष देवनानी के समक्ष अपने सुझाव दिए। उन्होंने समितियों की बैठक 10 दिन करने, मानदेय बढ़ा कर तीन हजार रुपये किये जाने, घटना एवं दुर्घटनाओं पर समिति को संज्ञान लेने का अधिकार देने, एक जिले में एक महीने में एक बार जाकर प्रत्यक्ष समीक्षा किये जाने, बैठकों का समय प्रथम पारी का प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक और द्वितीय पारी का समय 2:30 से 5:30 करने, परीक्षण में विधानसभा के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किये जाने आदि सुझाव दिए ।
बैठक में ये सभापति रहें उपस्थित-
विधानसभाध्यक्ष देवनानी दवारा बुलाई गई इस बैठक में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, विभिन्न समितियों के सभापतिगण कालीचरण सराफ, राजेन्द्र पारीक, अर्जुन लाल जीनगर, फूल सिंह मीणा, हरि सिंह रावत, केसाराम चौधरी, नरेन्द्र बुडानिया, रमेश खींची, कल्पना देवी, कैलाश चन्द्र वर्मा और जितेन्द्र गोठवाल मौजूद रहे। बैठक में विधान सभा के प्रमुख सचिव श्री भारत भूषण शर्मा भी उपस्थित थे।





